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नीट की दोबारा हुई परीक्षा, जानिए पेपर लीक से लेकर अबू धाबी में सेंटर देने तक सब कुछ
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BBC हिंदी18h agoEducation5 min readIndia

नीट की दोबारा हुई परीक्षा, जानिए पेपर लीक से लेकर अबू धाबी में सेंटर देने तक सब कुछ

Quick Look

नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार को हुई. परीक्षा से पहले एनटीए ने एक छात्र को नागपुर की जगह अबू धाबी सेंटर आवंटित करने पर विवाद खड़ा कर दिया. छात्र के पिता ने कहा कि उन्होंने नागपुर को प्राथमिकता दी थी, जबकि एनटीए ने कहा कि छात्र ने खुद अबू धाबी को चुना था. पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी.

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Why It Matters

नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी और 21 जून को दोबारा आयोजित की जा रही है. इस बीच, एक छात्र को नागपुर की जगह अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित होने से नया विवाद खड़ा हो गया है.

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नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार ( 21 जून 2026) को हुई. उससे पहले सेंटर अलॉट किए जाने को लेकर एक नए विवाद से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) चर्चा में आ गई थी.

दरअसल एक स्टूडेंट ने दावा किया था कि उसका परीक्षा केंद्र नागपुर की जगह अबू धाबी आवंटित कर दिया. हालांकि एनटीए ने स्पष्टीकरण जारी कर अबू धाबी सेंटर अलॉट किए जाने की ज़िम्मेदारी कैंडिडेट पर ही डाल दी.

शनिवार को एनटीए ने कहा कि कैंडिडेट ने खुद पोर्टल के ज़रिए परीक्षा शहर की प्राथमिकताओं में बदलाव किया था. उसने अबू धाबी को पहली और दुबई को दूसरी पसंद के रूप में चुना था.

जबकि स्टूडेंट के पिता अब्दुल्ला तालिब ने कहा कि उनके बेटे ने नीट यूजी परीक्षा के लिए नागपुर, वर्धा और भंडारा परीक्षा केंद्रों को प्राथमिकता दी थी.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित हुई नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की शिकायत के बाद रद्द कर दिया था. एनटीए ने कहा था कि केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है. इसके बाद नीट परीक्षा के लिए नई तारीख़ का एलान किया गया था.

इस बीच नीट पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की.

सीजेपी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े तक जंतर-मंतर छोड़ कर न जाने का एलान किया और दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की मियाद को बढ़ाने की इजाज़त मांगी.

उधर, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को होने वाली परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी थीं.

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर स्टूडेंट्स से कहा, "पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दीजिए. कुछ भी हो, मैं हमेशा आपके साथ हूं और आपकी रक्षा करता रहूंगा."

इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा अच्छे से हो और कोई गड़बड़ी न हो पाए.

एनटीए ने इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखने के लिए एक बयान जारी किया.

बयान के अनुसार, "एनटीए के वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड बताते हैं कि इस मामले में परीक्षा शहर में बदलाव कैंडिडेट के अपने पंजीकृत लॉग-इन के माध्यम से, करेक्शन विंडो खुले होने के दौरान किया गया था. रिकॉर्ड में एक ही यूज़र के लगातार एक्सेस का पैटर्न दिखाई देता है."

अंतिम समय में किए गए अनुरोध के तत्काल समाधान के बारे में कहा गया है, "हालांकि अबू धाबी केंद्र का चयन कैंडिडेट ने खुद किया था, लेकिन एनटीए को 19 जून की शाम (परीक्षा से केवल 48 घंटे पहले) केंद्र को नागपुर में बदलने के लिए एक अनौपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ. एनटीए कर्मियों ने तुरंत केंद्र बदलने की प्रक्रिया शुरू की और 19 जून की शाम को ही अभ्यर्थी के पिता से संपर्क किया, ताकि वे औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर सकें."

"एनटीए ने पाया है कि तीन मौकों पर कैंडिडेट के क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल किया गया. इनमें एक बार केंद्र को अबू धाबी बदला गया और दो बार यह प्रिव्यू देखा गया कि केंद्र अबू धाबी है. इसके बावजूद एनटीए ने अभ्यर्थी के अनुरोध को स्वीकार किया और परीक्षा केंद्र बदलने की कार्यवाही की गई."

नीट कैंडिडेट का दावा है कि उसने रविवार को होने वाली परीक्षा के लिए नागपुर को अपने पसंदीदा परीक्षा केंद्र के रूप में चुना था.

हालांकि, उसके पिता ने कहा कि उसे विदेश में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया.

परिवार ने कहा कि कैंडिडेट के पास पासपोर्ट नहीं है और उनके पास उसे बनवाने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं था.

छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने एएनआई से कहा, "हम अपने बच्चे को परीक्षा देने के लिए विदेश भेजने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं. उसके पास पासपोर्ट तक नहीं है और यात्रा की व्यवस्था करने के लिए भी अब समय नहीं बचा है."

उन्होंने कहा, "नीट की परीक्षा पहले कैंसिल हुई थी और 21 जून को फिर से परीक्षा की घोषणा की गई थी. 14 जून को एडमिट कार्ड जारी करने की तारीख़ दी गई थी. लेकिन एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो रहा था. कल (शुक्रवार) चार बजे वह डाउनलोड हुआ. जब सेंटर देखा तो उसमें अबू धाबी के स्कूल का नाम लिखा था. हम लोग बहुत हैरान हुए. क्योंकि हमने ऐसा कुछ तो लिखा नहीं था."

"इसके बाद हेल्पलाइन पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि एक मेल करिए, इसके बाद हम शनिवार चार बजे तक नया एडमिट कार्ड जारी करते हैं."

इस घटना पर नाराज़गी भी देखने को मिली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट की आलोचना करते हुए कहा कि एजेंसी "देश के धैर्य की परीक्षा ले रही है."

यह मामला सामने आने पर राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है. वह (छात्र) रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है. क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?"

उन्होंने लिखा, "आख़िर ऐसा किस तरह हुआ? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए. एनटीए असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता के सिर्फ़ धीरज की जांच कर रही है. जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकता, उल्टा विदेश भेज सकता है, उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं."

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस घटना पर सवाल किया, "अबू धाबी में परीक्षा केंद्र 2,500 किलोमीटर से भी ज़्यादा दूर है, है न? इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हो सकती है?"

हालांकि शनिवार को सुबह क़रीब 10 बजे ही एनटीए ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि इस मामले में कार्रवाई हो रही है और वेरिफ़िकेशन के बाद कैंडिडेट को नागपुर में परीक्षा केंद्र दे दिया जाएगा.

रविवार को 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

एनटीए ने कहा है कि परीक्षा के दिन कैंडिडेट अपने एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फ़ोटो आईडी और दो पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो अपने साथ ज़रूर ले जाएं.

एनडीटीवी के अनुसार, शनिवार को प्रश्नपत्रों को इंडियन एयर फ़ोर्स के हेलीकॉप्टर से जयपुर के परीक्षा केंद्र पर पहुंचाया गया.

पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली के एक परीक्षा केंद्र में पंखों और ठंडे पेयजल का इंतज़ाम किया जा रहा है.

कर्नाटक के कलबुर्गी में एक परीक्षा केंद्र के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने एएनआई को बताया कि कमरों में सीसीटीवी लगाए गए हैं और केंद्र पर स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ़ के सुरक्षाकर्मी भी तैनात होंगे.

अहमदाबाद में परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और वहां पुलिस ने शनिवार को मॉक ड्रिल भी की.

पुलिस कंट्रोल रूम डीसीपी रीमा मुंशी ने एएनआई को बताया, "शहर के छह जोनल डीसीपी और 15 पुलिस थाने अलर्ट पर रहेंगे. क्राइम ब्रांच क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात करेगी और ड्रोन के जरिए निगरानी रखेगी. साइबर क्राइम ब्रांच सोशल मीडिया पर नज़र रखेगी."

"परीक्षा की पारदर्शिता और शांतिपूर्ण संचालन बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोकॉपी और जेरॉक्स केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं."

इस साल तीन मई को नीट यूजी परीक्षा 2026 एनटीए की देखरेख में कराई गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा इसे कराने का एलान किया गया.

एनटीए के मुताबिक़, दोबारा परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक आयोजित की जाएगी.

इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक़, "12 मई को परीक्षा रद्द किए जाने और कथित पेपर लीक के बाद 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा के बीच 37 दिनों में कम से कम 12 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या कर ली."

Open Questions

  • एनटीए ने छात्र के अनुरोध पर अंतिम समय में केंद्र क्यों बदला?
  • पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
  • क्या भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां रोकी जा सकेंगी?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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