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झारखंड स्टूडेंट आंदोलन का 16वां दिन: सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी
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BBC हिंदी3 hours agoPolitics3 min readIndia

झारखंड स्टूडेंट आंदोलन का 16वां दिन: सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ झारखंड में स्टूडेंट आंदोलन का रविवार को 16वां दिन है। रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बैठक हो रही है।

Quick Look

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के ख़िलाफ़ स्टूडेंट आंदोलन का 16वां दिन है। रविवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच फिर से बातचीत हो रही है, जबकि विभिन्न छात्र संगठन और नेता प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं।

AI-generated summary

Why It Matters

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ छात्र पिछले 16 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार और छात्र संगठनों के बीच समाधान के लिए बैठकें जारी हैं।

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ चल रहे स्टूडेंट आंदोलन का रविवार को 16वां दिन है।

सरकार और आंदोलनकारियों के बीच आज यानी रविवार को फिर से रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में बातचीत हो रही है।

इससे पहले शनिवार को भी सरकार और स्टूडेंट संगठनों के बीच दिनभर बैठकों का दौर चला।

हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आंदोलन से जुड़े एक गुट ने सरकार के इस क़दम को 'राजनीतिक पैंतरेबाज़ी' क़रार दिया।

दरअसल, राज्य सरकार ने शनिवार को प्रदर्शनकारी स्टूडेंट संगठनों के अलग-अलग गुटों के साथ बातचीत की, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।

आंदोलनकारियों ने साफ़ किया कि उनकी सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार की ओर से शनिवार को अलग-अलग स्टूडेंट संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की गई। राज्य सरकार की पांच सदस्यीय समिति ने सबसे पहले झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेकेएलएम) नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले गुट से मुलाक़ात की।

महतो पिछले आठ दिनों से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनशन पर हैं।

इसके बाद सरकार ने कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई, एसीएस और जेसीएम के प्रतिनिधिमंडलों से भी बातचीत की।

बैठक के बाद राज्य मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखा जाएगा।

सरकार के साथ बातचीत के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेने के लिए एक ई-मेल आईडी जारी की है।

उन्होंने कहा कि सरकार सभी स्टूडेंट संगठनों के साथ संवाद कर रही है और सामूहिक निर्णय तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।

सुदिव्य कुमार ने कहा, "हम एक ई-मेल आईडी जारी कर रहे हैं- [email protected]. कोई भी स्टूडेंट, व्यक्ति या संबंधित पक्ष इस ई-मेल आईडी पर अपने सुझाव भेज सकता है।"

"इन सुझावों के आधार पर सरकार सुधार नीति तैयार करने और सभी की राय के आधार पर सामूहिक निर्णय लेने का प्रयास करेगी। प्राप्त ई-मेल के आधार पर सरकार आंदोलनकारियों और अन्य संबंधित पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखेगी।"

इसी बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शनिवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अलग मंच बनाकर आंदोलन को तेज़ करने का एलान किया।

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी प्रदर्शन में शामिल हुईं, उन्होंने 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर नारे लगाए।

आइसा के आंदोलन में शामिल होने के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट संगठनों के अलग-अलग मंचों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

जेएसएससी-जेएसएससी रिफ़ॉर्म्स मंच और जेपीएससी-जेएसएससी कैंडिडेट्स फ़ोरम 25 जुलाई से इसी स्थान पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस बीच, अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा ने भी शनिवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से मुलाक़ात की। उन्होंने आंदोलन को समर्थन दिया।

धरना स्थल पहुंचकर उन्होंने आंदोलन कर रहे विद्यार्थयों का समर्थन किया और उनकी मांगों के प्रति एकजुटता जताई।

पत्रकारों से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने कहा, "मैंने इनमें से कुछ आंदोलनकारियों के इंटरव्यू देखे और उनकी आंखों में दर्द देखे। मैंने उनकी मुश्किलें और उनके आंसू देखे। मेरे यहां आने के लिए बस इतना ही प्रेरणादयक था।"

उन्होंने कहा, "मैं युवाओं से बहुत प्यार करता हूं और उनके साथ खड़े होने आया हूं।"

पीयूष मिश्रा ने बताया कि वह पिछले तीन-चार दिनों से अपनी क्षमता के हिसाब से अभ्यार्थियों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं और आंदोलन में साथ खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद के साथ-साथ उनके लिए खाना, चटाई और तिरपाल जैसी ज़रूरी चीजें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का एक प्रतिनिधि मंडल भी शुक्रवार को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा और आंदोलन को समर्थन दिया।

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक्स पर बताया, "सीजेपी की एक टीम रांची पहुंच गई है। टीम जंतर-मंतर पर आंदोलन के अपने अनुभव का इस्तेमाल झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं की मदद के लिए करेगी। संगठन का नेतृत्व भी जल्द रांची पहुंचेगा।"

उन्होंने झारखंड के स्टूडेंट आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें छात्र-छात्राओं पर गर्व है और वे मज़बूती से उनके साथ खड़े हैं।

उन्होंने छात्र-छात्राओं से एकजुट रहकर अपनी लड़ाई जारी रखने की अपील की और कहा कि आंदोलन की सफलता जल्द मिलने वाली है।

इससे पहले शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस आंदोलन के समर्थन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास की ओर मार्च किया।

मार्च डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री आवास के पास पुलिस बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई।

पुलिस ने क़रीब 8 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। एबीवीपी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के समर्थन में यह मार्च निकाला था।

शुक्रवार को ही झारखंड विधानसभा की ओर मार्च के दौरान आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंकने का मामला सामने आया।

इस घटना के बाद नेहा बोरा ने बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगाए।

नेहा बोरा ने कहा, "जो बीजेपी और आरएसएस के लोग छात्र-छात्राओं के साथ होने का दावा करते हैं, वही स्टूडेंट मार्च के दौरान मुझ पर स्याही फेंक रहे हैं। अभ्यार्थी जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे।"

उन्होंने कहा, "क्या उन्हें लगता है कि स्याही फेंकने से अभ्या और युवाओं का गुस्सा दब जाएगा? हम खुली चुनौती देते हैं कि अगर उभरता हुआ स्टूडेंट आंदोलन उनकी नफ़रत की राजनीति की नींव नहीं हिला पाया, तो यह स्टूडेंट राजनीति के लिए शर्म की बात होगी।"

आइसा नेता ने आरोप लगाया कि जिन लोगों का अभ्यार्थियों के मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है, वे अपने राजनीतिक हितों के इन मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत जारी रहेगी

    Very likely · Within days

Open Questions

  • क्या सरकार सभी मांगें मानेगी?
  • आंदोलन कब तक समाप्त होगा?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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