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जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ मारपीट
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जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ मारपीट

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जयपुर में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान संस्थापक अभिजीत दीपके पर हमला हुआ। हमलावरों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।

AI-generated summary

Why It Matters

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही थी। सीजेपी की शुरुआत सीजेआई द्वारा युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने के बाद हुई थी।

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प्रकाशित 9 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 5 मिनट

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ सोमवार को जयपुर में मारपीट हुई है.

दरअसल, जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर सीजेपी नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थी.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अभिजीत दीपके को उनके समर्थक कंधे पर बैठकार ले जा रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ युवकों ने अचानक उन पर हमला कर दिया.

इसके बाद भीड़ ने युवकों को पीटा, हालांकि अभिजीत दीपके ने मंच से कहा कि हमला करने वाले युवकों को छोड़ दिया जाए.

इधर, कॉकरोच जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने भी बीबीसी से कहा कि अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने वालों को पुलिस ने पकड़ लिया है

जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के सहयोगी पत्रकार मोहर सिंह मीणा से फ़ोन पर बताया है कि, "अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने वाले तीन युवकों समेत पांच युवकों को डिटेन किया है. हम जांच कर रहे हैं कि यह किसी संगठन से जुड़े हुए हैं या नहीं."

मारपीट के बाद अभिजीत दीपके ने बयान जारी किया है.

दीपके ने कहा है कि हमला करना डर और कायरता की निशानी है. साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को दोहराया.

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अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "फ़िज़िकल अटैक डर और कायरता की निशानी है. हम अपनी आवाज़ शांति से उठाते रहेंगे."

उन्होंने लिखा, मैं गांधी और आंबेडकर का अनुयायी हूं और इस लड़ाई को शांति और प्यार से लड़ता रहूंगा. धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए."

उल्लेखनीय है कि जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर सीजेपी नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थी.

अभिजीत दीपके को उनके समर्थक कंधे पर बैठाकर ले जा रहे थे, तभी कुछ युवकों ने अचानक उन पर हमला कर दिया था.

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी एक्स पर लिखा, "जिन लोगों ने दीपके पर हमला किया, वो सब एक राष्ट्रीय पार्टी से जुड़े हैं. उनके चेहरे पहचान लिए गए हैं. इन सभी शरारती तत्वों को बेनक़ाब किया जाएगा."

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सीसोदिया ने दीपके पर हुए हमले की आलोचना की.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "एक डरे हुए और भ्रष्ट राजा की गुंडों की सेना यही कर सकती है. यही लोग हैं जो नीट जैसे पेपर लीक करवाकर लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद करते हैं, और अब जब देश के युवा शिक्षा मंत्री से इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं, तो उन पर हमला कर रहे हैं, ये बहुत ही कायराना हरकत है."

क्या है सीजेपी और कैसे हुई शुरुआत?

कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट पर इसके संस्थापक और संयोजक की जानकारी दी गई है और उनका नाम अभिजीत दीपके है.

अभिजीत दीपके से बीबीसी न्यूज़ मराठी ने विस्तार से बात की है जिसमें उन्होंने बताया है कि इस तरह का सोशल मीडिया कैंपेन उन्होंने किस वजह से शुरू की.

इस तरह के सोशल मीडिया कैंपेन का आइडिया कहां से आया? इस सवाल पर अभिजीत दीपके कहते हैं, "मैं ट्विटर (अब एक्स) पर सीजेई (भारत के मुख्य न्यायाधीश) का बयान देख रहा था जहां पर वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे."

"मैंने इसे बेहद हास्यास्पद समझा क्योंकि सीजेआई को देश के संविधान का संरक्षक माना जाता है. वो संविधान जो हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आज़ादी देता है. अब एक ऐसा शख़्स जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए वो कैसे युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर सकता है."

"इसने मुझे ग़ुस्से और निराशा से भर दिया और ट्विटर पर मैंने इस पर अपनी राय दी. मैंने पूछा कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा. मुझे जेन ज़ी और 25 साल तक के युवाओं के कमाल के जवाब मिले और उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफ़ॉर्म बनाना चाहिए."

"इसने मुझे आइडिया दिया कि हमें ऑनलाइन एक पैरोडी पार्टी बनानी चाहिए, जिसका नाम कॉकरोच जनता पार्टी हो. अगर आप हमें कॉकरोच कह रहे हैं तो ठीक है, हम कॉकरोच जनता पार्टी बनाते हैं. इस पार्टी में शामिल होने के लिए मैंने पात्रता तय कीं, जैसे- आपको आलसी होना होगा जैसा सीजेआई ने कहा, आपको बेरोज़गार होना होगा और आप लगातार ऑनलाइन रहने वाले हों जैसा सीजेआई ने कहा था."

"उन्होंने (सीजेआई) जिन भी शब्दों का इस्तेमाल युवाओं को बेइज़्ज़त करने के लिए किया, हमने उन्हें इस पार्टी का सदस्य बनने के लिए पात्रता रखा है. कुछ ही घंटों में इसने चमत्कार कर दिया और हर कोई इस पर प्रतिक्रिया देने लगा और ख़ुद को रजिस्टर्ड करने लगा."

"इसके बाद हमें लगने लगा कि ये बड़ा होने वाला है और सिर्फ़ मज़ाक नहीं रह गया है क्योंकि लोग निराश हो चुके थे और हमने एक वेबसाइट बनाई, पार्टी का घोषणापत्र बनाया. इंस्टाग्राम पर हमारे दो मिलियन फ़ॉलोअर्स (अब चार मिलियन से अधिक) हो चुके हैं और दो लाख से ज़्यादा लोगों ने ख़ुद को कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य के तौर पर रजिस्टर किया है. भारतीय राजनीति में ये काफ़ी समय के बाद अभूतपूर्व है."

अभिजीत दीपके कौन हैं?

किसी भी राजनीतिक दल या आंदोलन के लिए एक नेता बहुत ज़रूरी होता है. अभिजीत दीपके आख़िर कौन हैं?

इस सवाल पर वो कहते हैं, "मैं महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से हूं. ग्रैजुएशन के लिए मैं पुणे गया. इसके बाद मुझे कुछ सालों के लिए आम आदमी पार्टी के साथ काम करने का मौक़ा मिला जहां मैं उनकी कम्युनिकेशन टीम में था."

"मैं उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर काम करने की वजह से उनसे आकर्षित था. ये कुछ नया था जो पहली बार भारतीय राजनीति में हो रहा था. जैसे आज कॉकरोच जनता पार्टी नई है, ऐसा ही मुझे लगा कि वो कुछ नया बदलाव लाने जा रहे हैं. मैंने कुछ समय के लिए उनके साथ काम किया फिर मुझे लगा मुझे और पढ़ने की ज़रूरत है और मैं घर पर मास्टर्स की तैयारी करने लगा. मुझे बोस्टन यूनिवर्सिटी से बुलावा आया. मैं दो साल से यहां पर हूं और अपनी ग्रैजुएशन पूरी की है."

कॉकरोच जनता पार्टी का घोषणापत्र काफ़ी ध्यान खींचने वाला है. इस पर अभिजीत कहते हैं, "मुझे लगता है कि घोषणापत्र इस समय भारत के लोकतंत्र और वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बारे में बताता है. हम लगातार देख रहे हैं कि वो जज जिन्हें निष्पक्ष रहना होता है, जिनका सरकार से कुछ लेना-देना नहीं होना चाहिए वो रिटायरमेंट के बाद सरकार से लाभ ले रहे हैं. ये बहुत ख़तरनाक है क्योंकि न्यायपालिका को स्वतंत्र रहना होता है. अगर न्यायपालिका भी सरकार की राह पर चलेगी तो फिर क्या रह जाएगा. फिर लोकतंत्र को कौन बचाएगा."

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • हमलावरों के संबंध में जांच जारी रहेगी और उनकी पहचान राष्ट्रीय पार्टी से जुड़े होने की पुष्टि हो सकती है।

    Possible · Within weeks

Open Questions

  • हमलावरों का किसी संगठन से संबंध है या नहीं?
  • हमलावरों की पहचान राष्ट्रीय पार्टी से जुड़ी है या नहीं?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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