
13 वर्षों की सेवा के बाद आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफ़ा, सोशल मीडिया पर साझा की भावुक पोस्ट
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर 13 वर्षों की अपनी सेवा यात्रा को विराम देने की घोषणा की है, हालांकि इस्तीफ़े का ठोस कारण स्पष्ट नहीं किया है।
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पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश कैडर के लगभग एक दर्जन आईएएस अधिकारियों ने सेवा छोड़ी है। यह घटनाक्रम नौकरशाही में बढ़ते इस्तीफ़ों और वीआरएस के चलन के बीच हुआ है।
उत्तर प्रदेश कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी दिव्या मित्तल ने इस्तीफ़ा दे दिया है। वो फ़िलहाल उत्तर प्रदेश सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं।
दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफ़े के बार में सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखी है। हालाँकि उन्होंने इस्तीफ़ा क्यों दिया, इसके बारे में कोई ज़िक्र नहीं किया है। उनके सोशल मीडिया पोस्ट को कई लोगों ने शेयर किया है और इस मुद्दे पर कई तरह की टिपप्णियां सामने आ रही हैं।
वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर बिना किसी घटना का ज़िक्र किए अधिकारियों के सामने भ्रष्टाचार को एक बड़ा मुद्दा बताया है।
साल 1983 में जन्मीं दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग और फिर आईआईएम बेंगलुरु से मैनेजमैंट की पढ़ाई की है। उन्होंने पहले लंदन में भी काम किया है। वो साल 2013 बैच की आईएएस ऑफ़िसर हैं। मसूरी में ट्रेनिंग के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में कई पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
मेरठ में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद से नौकरशाही में आने वालीं दिव्या मित्तल करियर के शुरुआती दौर में गोंडा की चीफ़ डेवलपमेंट ऑफ़िसर भी रहीं। वो संत कबीर नगर, मिर्ज़ापुर और देवरिया में डीएम और कलेक्टर के पद पर भी रहीं। इसी साल 6 मई से दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश सरकार में राजस्व विभाग की विशेष सचिव नियुक्त की गई थीं।
इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने एक्स पर लिखा, "आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए आईएएस से त्यागपत्र दे दिया है। साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी।"
उन्होंने अपनी पोस्ट में निजी अनुभव और खुशियों से जुड़ी कई भावुक बातों का ज़िक्र किया है। लंदन से लौटने के मुद्दे पर उन्होंने लिखा, "मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूँ। सच यह है कि सबसे ज़्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज़ और भी बढ़ता गया। इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी।"
दिव्या मित्तल नौकरशाही के पेशे में रहकर भी सोशल मीडिया पर काफ़ी सक्रिय दिखती रही हैं। वह कभी आईएएस (यूपीएससी) की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को टिप्स देती दिखती थीं तो कभी किसी किताब की चर्चा करती थीं। दिव्या मित्तल सोशल मीडिया पर कई मुद्दों पर लोगों को हौसला बढ़ातीं या उन्हें सलाह देती नज़र आती थीं।
सोशल मीडिया पर अलग-अलग ज़िलों के डीएम के तौर पर भी दिव्या मित्तल के कई पोस्ट नज़र आते हैं और वह वीडियो के ज़रिए भी कई बार लोगों को संदेश देते या संबोधित करते नज़र आती रही हैं। उनके वीडियो को देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अपने काम को लेकर वह बहुत उत्साहित रही हैं, उसके साथ अक्सर जुड़ी हुई नज़र आती थीं।
हालांकि इसके विपरीत एक तथ्य यह भी है कि पिछले कुछ साल में उत्तर प्रदेश के कई बड़े अधिकारी अपनी नौकरी छोड़ चुके हैं। दिव्या मित्तल के इस्तीफ़े के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग इस पर टिप्पणी कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया कि यूपी में बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार के कारण ईमानदार अधिकारी कई तरह के दबाव में हैं। उन्होंने "कमीशनख़ोरी से भ्रष्टाचार करने, भाजपाइयों को टेंडर दिलवाने में हेराफेरी करने, ट्रांसफ़र-पोस्टिंग को धंधा बनाते हुए पैसे लेने, चंदा-पर्ची कटवाकर वसूली करवाने, विपक्ष पर झूठे मुक़दमे लगाने" जैसे कई गंभीर आरोप सोशल मीडिया पर लगाए।
अंग्रेज़ी अख़बार हिन्दुस्तान टाइम्स की 13 दिसंबर 2025 की ख़बर के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के आईएएस अधिकारी लगातार वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) मांग रहे हैं। अख़बार के मुताबिक़, अधिकारी इसके पीछे निजी वजहों या सरकार के बाहर नौकरी के बेहतर अवसर मिलने का हवाला दे रहे हैं। ख़बर के मुताबिक़, पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश कैडर के क़रीब एक दर्जन आईएएस अधिकारी सेवा छोड़ चुके हैं, जिनमें वीआरएस लेने वाले अधिकारी भी शामिल हैं, और आने वाले महीनों में और अधिकारियों के सेवा छोड़ने की संभावना है।
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