ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों पर हमला किया
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ईरान की आईआरजीसी ने होर्मुज़ स्ट्रेट में दो जहाज़ों पर हमला किया है. यह हमला अमेरिकी सेना की ओर से नए हमलों के जवाब में हुआ है. ईरान ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया गया है, लेकिन अमेरिका का कहना है कि जहाज़ों का आवागमन जारी है.
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Author, हैरी सेकुलिच
और
Author, टोबी मैन
प्रकाशित 4 मिनट पहले
पढ़ने का समय: 4 मिनट
अमेरिकी सेना की ओर से नए हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों पर हमला किया है.
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) का कहना है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों को निशाना बनाया है.
अमेरिका के ताज़ा हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान पर 'सख़्ती से' हमला किया जाएगा और तेहरान ने जंग ख़त्म करने के लिए 'समझौता करने में बहुत देर कर दी है.'
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि उसने बुधवार को 'आत्मरक्षा में हमले' शुरू किए, जो 'ईरान की बेवजह और लगातार जारी आक्रामकता के जवाब' में किए गए.
इसके बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि आईआरजीसी ने होर्मुज़ स्ट्रेट में दो जहाज़ों पर हमला किया.
हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे के सैन्य और निगरानी ठिकानों को निशाना बनाया है.
यह जवाबी हमलों की बढ़ती कड़ी का हिस्सा है और अप्रैल में हुए एक नाज़ुक युद्धविराम पर फिर से संकट छा गया है.
होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह बंद- ईरान
फ़ारस की खाड़ी में स्थित ईरान के क़ेशम द्वीप पर भी धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं. इसके अलावा बंदर अब्बास और सीरिक समेत कई अन्य शहरों में भी धमाके की ख़बरें हैं.
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अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज़ स्ट्रेट को 'हर प्रकार के जहाज़ के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है.'
हालांकि, सेंटकॉम ने कहा कि "कारोबारी जहाज़ अब भी होर्मुज़ स्ट्रेट से अंदर और बाहर आ-जा रहे हैं."
ताज़ा अमेरिकी हमला शुरू होने से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी, "हमने कल उन पर सख़्ती से हमला किया था और आज भी हम उन पर सख़्ती से हमला करने जा रहे हैं."
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरानी नेताओं ने 'समझौते पर बातचीत करने में बहुत ज़्यादा समय लगा दिया है', जबकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका 'अपने विरोधाभासी संदेशों के ज़रिए कूटनीतिक प्रक्रिया को नुक़सान पहुंचा रहा है.'
ट्रंप की टिप्पणियों के जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा कि ईरान 'किसी भी दबाव या धमकी के सामने डटकर खड़ा रहेगा.'
इसके बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसथ ने कहा कि ईरान के 'महत्वपूर्ण ठिकानों पर बम गिराए जाएंगे.'
हेगसथ ने कहा कि ईरान को समझौता करने का मौक़ा दिया गया था, लेकिन उसने उसका फ़ायदा नहीं उठाया.
उन्होंने कहा कि ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर फिर हमला किया जाएगा.
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
अप्रैल में अमेरिका और ईरान ने एक युद्धविराम पर सहमति जताई थी, जो शुरुआत में दो हफ़्ते तक लागू रहने वाला था.
इसके बाद से दोनों पक्षों ने बीच-बीच में एक-दूसरे पर गोलीबारी की है, लेकिन हालात दोबारा पूर्ण युद्ध की स्थिति तक नहीं पहुंचे.
हालांकि, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कराने की हालिया कोशिशें रुक गई हैं और हमलों की रफ़्तार बढ़ गई है.
मंगलवार को एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर को मार गिराया गया था. अमेरिका ने इसके लिए ईरान पर आरोप लगाया गया था.
इसके बाद अमेरिका ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में आईआरजीसी ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि मध्य पूर्व 'और गहरे संकट की तरफ़ खिंचता जा रहा है' और हालिया हमलों का मतलब है कि 'युद्धविराम अब युद्धविराम से ज़्यादा एक सीमित संघर्ष जैसा दिखता है.'
उन्होंने बयान में कहा, "हमें इस ख़तरे को कम करके नहीं आंकना चाहिए. और सीमित संघर्ष पूरी तरह के संघर्ष में बदल सकता है. सभी पक्षों को कूटनीतिक समाधान की दिशा में काम करना चाहिए. अब और हमले नहीं. अब और बहाने नहीं."

