लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की
Quick Look
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने स्वतंत्र इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ चिराग पासवान के नाम का गलत इस्तेमाल करने और झूठा दावा करने के आरोप में एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की। पार्टी ने कहा कि उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।
AI-generated summary
Why It Matters
स्वतंत्र भारद्वाज ने सार्वजनिक रूप से चिराग पासवान के नाम का इस्तेमाल करके झूठा दावा किया कि उन्हें राजनीतिक समर्थन हासिल है। इसी बीच, एक वायरल वीडियो में भारद्वाज को कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर हुए हिंसक हमले की बात स्वीकार करते हुए दिखाया गया था।
प्रकाशित एक घंटा पहले
पढ़ने का समय: 7 मिनट
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने शुक्रवार को स्वयंभू इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की.
पार्टी ने आरोप लगाया कि भारद्वाज ने सार्वजनिक रूप से पासवान के नाम का इस्तेमाल कर यह झूठा दावा किया कि उन्हें राजनीतिक समर्थन हासिल है.
गौरतलब है कि हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में कथित तौर पर भारद्वाज को कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर हुए हिंसक हमले की बात स्वीकार करते हुए दिखाया गया था.
इसी वीडियो में भारद्वाज ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक संबंधों का हवाला देते हुए इस घटना पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया.
चिराग पासवान ने भारद्वाज के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की मांग की
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भारद्वाज के ख़िलाफ़ संसद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भारद्वाज ने पासवान के नाम का ग़लत इस्तेमाल किया और सार्वजनिक रूप से लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) अध्यक्ष के साथ अपने संबंध होने का दावा किया.
पार्टी ने पुलिस से भारद्वाज के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की है. पार्टी ने कहा है कि उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है.
पार्टी ने अभियुक्त के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है.
छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें
सबसे अधिक पढ़ी गईं
समाप्त
आज़ाद के पिता को न्याय दिलाऊंगा : पासवान
यह शिकायत पासवान के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने पहले कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सीजेपी कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता को न्याय दिलाने के लिए वह "पूरी ज़िम्मेदारी" लेंगे.
शुक्रवार को चिराग पासवान ने कहा, "सार्वजनिक जीवन में बहुत से लोग हमसे मिलने आते हैं. लेकिन अगर कोई इस आधार पर ख़ुद को हमारा निजी परिचित बताता है, तो यह हमारे नाम का दुरुपयोग है. हमलावर ने यह धारणा देने की कोशिश की है कि मेरे और मेरी पार्टी की वजह से उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की गई. मैंने अपने नाम के इस दुरुपयोग के ख़िलाफ़ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है."
उन्होंने कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है कि स्टू़डेंट कार्यकर्ता के पिता को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उनकी जान जा सकती थी. हमलावर में इतनी हिम्मत है कि वह टीवी पर इस घटना का बखान करता है और खुलेआम घूम रहा है. मैं दिल्ली पुलिस के साथ इस मामले को आगे बढ़ाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सुनिश्चित करने की पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं."
कौन हैं निशु आज़ाद
निशु आज़ाद सीजेपी से जुड़ी एक स्टूडेंट कार्यकर्ता हैं, जो नई दिल्ली के जंतर-मंतर के पास एक प्रदर्शन के दौरान अपने पिता पर हमले के बाद सार्वजनिक चर्चा में आईं.
निशु के पिता संजय आज़ाद को जंतर-मंतर पर हुए टकराव के दौरान सिर में चोट लगी थी.
निशु जून 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान सुर्खियों में आईं.
कुछ वीडियो में इस दौरान उन्हें खाना बांटते हुए दिखाया गया था.
निशु ने चंद्रशेखर आज़ाद समेत दूसरे नेताओं के साथ संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया और कड़ी क़ानूनी कार्रवाई की मांग की.
बताया जा रहा है कि उन्हें अभियुक्त के समर्थकों की ओर से गंभीर ऑनलाइन उत्पीड़न, गाली-गलौज और रेप की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.
विवाद क्या है?
गुरुवार को विवाद तब और बढ़ गया, जब पुलिस ने कहा कि 38 वर्षीय संजय आज़ाद के सिर में झड़प के दौरान मामूली चोट लगी थी. पुलिस ने उनके सिर में फ्रैक्चर होने के दावों को ख़ारिज कर दिया.
पुलिस ने कहा कि भारद्वाज और एक अन्य अभियुक्त सूरज कुमार को मौक़े पर ही हिरासत में लिया गया, उनसे पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस दिया गया. पुलिस ने कहा कि इनके ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल की जाएगी.
शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका और बड़ी संख्या में उनके समर्थक, सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के साथ पप्पू यादव स्वतंत्र भारद्वाज के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे.
कॉकरोच जनता पार्टी के दर्जनों समर्थक भी पुलिस थाने के बाहर जमा हुए और निशु को न्याय दिलाने और स्वयंभू इन्फ्लुएंसर के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए.
निशु आज़ाद ने क्या आरोप लगाए?
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया
देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.
एपिसोड
समाप्त
निशु ने कहा कि पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया है कि भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "पुलिस ने कहा है कि वे 72 घंटे में स्वतंत्र को गिरफ़्तार करेंगे. हमें भरोसा है कि वे कार्रवाई करेंगे और इसमें उसी तरह देरी नहीं करेंगे, जैसा वे अब तक करते रहे हैं."
निशु ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें गाली-गलौज और रेप की धमकियों का सामना करना पड़ा. उन्होंने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कराई है.
उन्होंने कहा, "मुझे घर से बाहर निकलने में भी शर्म महसूस होती थी. कुछ हफ़्तों तक मैं स्कूल नहीं जा सकी. मुझे लगता है कि हर कोई मुझे जज कर रहा है. मुझे उम्मीद है कि पुलिस कार्रवाई करेगी."
ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के क़ानून विभाग से जुड़े ऋषभ ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने एफ़आईआर में हत्या के प्रयास, एससी-एसटी एक्ट और आपराधिक धमकी की धाराएं जोड़ने की मांग की थी.
पुलिस का कहना था कि 72 घंटे में स्वयंभू इन्फ़्लुएंसर गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी भरोसा दिया है कि निशु को निशाना बनाकर किए गए कथित ऑनलाइन दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक तस्वीरों के मामले में अलग एफ़आईआर दर्ज की जाएगी।
What to Watch
AI outlook — possibilities, not facts
दिल्ली पुलिस 72 घंटे के भीतर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ़्तार करेगी
Likely · Within days
निशु आज़ाद के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले में अलग एफ़आईआर दर्ज की जाएगी
Possible · Within weeks
Open Questions
- क्या दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है?
- क्या निशु आज़ाद के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले में अलग एफ़आईआर दर्ज की गई है?
- क्या कॉकरोच जनता पार्टी के किसी नेता ने इस मामले में बयान दिया है?

