यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली में सुधार, लेकिन रूसी हमलों से मौतें जारी
Quick Look
यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली रूसी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में बेहतर हो रही है, लेकिन हालिया हमलों में 24 नागरिक मारे गए हैं। स्वदेशी समाधानों और निजी कंपनियों की भागीदारी से सुरक्षा बढ़ाई जा रही है, लेकिन जोखिम बना हुआ है।
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Why It Matters
रूसी मिसाइल हमलों ने कीएव में दो बहनों सहित 24 नागरिकों की जान ले ली। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पहले सोवियत-युग के हथियारों पर निर्भर थी, लेकिन अब पश्चिमी सहायता और स्वदेशी नवाचारों से मजबूत हुई है।
Author, जोनाथन बील
पदनाम, रक्षा संवाददाता
प्रकाशित एक घंटा पहले
पढ़ने का समय: 7 मिनट
इस हफ़्ते, जब दूर कहीं हवाई हमलों की चेतावनी वाले साइरन बज रहे थे, तब कीएव में दो बहनों का अंतिम संस्कार किया गया.
12 साल की ल्यूबावा और उसकी 17 साल की बहन वीरा उन 24 आम नागरिकों में शामिल थीं, जो इस महीने की शुरुआत में एक रूसी मिसाइल हमले में मारे गए थे.
इस हमले ने उनके रिहायशी अपार्टमेंट ब्लॉक को मलबे में बदल दिया था.
वे पहले ही मोर्चे पर लड़ रहे अपने पिता को खो चुकी थीं. उनकी शोकाकुल माँ अब परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य हैं.
इस हमले में 48 घंटों के भीतर यूक्रेन पर 1,500 ड्रोन और 56 मिसाइलें दागी गई थीं.
लेकिन जान-माल की हानि इससे भी ज़्यादा हो सकती थी. यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों ने और ज़्यादा नुक़सान होने से रोक दिया.
राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के अनुसार, लंबी दूरी के ड्रोन्स में से 94% और मिसाइलों में से 73% को सफलतापूर्वक रोक लिया गया.
इसकी तुलना में 14 मई 2025 को, यूक्रेन की सेना ने देश भर में छोड़े गए रूसी ड्रोन में से 55% को ही गिराया था. यूक्रेन अपने आसमान की रक्षा में बेहतर होता जा रहा है.
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यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय में इंस्पेक्टर जनरल लेफ़्टिनेंट कर्नल यूरी मायरोनेंको कहते हैं, "दुर्भाग्य से अब हम दुनिया में सबसे बेहतर हैं."
हालाँकि वह मानते हैं कि रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को गिराना 'इतना आसान नहीं है'.
'बहुत घातक हथियार'
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युद्ध की शुरुआत में यूक्रेन पुराने सोवियत दौर के हथियारों पर निर्भर था.
इसके बाद पश्चिमी देशों ने महंगे और ज़्यादा उन्नत हथियारों के साथ उसकी रक्षा को मज़बूत करने में मदद की. इनमें पैट्रियट एयर डिफ़ेंस मिसाइलें भी शामिल हैं.
लेकिन यूक्रेन ने स्वदेशी समाधान भी विकसित किए हैं. ट्रकों पर भारी मशीनगनों के साथ काम करने वाली मोबाइल फ़ायर टीमों से लेकर सस्ते, बड़े पैमाने पर बनाए गए इंटरसेप्टर तक.
इनोवेशन और तकनीक को अपनाना यूक्रेन को बढ़त दे रहा है.
यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली के केंद्र में वह सॉफ़्टवेयर है, जो रूस की तरफ से छोड़े गए हर ग्लाइड बम, मिसाइल और ड्रोन को ट्रैक करता है.
स्काई मैप नाम का यह सिस्टम रडार, हज़ारों सेंसर्स, वीडियो फ़ीड और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके ख़तरों का पता लगाता है और अपनी वायु रक्षा प्रणालियों का मार्गदर्शन करता है.
शुरुआत में यूक्रेन ने टेलीग्राफ़ के खंभों पर लगाए गए मोबाइल फ़ोनों के एक नेटवर्क पर भरोसा किया, जो पास आते ड्रोन की आवाज़ सुनने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे.
अब यह सिस्टम ज़्यादा आधुनिक सेंसरों का उपयोग करता है.
अमेरिका भी मिडिल ईस्ट में अपने एक सैन्य अड्डे की सुरक्षा के लिए स्काई मैप का इस्तेमाल कर रहा है.
और एक ऐसा हथियार, जो किसी भी दूसरी चीज़ से ज़्यादा रूसी ड्रोन को गिराने में मदद कर रहा है, वह है सस्ते इंटरसेप्टर ड्रोन्स.
इनका आकार एक बड़ी गोली जैसा होता है और इनके निचले हिस्से में चार रोटर्स लगे होते हैं, जो इन्हें आगे बढ़ाते हैं.
यूक्रेन अब ऐसे 1,000 से ज़्यादा ड्रोन हर दिन बना रहा है. यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, इस साल मार्च में इन्होंने 30,000 से ज़्यादा रूसी ड्रोन नष्ट किए.
खेरसॉन शहर के बाहर एक मैदान में, यूक्रेन की मरीन कॉर्प्स की मानव रहित सिस्टम रेजिमेंट ने इसका प्रदर्शन किया.
स्थिर लॉन्च से उनका P1-SUN इंटरसेप्टर 300 किमी/घंटा से ज़्यादा की गति हासिल कर सकता है और इसकी रेंज 30 किलोमीटर से ज़्यादा है.
कमांडर वेलकोस इसे एक 'बहुत घातक हथियार' कहते हैं.
वह कहते हैं, "यह दिखाता है कि हम कितनी जल्दी ख़ुद को ढाल सकते हैं, हम कैसे मोर्चे को बनाए रख सकते हैं और कितनी तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं."
P1-SUN 3D प्रिंटिंग से बनाया जाता है और इसकी क़ीमत लगभग 1,000 डॉलर है.
यह उन एकतरफ़ा हमले वाले बड़े 50,000 डॉलर के डेल्टा-विंग्ड शाहेद ड्रोन की तुलना में बहुत कम है, जिन्हें नष्ट करने के लिए इसे डिज़ाइन किया गया है.
निजी कंपनियाँ भी इस सिस्टम से जुड़ रही हैं.
इस पहल की निगरानी कर रहे मायरोनेंको बताते हैं, "हमें पूरे यूक्रेन को कवर करना है और सभी लक्ष्यों को देखना है. इसलिए हम अपने पास मौजूद सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं."
पच्चीस कंपनियाँ पहले ही इस योजना में शामिल हो चुकी हैं. इसके पीछे की प्रेरणा साफ़ है.
अपनी फ़ैक्ट्रियों और बुनियादी ढांचे की रक्षा करना. सर्दियों के दौरान यूक्रेन के ऊर्जा तंत्र पर हुए रूसी हमलों की वजह से लाखों लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा था.
'कंप्यूटर गेम जैसा'
कारमाइन स्काई उन निजी कंपनियों में से एक है, जो अब अन्य निजी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए वायु रक्षा सेवाएँ प्रदान कर रही हैं.
उन्होंने पहले ही रूस की सीमा के पास, खारकीव क्षेत्र में, रिमोट से नियंत्रित मशीन गनों से लैस टावरों का एक नेटवर्क तैयार कर लिया है.
हमने एक इमारत के बेसमेंट में उनके कंट्रोल रूम का दौरा किया. स्क्रीन की कई कतारों पर यूक्रेन का स्काई मैप दिखाई देता है, जो रूसी ड्रोन और जेट विमानों को ट्रैक करता है.
इन स्क्रीन के पीछे आम नागरिक बैठे हैं- माएँ, टैक्सी ड्राइवर और पूर्व सैनिक. हर व्यक्ति को जाँच-परख के बाद कुछ हफ़्तों का प्रशिक्षण दिया जाता है, फिर उन्हें इन रिमोट से नियंत्रित बंदूकों को चलाने की अनुमति मिलती है.
कंपनी के प्रवक्ता रुसलान बताते हैं कि उनका काम 'मुश्किल नहीं है'. वह कहते हैं कि ड्रोन को मार गिराने के लिए रिमोट मशीन गनों को चलाना 'एक कंप्यूटर गेम जैसा है- बिलकुल Xbox या PlayStation की तरह'.
रुसलान अपने काम को 'देश की वायु रक्षा प्रणाली का पूरक' बताते हैं.
वह कहते हैं, "हम सैन्य प्रणाली में एकीकृत हैं. यह कोई अनियंत्रित स्थिति नहीं है, इसलिए हम सेना के निर्देशों और आदेशों का पालन करते हैं."
रुसलान का कहना है कि निजी क्षेत्र को शामिल करने के और भी फ़ायदे हैं, "हम सरकारी क्षेत्र की तुलना में बहुत तेज़ी से विस्तार कर सकते हैं."
अभी यह शुरुआती दौर है, लेकिन ये निजी कंपनियाँ पहले ही दर्जनों रूसी ड्रोन मार गिरा चुकी हैं.
'यूक्रेनी हमलों का डर'
यूक्रेन ने रूस पर अपने हमले भी तेज़ कर दिए हैं. हाल के हमलों से पूरे रूस में तेल रिफ़ाइनरियों में भीषण आग लग गई है.
ये हमले सेंट पीटर्सबर्ग और मॉस्को जैसे बड़े शहरों तक पहुँच गए हैं. यूक्रेनी हमले के डर से क्रेमलिन ने मई में आयोजित होने वाली द्वितीय विश्व युद्ध विजय दिवस परेड का आकार कम कर दिया.
इसके परिणामस्वरूप अब दोनों पक्ष इस जंग में बढ़त हासिल करने के लिए जितनी जल्दी हो सके, उतनी तेज़ी से नए-नए तरीक़े विकसित करने की दौड़ में लगे हैं.
रूस ने तेज़ जेट-संचालित ड्रोन विकसित करना शुरू कर दिया है. अब वह यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों के स्थानों का पता लगाने के लिए धोखा देने वाले (डिकॉय) ड्रोन्स भी उड़ा रहा है.
ऑपरेटर दूर से इनका अपने लक्ष्य तक मार्गदर्शन करते हैं. ये अब भी ज़्यादातर लोगों के मारे जाने की वजह बन रहे हैं.
युद्ध में तकनीकी प्रगति के बावजूद सड़कों के ऊपर लगाए गए जाल, राइफ़ल और शॉटगन अब भी बचाव के आख़िरी उपाय हैं.
यूक्रेन के आसमान की रक्षा करना कभी आसान नहीं होगा. राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि रूस के बड़े पैमाने पर हमले इसलिए हैं, ताकि उनकी वायु रक्षा प्रणालियाँ चूक जाएँ.
सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें एक साथ दागे जाने पर यह लगभग तय है कि कुछ न कुछ बच ही निकलेंगे. इसका मतलब है कि ल्यूबावा और वीरा जैसी और भी दुखद मौतें होंगी.
अतिरिक्त रिपोर्टिंग- फ़र्ल डेविस, अनास्तासिया लेवचेंको और मरियाना मतवेइचुक
What to Watch
AI outlook — possibilities, not facts
रूस बड़े पैमाने पर हमले जारी रखेगा ताकि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों को चूकने पर मजबूर किया जा सके।
Very likely · Within weeks
यूक्रेन अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को और बेहतर बनाने के लिए स्वदेशी और पश्चिमी समाधानों का मिश्रण जारी रखेगा।
Very likely · Within months
तकनीकी प्रगति के बावजूद, सड़कों के ऊपर लगाए गए जाल, राइफ़ल और शॉटगन जैसे पारंपरिक बचाव उपाय भी महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
Likely · Ongoing
Open Questions
- क्या यूक्रेन की नई वायु रक्षा प्रणालियाँ बड़े पैमाने पर हमलों का सामना कर पाएंगी?
- रूस के नए ड्रोन और धोखा देने वाले ड्रोन कितनी प्रभावी होंगे?
- क्या निजी क्षेत्र की भागीदारी युद्ध के मैदान पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी?
- क्या यूक्रेन के हमले रूस की युद्ध क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं?
