भारत की वो 'पेपर पार्टियां' जो बमुश्किल चुनाव लड़ती हैं पर करोड़ों चंदा पाती हैं-बीबीसी पड़ताल
Quick Look
बीबीसी की पड़ताल में सामने आया है कि भारत में कई 'रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज़्ड पॉलिटिकल पार्टीज़' (RUPPs) को चुनावी राजनीति में सक्रिय न होने के बावजूद करोड़ों रुपये का चंदा मिला है, जिसका इस्तेमाल वित्तीय अनियमितताओं के लिए होने की आशंका है।
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Why It Matters
पिछले लोकसभा चुनाव से पहले 2023-24 के वित्त वर्ष में कई छोटे दलों को भारी चंदा मिला।
भारत की वो 'पेपर पार्टियां' जो बमुश्किल चुनाव लड़ती हैं पर करोड़ों चंदा पाती हैं-बीबीसी पड़ताल
प्रकाशित 4 सितंबर 2026
पिछले लोकसभा चुनाव से पहले, साल 2023-24 के वित्त वर्ष में कई ऐसे छोटे दलों को काफ़ी ज़्यादा चंदा प्राप्त हुआ.
बीबीसी की टीम ने लगभग दो महीने इस मामले में पड़ताल की, उन्होंने छह ऐसे दलों के बारे में पता किया, जिन्हें 'रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज़्ड पॉलिटिकल पार्टीज़' (RUPPs) कहते हैं.
बीबीसी की टीम को पता चला कि इन पार्टियों को सैकड़ों करोड़ का चंदा मिला, जोकि कुछ मामलों में किसी राष्ट्रीय दल से भी ज़्यादा रहा. लेकिन ये पार्टियां चुनावी राजनीति में अधिकतर गायब ही रहीं.
एक्सपर्ट कहते हैं कि हो सकता है ये पार्टियां असल में स्वतंत्र राजनीतिक संगठन ना हों. इसके बजाय ये पार्टियां टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेनदेन और दूसरी वित्तीय अनियमितताओं के लिए एक तरह से मोर्चे के तौर पर काम कर सकती हैं.
देखिए बीबीसी की यह ख़ास पड़ताल.
Open Questions
- किन छह दलों को यह चंदा मिला?
- चंदे का स्रोत क्या था?


