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10 saat önceAI özeti
बंटवारे के दर्द और मानवीय रिश्तों की दास्तान: असग़र वजाहत के नाटक से लेकर 'बंटवारा 1947' तक
असग़र वजाहत के प्रसिद्ध नाटक 'जिस लाहौर नइ देख्या ओ जम्याई नइ' और फिल्म 'बंटवारा 1947' के जरिए भारत के विभाजन के दर्द, लाहौर में छूटी एक बूढ़ी हिंदू महिला और महिलाओं के संघर्ष की दास्तान बयां की गई है।
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