عاجل
INLionel Messi Shares Emotional Message After Argentina's FIFA World Cup 2026 Final Defeat to SpainRUРостовская область подверглась атаке ракет и беспилотниковESIncidentes en el estrecho de Ormuz: petroleros incendiados y buque alcanzado por proyectilDEInsekten verursachen zwei Verkehrsunfälle in BayernARالحوثيون يعلنون "حصاراً بحرياً" على السعودية، والتحالف يتوعّد بالرد على أي تهديدTRKaradeniz'de Türk firmasına ait gemiye füze saldırısı: 5 denizci öldüINIndia summons Russian diplomat after four Indians killed in Ukraine vessel attackGLOBALUS Launches New Strikes Against Iran Amid Escalating TensionsTRBeşiktaş, UEFA Avrupa Ligi Maçı Hazırlıklarını SürdürdüITUcraina: FMI sblocca fondi, escalation militare e sforzi diplomaticiINLionel Messi Shares Emotional Message After Argentina's FIFA World Cup 2026 Final Defeat to SpainRUРостовская область подверглась атаке ракет и беспилотниковESIncidentes en el estrecho de Ormuz: petroleros incendiados y buque alcanzado por proyectilDEInsekten verursachen zwei Verkehrsunfälle in BayernARالحوثيون يعلنون "حصاراً بحرياً" على السعودية، والتحالف يتوعّد بالرد على أي تهديدTRKaradeniz'de Türk firmasına ait gemiye füze saldırısı: 5 denizci öldüINIndia summons Russian diplomat after four Indians killed in Ukraine vessel attackGLOBALUS Launches New Strikes Against Iran Amid Escalating TensionsTRBeşiktaş, UEFA Avrupa Ligi Maçı Hazırlıklarını SürdürdüITUcraina: FMI sblocca fondi, escalation militare e sforzi diplomatici
Newsgather
رجوعसोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: अस्पताल में भर्ती, पत्नी ने डिस्चार्ज की मांग की
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: अस्पताल में भर्ती, पत्नी ने डिस्चार्ज की मांग की
يتطور
BBC हिंदीقبل 21 ساعةسياسة7 د قراءةIndia

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: अस्पताल में भर्ती, पत्नी ने डिस्चार्ज की मांग की

نظرة سريعة

नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए तुरंत डिस्चार्ज की मांग की है, जबकि डॉक्टर उनकी हालत स्थिर बता रहे हैं।

ملخص مُنشأ بالذكاء الاصطناعي

لماذا يهم

सोनम वांगचुक ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे 21 दिन पूरे हो चुके हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर उन्हें जबरन सफ़दरजंग अस्पताल ले जाया गया।

حجم الخط

शनिवार को सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से उठाकर सफ़दरजंग अस्पताल लाए जाने के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया था।

सफ़दरजंग अस्पताल के बुलेटिन में बताया गया था कि सोनम वांगचुक ने ड्रिप और मुंह से किसी भी तरह का तरल पदार्थ लेने से मना कर दिया है।

वहीं उनकी सेहत की जांच करने वाले एम्स दिल्ली के इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट के एडिशनल प्रोफ़ेसर डॉक्टर अक्षय ने बताया है कि उनके सभी ज़रूरी हेल्थ इंडिकेटर सामान्य हैं। वो पूरी तरह होश में हैं और ठीक से बात कर रहे हैं।

दूसरी ओर, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल से डिस्चार्ज करने की मांग की है।

नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ सोनम वांगचुक ने 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की थी और इसको 21 दिन पूरे हो चुके हैं।

शनिवार को पुलिस दिल्ली हाई कोर्ट का निर्देश का हवाला देकर उन्हें जबरन सफ़दरजंग अस्पताल ले गई थी।

सोनम की सेहत की जांच करने वाले डॉक्टर ने क्या बताया

सोनम वांगचुक की सेहत पर एम्स दिल्ली के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के एडिशनल प्रोफ़ेसर डॉ. अक्षय कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मैंने सोनम वांगचुक की जांच की है। उनके सभी ज़रूरी हेल्थ इंडिकेटर नॉर्मल हैं। उनका ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और नाड़ी की रफ़्तार सामान्य है। वह पूरी तरह होश में हैं और ठीक से बात कर रहे हैं। हम लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। हम उन्हें समझाने की भी कोशिश कर रहे हैं ताकि वह नस के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट लेने के लिए तैयार हो जाएं। उनकी सेहत बेहतर हो, इसके लिए हम हर संभव और सबसे बेहतर इलाज देने की कोशिश कर रहे हैं।"

शनिवार को दिन में सफ़दरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट की ओर से जारी बुलेटिन में बताया गया था कि सोनम वांगचुक की पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सेचुरेशन स्थिर है और शरीर में पानी की कमी के लक्षण देखे गए हैं।

अभिजीत दीपके और सोनम की पत्नी ने क्या कहा?

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की है।

उन्होंने शनिवार शाम एक्स पर एक वीडियो जारी कर आशंकाएं जताई हैं कि रात में दिल्ली पुलिस धरनास्थल पर कार्रवाई कर सकती है।

एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अभिजीत दीपके ने कहा, "सुबह आपने देखा कि कैसे सोनम सर को घसीटते हुए उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ यहां से लेकर गए। लेकिन हमारा प्रदर्शन जारी है, सर से मेरी सुबह बात हुई और उन्होंने कहा है कि 20 जुलाई का मार्च हमें कामयाब बनाना है।"

"सभी समर्थकों से मैं निवेदन करता हूं कि 20 जुलाई को ज़्यादा संख्या में जंतर-मंतर आइये। हम शांतिपूर्ण तरीक़े से संसद चलेंगे। जितना संभव हो वो लोग आज रात ही यहां पर आएं क्योंकि ऐसी बड़ी संभावना है कि पुलिस आज रात को हमें यहां से भी हटा सकती है। अगर आप सभी लोग यहां पर आ गए तो पुलिस की हिम्मत यहां से हटाने की नहीं होगी।"

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च की घोषणा की है।

सोनम वांगचुक की पत्नी की मांग क्या है?

सोनम की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "सफ़दरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोनम वांगचुक का पोटैशियम लेवल 2.9 है, जबकि कल ही यह 4.3 था। वो न तो हमें किसी दूसरी लैब में ले जाकर दूसरी राय लेने की इजाज़त दे रहे हैं, और न ही हमारी मौजूदगी में उनका ब्लड सैंपल दे रहे हैं, जिसे हम कहीं और जांच करवा सकें।"

"मैं पिछले तीन घंटे से इंतज़ार कर रही हूं, लेकिन उन्होंने अभी तक हमारी बात नहीं मानी है। पारदर्शिता की इस कमी से हमें शक हो रहा है। हमने तुरंत डिस्चार्ज करने के लिए कहा है, ताकि हम उन्हें ऐसे अस्पताल ले जा सकें जहां हमें बेहतर भरोसा हो।"

उन्होंने कहा कि वो पिछले दो घंटे से अस्पताल के जवाब का इंतज़ार कर रही हैं।

वहीं दिन में सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा था कि बिना सहमति के उनके मुँह या नसों के ज़रिए कुछ भी नहीं दिया जाए।

गीतांजलि ने एक्स पर लिखा, ''मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूँ, जहाँ सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है। कृपया उन्हें मुँह के ज़रिए या नसों के माध्यम से कोई भी दवा या तरल पदार्थ तब तक न दिया जाए, जब तक मुझसे, उनके परिवार से और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत पर नज़र रख रहे डॉक्टरों से सहमति न ले ली जाए।''

गीतांजलि ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, ''हमें बताया जा रहा है कि सोनम के शरीर में पोटैशियम का लेवल कम हो गया है और उनकी जान को ख़तरा है। कल पोटैशियम 4.3 था, जो अब 2.9 हो गया है। यहां के डॉक्टर्स का कहना है इससे उनकी जान को ख़तरा हो सकता है।''

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से यहां (सफ़दरजंग अस्पताल) लाया गया। इसके बारे में न तो उन्हें बताया गया और न ही मुझे। कल शाम ही सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी जांच की थी और उनके सभी स्वास्थ्य संकेत सामान्य थे।"

गीतांजलि ने कहा, "अगर सोनम मार्च में शामिल नहीं हो पाएंगे, तो मैं उनकी जगह मार्च का नेतृत्व करूंगी। यह मार्च सोमवार को पहले से तय योजना के मुताबिक़ होगा। सिर्फ़ इसलिए कि सोनम को ज़बरदस्ती यहां लाया गया है, इसका मतलब यह नहीं कि मार्च को रोका जा सकता है।"

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लंबे समय तक उपवास करने के कारण उन्हें हल्की कमज़ोरी और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) की शिकायत है। फ़िलहाल उनकी हालत स्थिर है और सभी अन्य स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं।

डॉ चारु बंबा ने कहा, "सोनम वांगचुक शनिवार सुबह क़रीब 7:40 बजे अस्पताल पहुँचे। लंबे समय से उपवास करने की वजह से उन्हें थोड़ी कमज़ोरी है और शरीर में पानी की हल्की कमी है।"

डॉ चारु के मुताबिक़, "वांगचुक के सभी वाइटल पैरामीटर सामान्य हैं। उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और उनका इलाज जारी है। वह पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत स्थिर है। अस्पताल पहुँचने पर सबसे पहले इमर्जेंसी मेडिसिन विभाग ने उनका इलाज किया। इसके बाद उन्हें मेडिसिन विभाग में भर्ती किया गया।"

अस्पताल प्रशासन ने बताया, "वांगचुक पूरी तरह होश में हैं। शरीर में पानी की कमी के कारण उनके इलेक्ट्रोलाइट स्तर पर असर के संकेत मिले हैं। इसी वजह से उन्हें कुछ समय तक अस्पताल में निगरानी में रखा जाएगा। पहले इसे ठीक किया जाएगा और फिर उनकी हालत की दोबारा जांच की जाएगी।"

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट से घोषणा की गई है कि अभिजीत दीपके बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

सीजेपी ने कहा है, ''20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा।

पूरे वाक़ये पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि वह थोड़ी देर के लिए धरना स्थल से बाहर गए थे।

उन्होंने बताया, ''जब मैं यहाँ से सुबह सात बजे फ़्रेश होने के लिए निकला तभी पुलिस के लोग आए और सोनम सर को घसीटकर ले गए। भूख हड़ताल पर बैठे 60 साल के शख़्स को पुलिस ज़बरदस्ती ले गई। जब मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर की ओर आ रहा था, तभी मुझे ख़बर मिली कि सोनम सर को पुलिस ले गई।"

उन्होंने कहा, ''पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की। मैं विदेश से अपने देश लौटा हूँ तो क्या मैं अपराधी हूँ?"

डीसीपी नई दिल्ली ने इस मामले की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा है, ''दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें ज़रूरी मेडिकल देखभाल के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया है।''

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

डीसीपी नई दिल्ली के एक्स अकाउंट से कहा गया है, ''हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की, जिससे हल्की अफ़रातफ़री की स्थिति बनी।''

''हालांकि पुलिस ने अधिकतम संयम बरती और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित ढंग से पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्वक तरीक़े से ख़ाली कर दें।''

दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को सोनम वांगचुक की सेहत पर नज़र रखने के लिए निर्देश दिया था।

यह पहली बार था, जब किसी अदालत ने इस प्रदर्शन में दख़ल दिया था।

अदालत के निर्देश का मतलब था कि अगर उनकी हालत ख़राब होती है तो उन्हें अस्पताल ले जाया जा सकता है।'

दिल्ली हाई कोर्ट की दो जजों की बेंच ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए, जिसमें वांगचुक की हालत गंभीर होने से पहले उन्हें जबरन भोजन दिए जाने की मांग की गई थी, अधिकारियों से कहा कि वे डॉक्टरों की राय के आधार पर ज़रूरी क़दम उठाएं।

अदालत का यह आदेश 20 जुलाई को प्रस्तावित उस मार्च से कुछ दिन पहले आया था, जिसे सीजेपी ने भूख हड़ताल स्थल से संसद तक निकालने का आह्वान किया है। इस मार्च का उद्देश्य धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को तेज़ करना था।

बेमियादी भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से सोनम वांगचुक का वज़न 9 किलोग्राम से ज़्यादा घट चुका है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि वह जल्द ही ऐसी चिंताजनक स्थिति में पहुँच सकते हैं, जहाँ उनके अंगों को नुक़सान होने का ख़तरा है।

भूख हड़ताल के 19वें दिन डॉक्टर सतीश लांबा ने वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए कहा था कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं और उनकी मेडिकल स्थिति फ़िलहाल स्थिर है। हालांकि उन्होंने कहा कि डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नज़र रखे हुए हैं ताकि किसी भी तरह की गिरावट की स्थिति में तुरंत क़दम उठाया जा सके।

सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर लोग क्या कह रहे हैं?

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस के इस क़दम की आलोचना की है। संजय सिंह ने एक्स पर लिखा है, ''ये क्या गुंडागर्दी चल रही है? मोदी जी ये सत्ता का अहंकार लंबे समय तक नही चलता। जिस युवा पर लठ्ठ चला रहे हो, यही आपका तख़्त उखाड़ेगा। सोनम वांगचुक जो पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर हैं, उनकी मांगें सुनने के बजाय जबरन गिरफ़्तार करके हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया।''

समाजवादी पार्टी की सांसद डिपंल यादव ने भी सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने का विरोध किया है।

डिंपल यादव ने कहा, ''सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ़ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है। बीजेपी सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं। यह तानाशाही है।''

जंतर मंतर पर मौजूद एक शख़्स ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''सुबह-सुबह इन लोगों ने डॉक्टर की टीम बोलकर 10 पुलिसवालों को अंदर भेजा। हम समझ गए थे कि शायद पुलिसवाले हैं क्योंकि वे डॉक्टर जैसे दिख नहीं रहे थे।"

"उन्होंने सारे वॉलंटियर्स को कहा कि आप इस जगह से हट जाइए। वॉलंटियर्स ने कहा कि पौने नौ बजे सोनम जी का चेकअप होता है आप उसी समय आइए। अचानक उन्होंने ये कहना शुरू कर दिया कि हाई कोर्ट का ऑर्डर है। सोनम जी को ले जाना होगा।"

उन्होंने कहा, ''अभिजीत दीपके टॉयलेट की तरफ़ गए थे और उन्हें भी इन लोगों ने गिरफ़्तार कर लिया है। इस वजह से वो यहां आ नहीं पा रहे हैं और न उनका फ़ोन लग पा रहा है। पुलिसवालों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट भी की। पुलिस वाले सिविल ड्रेस में थे और कह रहे थे आप लोग हट जाइए। मारपीट में कुछ लोगों को चोट आई हैं।"

वांगचुक ने जंतर मंतर से हटाए जाने से पहले क्या कहा था?

शुक्रवार को भूख हड़ताल के 20वें दिन के अंत में जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई को होने वाले सीजेपी की संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जनता की भागीदारी ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताक़त है।

वांगचुक ने कहा था, "हाँ, मैं अभी भी ज़िंदा हूँ। मेरे शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा ख़त्म हो चुका है। पहले चर्बी ख़त्म हुई, फिर मांसपेशियां। उसके बाद अंग प्रभावित होंगे। आख़िर में दिमाग़। अभी वह समय नहीं आया है।"

अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा था, "20वां दिन ख़त्म होने वाला है। मैं यह साबित करना चाहता हूँ कि मेरा दिमाग़ अभी भी ठीक तरह से काम कर रहा है।"

यह पूछे जाने पर कि क्या इस आंदोलन से जवाबदेही तय होगी या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा, वांगचुक ने कहा कि लोग अक्सर जन आंदोलनों की ताक़त को कम आंकते हैं।

उन्होंने कहा था, "भारत में तीन बार जन आंदोलन के कारण सरकारें गिरीं। एक बार 1980 में केंद्र सरकार गिरी। 1998 में दिल्ली सरकार गिरी। उसी साल राजस्थान सरकार भी गिरी। और वह आंदोलन किस बात पर था? प्याज की क़ीमतों पर।"

सीजेपी 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। उसकी मांग है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दें, कथित परीक्षा घोटालों की न्यायिक जांच कराई जाए और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं।

सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

ما الذي يجب مراقبته

توقعات الذكاء الاصطناعي — احتمالات وليست حقائق

  • 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा 'संसद चलो' मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा।

    مرجح جداً · خلال أيام

أسئلة مفتوحة

  • सोनम वांगचुक को कब डिस्चार्ज किया जाएगा?
  • उनकी पत्नी के आरोपों पर अस्पताल या पुलिस की क्या प्रतिक्रिया होगी?
  • 20 जुलाई का 'संसद चलो' मार्च कैसे होगा?

مواضيع ذات صلة

This article was originally published by BBC हिंदी.

أخبار ذات صلة

المزيد حول هذا الموضوعसोनम वांगचुक