
जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई: पैलेट गन, लाठीचार्ज और फ़ेस रिकग्निशन के सवाल
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पैलेट गन के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है, जबकि फ़ेस रिकग्निशन तकनीक के इस्तेमाल पर विवाद है।

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पैलेट गन के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है, जबकि फ़ेस रिकग्निशन तकनीक के इस्तेमाल पर विवाद है।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छत्रपति संभाजी नगर में 'क्या बोलती पब्लिक' राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की, जिसका उद्देश्य शिक्षा, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसे मुद्दों पर जनता की बात सुनना है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत छह अगस्त को मुंबई में आईआईएमयूएन के स्थापना वर्ष पर 15 से 19 साल के लगभग 2,000 छात्रों से संवाद करेंगे। इसे नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के बाद युवाओं के बीच पैठ बनाने के महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

चीनी टिप्पणीकारों ने भारत में युवाओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का एक बड़ा राजनीतिक झटका बताया। ये प्रदर्शन नीट यूजी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हुए थे, जिसे चीन ने भारत की शिक्षा व शासन की कमजोरियों का संकेत माना।

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने देश की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए, कहा कि मौजूदा शासन व्यवस्था नाकाम हो चुकी है और युवाओं की नाराजगी जायज़ है

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की, आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ज्यादती शाह के निर्देश पर हुई। दीपके ने बीजेपी में शामिल होने के लिए खुद और परिवार को धमकियां मिलने का भी दावा किया, जिसका बीजेपी ने खंडन किया और उनसे धमकी देने वाले का नाम बताने को कहा।

जुनैद, जो जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए खाना बांट रहे थे, का दावा है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें अवैध हिरासत में रखा और उनके परिवार को परेशान किया।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर 36 दिनों के प्रदर्शन के बाद, मोदी सरकार ने उनकी मांगें मान लीं। यह प्रदर्शन मोदी सरकार के कार्यकाल में सबसे असरदार माना जा रहा है। सीजेपी के प्रवक्ताओं ने कहा कि वे ग्रासरूट लेवल पर जागरूकता लाना चाहते हैं और युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करते हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आरोप लगाया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इस्तेमाल विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कर रही है। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर यह जारी रहा, तो वे मोदी सरकार के खिलाफ दोबारा बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है और सरकार को डरना नहीं चाहिए।

बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ बिहार बंद में भाग लेने के बाद गिरफ़्तार किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने सरकार की आलोचना की.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के साथ कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर एक महीने से चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया है. अब सवाल है कि क्या सीजेपी का भविष्य भी ख़त्म हो गया है या यह आंदोलन आने वाले दिनों में भी अपना असर दिखा सकता है?

भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे पर देशव्यापी युवा प्रदर्शनों के दबाव में इस्तीफ़ा दे दिया। यह 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व वाले आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है।

दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं, जिसमें कई लोग घायल हुए. राहुल गांधी ने एक पीड़ित छात्र को पेश कर कार्रवाई की मांग की, जबकि दिल्ली पुलिस ने आरोपों को गलत बताया. सीआरपीएफ़ ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

नीट पेपर लीक के बाद छात्रों का 'चलो संसद' मार्च, जंतर-मंतर पर भारी भीड़, पुलिस के साथ झड़पें

भारत में NEET प्रश्नपत्र लीक के बाद शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर युवा संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल का मीडिया इन प्रदर्शनों को प्रमुखता से कवर कर रहा है, इसे भारत सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बता रहा है।

2026 नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया, जिसमें सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। यह प्रदर्शन 2011 के अन्ना आंदोलन से अलग है क्योंकि इसमें युवाओं की भागीदारी अधिक है, सरकार का रुख दमनकारी है, और मीडिया कवरेज में 'गोदी मीडिया' बनाम स्वतंत्र मीडिया का विभाजन देखा जा रहा है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। सोमवार को संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद भी प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। बीजेपी चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विश्लेषक योगेंद्र यादव इसे ऐतिहासिक आंदोलन मानते हैं।

जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के NEET-UG पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर महिलाओं से बदसलूकी और सादी वर्दी में लाठीचार्ज करने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक व्यवहार का आरोप लगाते हुए 118 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही, जबकि विपक्षी नेताओं और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद विपक्षी दल एकजुट हुए हैं, लेकिन सवाल है कि क्या यह एक नया राजनीतिक मंच है या अस्थायी गोलबंदी

सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से संबंधित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारी परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे।

नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में एक 21 वर्षीय छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। छात्रा की माँ ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात करते हुए अपनी बेटी के जल्द ठीक होने की गुहार लगाई। कई राजनेताओं ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मंगलवार को विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया। यह कार्रवाई संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के बीच उनके एक कथित वीडियो के वायरल होने के बाद हुई, जिसमें वे एक फ़ास्ट फ़ूड आउटलेट में दिख रहे थे। दहिया ने भूख लगने का हवाला दिया, लेकिन सीजेपी ने उनके व्यवहार को 'असंवेदनशील' बताया।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है, वहीं कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में पीएम आवास के बाहर धरना दिया. दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामले पर पहली बार बयान दिया, जिसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर जोर दिया.