عاجل
ESIncendio forestal en Almorox se extiende a Madrid, provocando evacuaciones y cortes de carreteraESFord y Geely anuncian un proyecto industrial chino en AlmussafesESDaniel Siad, supuesto reclutador de Jeffrey Epstein, aparece muerto en ParísESLa Generalitat pide extremar la precaución por riesgo máximo de incendio forestal en CatalunyaESZapatero se niega a aclarar el origen de sus joyas y defiende su inocencia en el caso Plus UltraESAsesinan a periodista crítico del gobierno de OaxacaESEl BCE mantiene los tipos de interés estables a la espera de septiembre ante la volatilidad energéticaESEl bicampeonato mundial de España y el caótico calendario de LaLigaESEl PP critica la entrevista de Zapatero por no aclarar las 'muchas incógnitas' sobre su imputaciónESIncendios forestales en España: última hora y afectacionesESIncendio forestal en Almorox se extiende a Madrid, provocando evacuaciones y cortes de carreteraESFord y Geely anuncian un proyecto industrial chino en AlmussafesESDaniel Siad, supuesto reclutador de Jeffrey Epstein, aparece muerto en ParísESLa Generalitat pide extremar la precaución por riesgo máximo de incendio forestal en CatalunyaESZapatero se niega a aclarar el origen de sus joyas y defiende su inocencia en el caso Plus UltraESAsesinan a periodista crítico del gobierno de OaxacaESEl BCE mantiene los tipos de interés estables a la espera de septiembre ante la volatilidad energéticaESEl bicampeonato mundial de España y el caótico calendario de LaLigaESEl PP critica la entrevista de Zapatero por no aclarar las 'muchas incógnitas' sobre su imputaciónESIncendios forestales en España: última hora y afectaciones
Newsgather
رجوعजंतर-मंतर पर सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट के बारे में दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?
जंतर-मंतर पर सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट के बारे में दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?
يتطور
BBC हिंदीقبل 58 دقيقةسياسة5 د قراءةIndia

जंतर-मंतर पर सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट के बारे में दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?

نظرة سريعة

जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर हुए हमलों को लेकर दिल्ली पुलिस ने चिंता जताई है. पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात 118 से अधिक कर्मियों के घायल होने की जानकारी दी, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बर्बरता का आरोप लगाया है. विपक्षी नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की है.

ملخص مُنشأ بالذكاء الاصطناعي

لماذا يهم

जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए.

حجم الخط

जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स के आंदोलन के दौरान बुधवार शाम को कुछ जगहों पर हिंसा हुई. सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो लोगों ने शेयर किए जिनमें पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ भीड़ मारपीट करती दिखी.

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "वर्दी पहन लेने से किसी इंसान का दर्द कम नहीं हो जाता. हर बैज के पीछे धड़कता हुआ एक दिल, एक परिवार और सेवा का एक वादा होता है."

इस पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने बताया, "ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं बेहद परेशान करने वाली हैं. असहमति जताने का अधिकार सभी को है. लेकिन हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए."

दिल्ली पुलिस ने अपने इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया है. इसमें दिख रहा है कि भीड़ एक पुलिस वाले की पिटाई कर रही है.

इससे पहले सोमवार को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने ना सिर्फ़ आंसू गैस के गोले छोड़े, बल्कि वे उन पर लाठियां भांजते भी दिखे थे. कई वीडियो में पुलिसकर्मी और रैपिड एक्शन फ़ोर्स को लाठियों से मारकर भगाते हुए दिख रहे हैं.

इस दिन जंतर-मंतर, जनपथ, कनॉट प्लेस और आसपास के दूसरे इलाकों में हुआ, सोशल मीडिया उन वीडियो और फोटो से पट गया. और इन वीडियो-फोटो में जो कुछ दिख रहा है, उसे लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी का कहा था कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नौजवानों पर बर्बरता से लाठियां भांजी. अभिजीत दीपके ने कहा कि वो अपने समर्थकों, ख़ास तौर से उन लड़कियों से माफ़ी मांगते हैं, जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बर्बरता से पीटा है.

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कार्रवाई के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए.

उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री इस कार्रवाई पर चुप क्यों हैं?

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि "स्टूडेंट्स के कपड़े फाड़े गए, हाथ तोड़े गए और सिर फोड़े गए."

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि "मोदी सरकार ने ये आदेश दिया था कि जिसको मर्ज़ी उठा लो, बच्चों को दहशत पैदा करने के लिए था ताकि डर पैदा किया जाए."

लेकिन इस बीच कई पुलिस वालों के साथ मारपीट के वीडियो भी सामने आए. तस्वीरों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इनसे मिलते हुए भी देखे जा सकते हैं.

सुरक्षाकर्मियों को चोटें

इससे पहले भी जंतर-मंतर और इसके आसपास की कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को लगी चोटें देखी जा सकती हैं.

संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के पास एक पुलिसकर्मी का वीडियो भी सामने आया, जिनकी आँख में चोट लगी थी.

मीडिया के पूछे जाने पर पुलिसकर्मी कहते हैं, "पत्थर लगा है. आँख पर चोट लगी है. हम बैरिकेड पर खड़े थे. सामने से पत्थर लगा है."

20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के बारे में दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी किया था.

दिल्ली पुलिस ने कहा था, "आज हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और उपायुक्त रैंक के अधिकारियों सहित दिल्ली पुलिस और केंद्रीय पुलिस बलों के 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए."

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को जो वीडियो जारी किया है उसमें स्टूडेंट्स की भीड़ के बीच पुलिसकर्मी अकेले ही दिख रहे हैं. उन्होंने वर्दी पहन रखी है और भीड़ के बीच उन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है.

दिल्ली पुलिस ने इस पुलिसकर्मी का नाम नंद किशोर सिंह बताया है. नंद किशोर सिंह दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर हैं.

इस वीडियो में नंद किशोर सिंह कह रहे हैं, "जंतर-मंतर पर मुख्य धरना क्षेत्र में मेरी ड्यूटी थी…मैं जैसे ही वहां से बाहर निकला वहां बहुत सारी भीड़ खड़ी थी. वो सारे उग्र थे. उनके हाथ में लाठी, डंडे और पत्थर थे. मुझे वर्दी में देख कर वो मेरे ऊपर हावी हो गए. वो कह रहे थे मारो पुलिस वालों को. उन्होंने फिर मुझे लाठी, डंडे, पत्थर, जो भी था उससे मुझे मारा."

नंद किशोर सिंह ने आरोप लगाया कि मारपीट करने वाले उनके गले से सोने की चेन और पर्स भी छीन कर ले गए.

सोमवार को हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस के ही एक हेड कॉन्स्टेबल बाबू लाल भी घायल हो गए.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "अचानक से भीड़ आई. कुछ भी समझ में नहीं आया. उन्होंने मुझे दबोच लिया और बहुत मारा."

बाबू लाल ने आगे कहा, "तीन-चार हज़ार लोग थे. शाम 7-8 बजे के आसपास की बात है. उन्हीं में से कुछ अच्छे लोग थे, उन्होंने ही मुझे बचाया."

उन्होंने बताया कि उनके साथ मारपीट की घटना कनॉट प्लेस के पास टॉलस्टॉय रोड की रेड लाइट पर हुई. वे सुबह आठ बजे से वहां ड्यूटी कर रहे थे और उस इलाक़े में दिन से ही काफ़ी भीड़ थी.

एसीपी भी हुए घायल

हेड कॉन्स्टेबल बलराम भी बुधवार की हिंसा में घायल हुए हैं.

उन्होंने बताया, "मेरी ड्यूटी प्रदर्शन में थी. मैं संसद मार्ग से रिगल के पास रोड क्रॉस कर जा रहा था. पीछे से किसी ने मेरे ऊपर चाकू या किसी चीज से हमला कर दिया जिससे काफ़ू ख़ून निकलने लगा. उसके बाद मुझे अस्पताल ले जाया गया."

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस वाले को देखते ही अचानक मारने लगते हैं. बुधवार को हुई घटना में दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत भी घायल हुए हैं.

एसीपी विवेक भगत ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मैं शाम (बुधवार) में संसद मार्ग होते हुए टॉलस्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के चौराहे की ओर जा रहा था. मेरे साथ पांच-छह पुलिसकर्मी भी थे. जैसे ही हम आगे बढ़े, देखा कि आगे मौजूद पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकी जा रही थीं."

उन्होने आगे कहा, "पुलिस के ख़िलाफ़ नारे लगाए जा रहे थे. भीड़ ने एक पुलिसकर्मी को काबू में ले लिया. उसके सिर से खून निकल रहा था. उसे बचाने के लिए मैंने दख़ल दिया, लेकिन भीड़ ने मुझे भी गिरा दिया. इसके बाद लोगों ने मुझे लात-घूंसों, डंडों और नुकीली ईंटों से मारना शुरू कर दिया."

इस घटना में एसीपी विवेक भगत के दो दांत भी टूट गए हैं. उन्हें बचाकर दिल्ली के आरएमएल अस्पताल ले जाया गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली के आरएमएल अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया, "एसीपी (कनॉट प्लेस) विवेक भगत को बीती रात जंतर-मंतर के पास हुई कथित पथराव की घटना के बाद डॉक्टर राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया था."

इस बयान में कहा गया, "जांच में उनके दोनों हाथों और पैरों के साथ कंधे पर कई चोटों के निशान मिले. सिर के पीछे (पैरिएटो-ऑक्सिपिटल क्षेत्र) सूजन भी पाई गई. मरीज ने कान से खून आने और उल्टी होने की भी जानकारी दी."

हालाँकि ज़रूरी मेडिकल जांच के बाद उन्हें निजी आग्रह पर आरएमएल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

कैसे शुरू हुई हिंसा

नई दिल्ली में सोमवार को हुए विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले दागे थे. इस दौरान घायल हुए स्टूडेंट्स और सुरक्षाबलों के जवानों का इलाज राम मनोहर लोहिया और लेडी हार्डिंग अस्पताल में किया गया.

प्रदर्शन के दौरान कुल कितने स्टूडेंट्स घायल हुए हैं, इसकी स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बताया था कि इस दौरान 70 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए थे.

स्टूडेंट्स के ऊपर पुलिस कार्रवाई के कई कथित वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों ने शेयर किए.

स्टूडेंट्स के ऊपर पुलिस की कार्रवाई की विपक्षी राजनीतिक दलों से लेकर फ़िल्मी दुनिया और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने निंदा की.

जंतर-मंतर का हाल

स्टूडेंट्स के प्रदर्शन और इनकी मांगों की गूंज संसद भवन तक सुनाई दे रही है. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कई वकीलों ने भी सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना पढ़कर प्रदर्शकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई का विरोध किया.

इस बीच सेंट्रल दिल्ली में जंतर-मंतर और इसके आसपास पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच हिंसक झड़प को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं.

इस मामले में दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.

टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, "सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट बंद होने का दावा किया जा रहा है. यह भी दावा किया जा रहा है कि सरकार प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की कथित सख्ती से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और अन्य सामग्री हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दबाव बना रही है और विरोध प्रदर्शनों की कवरेज रोकने की कोशिश कर रही है."

उन्होंने टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों से इस स्थिति का समाधान खोजने और जानकारी साझा करने की अपील की."

कॉकरोच जनता पार्टी ने भी मोबाइट फ़ोन पर आए एक मैसेज को शेयर करते हुए लिखा कि जंतर-मंतर इलाक़े में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.

प्रदर्शनकारियों की मांग

नीट परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. सीजेपी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रही है. इस कार्रवाई के दौरान कई स्टूडेंट घायल हो गए और इस कार्रवाई की कई लोगों ने निंदा की. इस कार्रवाई के बाद राजनीति और फ़िल्म जगत के अलावा कई लोग स्टूडेंट्स के समर्थन में आ गए.

أسئلة مفتوحة

  • कुल कितने छात्र घायल हुए?
  • इंटरनेट सेवा बंद करने के दावे की पुष्टि हुई या नहीं?

مواضيع ذات صلة

This article was originally published by BBC हिंदी.

أخبار ذات صلة

दक्षिण एशियाई मीडिया भारत में छात्र प्रदर्शनों पर क्या कह रहा है?
يتطور·قبل 35 دقيقة

दक्षिण एशियाई मीडिया भारत में छात्र प्रदर्शनों पर क्या कह रहा है?

भारत में NEET प्रश्नपत्र लीक के बाद शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर युवा संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल का मीडिया इन प्रदर्शनों को प्रमुखता से कवर कर रहा है, इसे भारत सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बता रहा है।

BBC हिंदी
3 د قراءة
المزيد حول هذا الموضوعजंतर-मंतर