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युवक का 'प्यार' में एलओसी पार कर जम्मू-कश्मीर पहुँचने का मामला
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युवक का 'प्यार' में एलओसी पार कर जम्मू-कश्मीर पहुँचने का मामला

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मवेशी चराने निकले युवक के 'प्यार' में एलओसी पार कर जम्मू-कश्मीर पहुँचने का क्या है मामला

Author, रियाज़ मसरूर, शहज़ाद मलिक, नसीर चौधरी

पदनाम, बीबीसी

प्रकाशित 6 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के हवेली ज़िले से ताल्लुक़ रखने वाले एक युवक का वीडियो पाकिस्तान और भारत के सोशल मीडिया पर वायरल है.

इस वीडियो में उन्हें लाइन ऑफ़ कंट्रोल (एलओसी) के पार भारतीय सुरक्षा बलों की हिरासत में दिखाया गया है.

जम्मू-कश्मीर के बारामूला ज़िले के एसएसपी जीपी सिंह ने बीबीसी उर्दू को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के युवा के भारतीय सेना की हिरासत में होने की पुष्टि की थी.

दूसरी तरफ़, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के हवेली ज़िले के डिप्टी कमिश्नर तारिक़ महमूद का कहना है कि पुलिस ने ज़ीशान नाम के युवा की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पिता की शिकायत पर दर्ज कर ली है. उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और ज़ीशान के दोस्तों और उसके क़रीबी रिश्तेदारों से जानकारी ले रही है.

अधिकारियों का दावा है कि यह युवक जम्मू-कश्मीर की एक लड़की की मोहब्बत में नियंत्रण रेखा पार करके भारत प्रशासित कश्मीर के इलाके में दाख़िल हुआ था जहां उसे गिरफ़्तार कर लिया गया.

हालांकि लड़के के पिता ने पुलिस को दी गई अपनी अर्ज़ी में यह नहीं बताया कि उनके बेटे की एलओसी के पार किसी लड़की से दोस्ती है. उन्होंने बस इतना बताया कि वह तीन दिन पहले जानवरों को चराने के लिए निकला था मगर अभी तक वापस नहीं आया.

बारामूला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जीपी सिंह ने बताया कि दोनों (लड़का और लड़की) सेना की हिरासत में थे. उनका कहना था कि जैसे ही सेना उन्हें पुलिस के हवाले कर देगी तुरंत आगे की जांच शुरू कर दी जाएगी.

दूसरी तरफ़ लड़की के पिता ने बीबीसी उर्दू को बताया, "मेरी बेटी को सेना ने रविवार की सुबह सात बजे हिरासत में लिया था और चार घंटे के बाद रिहा कर दिया. मेरी बेटी सुरक्षित है."

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उधर, हवेली के डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक़ ज़ीशान के पिता ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि उनका बेटा तीन दिन पहले मवेशी चराने के लिए घर से निकला था और अभी तक वापस नहीं आया. उन्होंने पुलिस को बताया कि अपने स्तर पर उसे तलाश करने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मिल पा रहा है.

डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक़ पिता का कहना है कि उनके गांव के लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर उनके बेटे की एलओसी पार करने और जम्मू-कश्मीर जाकर अपनी गर्लफ़्रेंड से मिलने के वीडियो के बारे में बताया है.

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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लड़की एक लड़के का हाथ थामे बैठी है और वीडियो बनाने वाले इस मौक़े पर उनकी पहचान के बारे में उनसे सवाल पूछ रहे हैं.

दोनों लोग खुली जगह पर साथ बैठे हैं, उनके चेहरे साफ़ दिख रहे हैं जबकि उनके पीछे हरे-भरे पहाड़ मौजूद हैं. सवाल पूछने वाला दोनों लोगों से उनके नाम और इलाक़े की पुष्टि करता है.

भारतीय पुलिस के मुताबिक़ लड़की का संबंध एलओसी के बेहद क़रीब स्थित उरी सेक्टर के तिलवाड़ी गांव से है.

जब बीबीसी ने लड़की के पिता से फ़ोन पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया, "मेरी बेटी को सेना ने रविवार की सुबह सात बजे हिरासत में लिया था और चार घंटे के बाद रिहा कर दिया."

उनका कहना है कि सेना ने उनकी बेटी को चाय पिलाई और खाना खिलाया.

पिता के मुताबिक उन्हें इन मामलों (प्यार-मोहब्बत) का पता पुलिस से चला. "हमारी बच्ची सुरक्षित है बस हमारे लिए यही काफ़ी है."

दूसरी तरफ़ पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की पुलिस के मुताबिक़ उन्हें वायरल वीडियो के ज़रिए पता चला है कि पाकिस्तानी युवक किसी भारतीय लड़की के संपर्क में था और इसी सिलसिले में एलओसी पार करके दूसरी तरफ़ चला गया.

डीएसपी हवेली सीमाब अब्बासी ने बीबीसी को बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक़ युवा यूनियन काउंसिल भड़ी के गांव पैनकड़ी का रहने वाला है. पैनकड़ी ज़िला हवेली का आख़िरी सरहदी गांव है जबकि लड़ी वह आख़िरी आबादी है जहां इस समय लड़के के पिता रहते हैं.

गर्मियों के मौसम में वह इस गांव से आगे के इलाक़े में चले जाते हैं जो लड़ी गांव में स्थित है. यह एलओसी के बहुत ही क़रीब है.

जब लोग दूर से देख-देखकर थक जाते हैं तो...

इस इलाक़े के स्थानीय निवासी शब्बीर बेग के मुताबिक़ इस इलाक़े में सड़क ख़त्म होने के बाद कई घंटों तक पैदल सफ़र करना पड़ता है.

उन्होंने बताया कि पैनकड़ी से आगे मोबाइल फ़ोन सर्विस नहीं है और गांव के ज़्यादातर लोगों को इस मामले का पता सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से चला.

शब्बीर बेग के अनुसार, "जब हमने वीडियो देखा तो उसके बाद ज़ीशान के माता-पिता को बताया कि आपका बेटा दूसरे कश्मीर (जम्मू-कश्मीर) चला गया है और उसका एक वीडियो वायरल है."

हवेली के निवासी सरदार मुज़फ़्फ़र का कहना है कि जिस इलाक़े से ज़ीशान कथित तौर पर एलओसी पार करके भारत प्रशासित कश्मीर में दाखिल हुआ वहां पर एक छोटा सा बरसाती नाला है जिसे पार करने में ज़्यादा दिक़्क़त नहीं होती.

उन्होंने कहा कि बहुत सी ऐसी घटनाएं होती हैं जिनमें लोगों के मवेशी बरसाती नाला पार करके दूसरी तरफ़ चले जाते हैं.

हवेली कहूटा की रहने वाली एडवोकेट शाज़िया कयानी ने बीबीसी को बताया कि एलओसी के आर-पार कश्मीरियों के ख़ून के रिश्ते हैं और जब ये लोग एक-दूसरे को दूर से देख-देखकर थक जाते हैं, तो फिर इस तरह की ख़तरनाक घटनाएं सामने आती हैं.

उन्होंने कहा, "पहले बस सर्विस के ज़रिए कश्मीरी परिवारों को आपस में मिलने के मौक़े मिले थे, अब वह भी ख़त्म हो गए हैं. पीढ़ी-दर-पीढ़ी यह रिश्ते चले आ रहे हैं. तो फिर लोग एक-दूसरे से मिलने की ऐसी कोशिश तो करेंगे ही."

हाल के दिनों में 24 नवंबर 2024 को भारत प्रशासित कश्मीर के करनी इलाक़े से एक लड़की ने नियंत्रण रेखा पार की थी और ज़िला हवेली के एक गांव में एक पाकिस्तानी लड़के के घर पहुंची थी.

This article was originally published by BBC हिंदी.

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