
महात्मा गांधी के अनशन: क्या वे सच में 'ज़िद' या 'ब्लैकमेल' थे?
महात्मा गांधी के अनशन पर विवाद, जानें क्या था उनका मकसद और कैसे सफल हुए

महात्मा गांधी के अनशन पर विवाद, जानें क्या था उनका मकसद और कैसे सफल हुए

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने अनशन को समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं, जिनमें सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करना या सांसदों द्वारा संसद में मुद्दा उठाने का आश्वासन शामिल है। वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था, जहां उनका अनशन जारी है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था की 'नाकामियों' और नीट परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने अनशन ख़त्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग शामिल नहीं है, जिससे उनके इरादों पर सवाल उठ रहे हैं।