
विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों पर संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च निकाला।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) में अनियमितताओं के विरोध में चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर धरना दिया। विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
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विपक्ष मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) और फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फॉर्म-6 में बदलाव के मामले पर सुनवाई की है।
लोकसभा में नेता, प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कांग्रेस के कई नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठ गए हैं.
इससे पहले दोनों निर्वाचन आयोग मुख्यालय पहुंचने के लिए आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए. पुलिस के रोके जाने के बावजूद दोनों नेता वहां पहुंचे.
राहुल गांधी ने कहा, "देश के साथ जो किया गया है, वह देशद्रोह है. चाहे प्रधानमंत्री मोदी हों, अमित शाह हों, आरएसएस प्रमुख हों या ज्ञानेश कुमार, किसी को भी बख़्शा नहीं जाएगा."
राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्तों से विपक्षी सांसदों की मुलाक़ात नहीं होने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, "300 से ज़्यादा विपक्षी सांसद आज संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर चुनाव आयुक्तों से मिलने पहुंचे. हम करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं. चुनाव आयुक्त हमसे मुलाक़ात क्यों नहीं कर रहे हैं? पुलिस हमें रोक क्यों रही है और धमका क्यों रही है?"
इससे पहले विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें नीति आयोग कार्यालय के सामने रोक दिया. यह जगह नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच उस रास्ते पर है, जो निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर जाता है. आगे जाने से रोके जाने के बाद विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन किया.
राहुल गांधी ने इससे पहले एक्स पर लिखा था, "ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो. अब इस्तीफ़ा देने का समय है."
प्रदर्शन में विपक्षी सांसदों के हाथों में आरएसएस की वर्दी में ज्ञानेश कुमार को दिखाने वाले कटआउट भी थे. उन्होंने "बीजेपी ही मुख्य चुनाव आयुक्त है", "वोट चोर, गद्दी छोड़" और "लोकतंत्र बिकाऊ नहीं है" जैसे नारे लगाए.
बीजेपी ने क्या कहा?
इंडिया ब्लॉक के मार्च और राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह मार्च कांग्रेस और उसके सहयोगियों की ओर से "अराजकता पैदा करने और राहुल गांधी को फिर से लॉन्च करने" की एक और कोशिश है. उन्होंने राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को गलत तरीके से पेश करने का आरोप भी लगाया.
पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फ़ॉर्म-6 को अवैध नहीं बताया है, बल्कि इस मामले में नोटिस जारी किया है और आगे इसकी जांच होगी. उन्होंने राहुल गांधी पर इस मुद्दे को लेकर देश में "भ्रम" पैदा करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, "एसआईआर का विरोध करके कांग्रेस 2.8 करोड़ मृतकों के नाम वोटर लिस्ट में बनाए रखना चाहती है? क्या राहुल गांधी और सोनिया गांधी 'वोट चोरी' से सांसद बने? अगर एसआईआर अवैध है, तो क्या कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल की कांग्रेस सरकारें भी अवैध हैं?"
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एसआईआर को लेकर "भ्रामक, बेबुनियाद और असंगत" बातें कर रहे हैं.
विपक्ष का आरोप क्या है?
विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न यानी एसआईआर में अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं. उनकी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और एसआईआर से जुड़े फैसलों की समीक्षा की है. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और फ़ॉर्म-6 से जुड़े फैसलों में नियमों का पालन नहीं किया गया.
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में फ़ॉर्म-6 से जुड़े मामले की सुनवाई हुई थी. इसके बाद राहुल गांधी ने दावा किया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने फ़ॉर्म-6 में "ग़ैरक़ानूनी और एकतरफ़ा" बदलाव किया है.
संसद से चुनाव आयोग तक मार्च
इंडिया ब्लॉक के सांसद मंगलवार को संसद के मकर द्वार से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे. मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कई अन्य विपक्षी सांसद शामिल हुए.
मार्च को देखते हुए संसद, संसद मार्ग, आकाशवाणी भवन और निर्वाचन आयोग मुख्यालय के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. पुलिस के रोके जाने के बाद विपक्षी सांसदों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया. बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया.
सोमवार, 5 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फ़ॉर्म-6 को लेकर अहम टिप्पणी की. मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि फ़ॉर्म-6 में किया गया बदलाव सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूर नहीं किया था. अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड सामने आने के बाद वह देखना चाहती है कि फ़ॉर्म में बदलाव किसने किया.
AI outlook — possibilities, not facts
सुप्रीम कोर्ट फॉर्म-6 में बदलाव की जांच के लिए आगे के निर्देश जारी करेगा।
Likely · Within weeks

Congress MPs Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi Vadra were taken into custody by the police during their ongoing protest at Akashvani Bhawan demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. Rahul Gandhi was taken to Kingsway Camp. The opposition alleges that there have been irregularities in the special intensive revision of the voter list and the Election Commission has made unilateral changes in Form-6. Rejecting these allegations, BJP said that the Supreme Court has not considered Form-6 illegal.

Congress MPs Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi Vadra are sitting on a dharna at Akashvani Bhawan demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. The opposition has alleged SIR irregularities in the voter list amid efforts by the police to remove them.

Opposition MPs, led by Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi, marched to the Election Commission headquarters to protest against alleged irregularities in the voter list. When stopped by the police, they sat on strike and were later taken into custody.

Opposition India Bloc MPs marched from Parliament to the Election Commission headquarters to protest against alleged vote theft and SIR of voter lists in Delhi. Police detained many MPs.

Opposition 'India' block MPs, led by Rahul and Priyanka Gandhi, marched from Parliament to the Election Commission headquarters to protest against vote theft and SIR of the voter list. When stopped by the police, the MPs staged a protest on the road.

MPs from the 'India' block, including Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi, marched from Parliament to the Election Commission to protest against vote theft and SIR of voter lists. After being stopped by the police, the leaders staged a protest on the road and demanded the resignation of the Chief Election Commissioner.