
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका दोबारा हमला करता है तो उसे पहले से कहीं अधिक कड़ा जवाब मिलेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्ध का चुनाव नतीजों पर असर पड़ा।
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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है।
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद ईरान के नेताओं ने कहा है कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के ख़िलाफ़ वोट दिया है.
वहीं, चुनाव से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका का ईरान पर तुरंत हमला करने का कोई इरादा नहीं है. हालांकि, उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की बात भी कही थी. चुनाव के बाद उन्होंने माना कि ईरान युद्ध का चुनाव नतीजों पर असर पड़ा.
इन चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. ताज़ा नतीजों के मुताबिक़, अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में अब डेमोक्रेटिक पार्टी के 54 और रिपब्लिकन पार्टी के 44 सदस्य हैं.
वहीं, अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक पार्टी के 228 और रिपब्लिकन पार्टी के महज़ 139 सदस्य हैं. इस सदन में बहुमत का आंकड़ा 218 है और अब भी 68 सीटों के नतीजे आने बाक़ी हैं. यानी दोनों ही सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है.
अब नतीजों के बाद ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ने दोबारा उस पर हमला किया, तो उसे पहले से कहीं ज़्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर अमेरिका हक़ीक़त और इतिहास के सबक़ों को नज़रअंदाज़ करके इस ख़तरनाक रास्ते पर चलता रहा, तो उसे इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.
उन्होंने लिखा, "इस बड़ी ग़लतफ़हमी के नतीजे अब तक देखी गई चीज़ों से कहीं ज़्यादा गंभीर होंगे."
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की थल सेना के कमांडर मोहम्मद करमी ने भी किसी ग़लत आकलन को दोहराने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है.
इससे पहले, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोज़तबा ख़ामेनेई ने भी कहा था कि अगर ईरान पर दोबारा हमला हुआ, तो उसकी जवाबी कार्रवाई का दायरा कहीं बड़ा होगा.
अमेरिकी चुनाव के नतीजों पर ईरान के अधिकारियों की पहली प्रतिक्रिया संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ की ओर से आई.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "चाहे यह अंतरात्मा की आवाज़ हो या जीवनयापन की बढ़ती लागत का असर, अमेरिकियों ने युद्ध को 'ना' कहा है और हम इस संदेश का समर्थन करते हैं."
उन्होंने आगे कहा कि अगर अमेरिकी अधिकारी अपने लोगों के संदेश को नज़रअंदाज़ करते हैं, तो इसके बुरे नतीजे होंगे.
इसी दौरान मोज़तबा ख़ामेनेई का संदेश भी इस्लामी गणराज्य के सर्वोच्च नेता की वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ. यह संदेश अमेरिकी दूतावास पर क़ब्ज़े की बरसी और 'राष्ट्रीय वैश्विक अहंकार-विरोधी दिवस' के मौक़े पर जारी किया गया था.
इसमें कहा गया है कि 40 दिन चले युद्ध के दौरान होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण और क्षेत्र के देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह करना उसकी शुरुआती प्रतिक्रिया थी.
संदेश में चेतावनी दी गई है कि अगर अमेरिका ने फिर हमला किया, तो ईरान की जवाबी कार्रवाई का दायरा बहुत व्यापक होगा.
संदेश के मुताबिक़, "ईरान की हर क्षेत्र में प्रगति की रणनीति को पूरी मज़बूती से जारी रखना होगा, ताकि किसी भी हमले के ख़िलाफ़ पूर्ण प्रतिरोध की स्थिति तक पहुंचा जा सके."
चुनाव से कुछ घंटे पहले क्या कह रहे थे ट्रंप?
चुनाव में मतदान ख़त्म होने से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स को फ़ोन पर इंटरव्यू दिया था.
इसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका का ईरान पर तुरंत हमला करने का कोई इरादा नहीं है.
ट्रंप ने मौजूदा स्थिति को "शानदार" बताया और कहा, "ऐसा लगता है कि हमें वह सब मिल रहा है जो हम चाहते हैं."
उन्होंने कहा कि अमेरिका वास्तव में ईरान के साथ युद्ध में नहीं है. ट्रंप के मुताबिक़, अमेरिका ने बी-2 बमवर्षकों से हमला करके ईरान की परमाणु क्षमता को ख़त्म कर दिया था.
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या इस हफ़्ते ईरान पर फिर हमला हो सकता है, तो उन्होंने कहा, "मैं तैयार हूं, हम तैयार हैं. अगर ज़रूरत पड़ी तो हम पूरी तरह तैयार हैं. लेकिन हो सकता है कि इसकी कोई ज़रूरत ही न पड़े."
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका युद्ध जारी रखने के लिए तैयार है.
होर्मुज़ स्ट्रेट से तेल की आवाजाही का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब वहां से युद्ध से पहले के मुक़ाबले ज़्यादा तेल गुज़र रहा है.
ईरान के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत के बारे में उन्होंने कहा कि संवर्धित यूरेनियम के भंडार का भविष्य भी बातचीत के मुद्दों में शामिल है.
ट्रंप के मुताबिक़, ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी और प्रतिबंधों के बीच मौजूदा स्थिति अमेरिका के लिए अच्छी है.
नतीजों के बाद क्या बोले ट्रंप?
वहीं, मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ट्रंप ने माना कि ईरान युद्ध का चुनावी नतीजों पर असर पड़ा.
वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए फ़ोन इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान युद्ध की वजह से रिपब्लिकन पार्टी का प्रदर्शन ख़राब हुआ, तो उन्होंने कहा, "ईरान भी इसकी एक वजह था."
हालांकि, ट्रंप ने युद्ध शुरू करने के अपने फ़ैसले पर कोई अफ़सोस नहीं जताया. उन्होंने कहा, "मैंने सही किया. अगर मुझे दोबारा ऐसा करना होता, तो मैं फिर यही करता."
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