50 कि.मी. तक चलती बस में हैवानियत: नाबालिग के साथ गैंगरेप के केस में दिल्ली पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ़्तार
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दिल्ली पुलिस ने एक 16 वर्षीय लड़की के साथ चलती बस में कथित गैंगरेप के मामले में ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ़्तार किया है. घटना उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली नाबालिग लड़की के साथ हुई, जब वह नोएडा सेक्टर 63 में एक रिश्तेदार के घर जाने के लिए घर से निकली थी. बस परी चौक से ग़लती से उतरने के बाद स्लीपर बस में चढ़ी, जहाँ कंडक्टर ने उसके साथ गलत हरकत शुरू की और बाद में उसे कश्मीरी गेट के पास छोड़कर भाग गए. अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि बस को फ़ोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. इस घटना पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और सीपीआई ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की है.
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Why It Matters
एक 16 वर्षीय लड़की के साथ चलती बस में कथित गैंगरेप के मामले में दिल्ली पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ़्तार किया है. घटना उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली नाबालिग लड़की के साथ हुई, जब वह नोएडा सेक्टर 63 में एक रिश्तेदार के घर जाने के लिए घर से निकली थी.
50 कि.मी. तक चलती बस में हैवानियत': नाबालिग के साथ गैंगरेप के केस में दिल्ली पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ़्तार
प्रकाशित 17 मिनट पहले
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एक 16 वर्षीय लड़की के साथ चलती बस में कथित गैंगरेप के मामले में दिल्ली पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ़्तार किया है.
उत्तरी दिल्ली की डीसीपी निहारिका भट्ट ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया है कि ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को घटना के दिन ही तिमारपुर इलाक़े के पार्किंग इलाक़े से गिरफ़्तार किया गया था.
रिपोर्ट के मुताबिक़, नाबालिग लड़की को परिजनों को सौंप दिया गया है जबकि अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, पुलिस ने बस को क़ब्ज़े में लेकर इसको फ़ोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है.
वहीं इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ियां तेज़ हो गई हैं. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और सीपीआई ने पुलिस और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं.
हालांकि, बीजेपी का कहना है कि दिल्ली पुलिस तेज़ी से एक्शन ले रही है और क्राइम कंट्रोल पर काम कर रही है.
किस जगह का है मामला
मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की 11वीं क्लास की 16 वर्षीय लड़की का परिजनों से किसी बात पर विवाद हुआ था. इसके बाद नाबालिग नोएडा सेक्टर 63 में एक रिश्तेदार के यहां जाने के लिए बिना बताए घर से आ गई थी.
अलग-अलग रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चार अगस्त की रात नाबालिग लड़की बारिश और अंधेरे की वजह से ग़लती से नोएडा के परी चौक उतर गई थी.
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इसके बाद एक पर्दों वाली स्लीपर बस उसके पास आकर रुकी. स्लीपर बस में कोई यात्री सवार नहीं था और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसे नोएडा सेक्टर 63 छोड़ने की बात कही.
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, पुलिस ने बताया कि स्लीपर बस सूरजपुर में एक वर्कशॉप से रिपेयर के बाद ख़ाली लौट रही थी. सर्वाइवर ने आरोप लगाया कि बस के चलने के थोड़ी देर बाद ही कंडक्टर ने गलत हरकत करना शुरू कर दिया.
अख़बार के दिल्ली पुलिस के हवाले से लिखा कि नाबालिग़ का रेप हुआ और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई. बाद में अभियुक्त उसे कश्मीरी गेट के पास रिंग रोड के पास छोड़कर भाग गए. इसको बाद नाबालिग़ ने पुलिस से संपर्क किया.
परी चौक से कश्मीरी गेट की दूरी 40 किलोमीटर से अधिक है. इस दौरान सर्वाइवर अभियुक्तों के साथ बस में थी.
बस कंपनी के मैनेजर ने क्या कहा?
बस ट्रैवल कंपनी के मैनेजर मोनू गुप्ता से समाचार एजेंसी एएनआई से बात की है. उन्होंने बताया कि बस 27 जुलाई से 4 अगस्त तक सूरजपुर हिमगिरी में रिपेयरिंग के लिए खड़ी थी.
मोनू गुप्ता ने बताया, "सेंसर न मिलने की वजह से गाड़ी वहीं ख़राब खड़ी थी. 4 अगस्त को ठीक होने के बाद शाम पांच बजे वो बस वहां से निकली. बीच में रुकने के बाद रात नौ बजे बस को इन्होंने निकाला."
"हमने इन्हें कहा कि तिमारपुर जाओ और गाड़ी के छोटे-मोटे काम करा लो. इसके बाद ये लोग तिमारपुर की ओर गए थे. हमें लगा कि गाड़ी तिमारपुर पहुंच चुकी है लेकिन सुबह हमें दिल्ली प्रशासन का फ़ोन आया कि आपकी गाड़ी पकड़ी गई है और ड्राइवर-कंडक्टर ने ऐसे-ऐसे काम किए हैं जिसकी वजह से जेल में बंद हैं."
"कंडक्टर-ड्राइवर कानपुर देहात के रहने वाले हैं और बीते दो सालों से हमारे यहां काम कर रहे थे."
दिल्ली पुलिस पर राजनीतिक दलों का निशाना
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इस घटना के बाद कांग्रेस से लेकर सीपीआई तक केंद्र सरकार और उसके मातहत आने वाली दिल्ली पुलिस की निंदा कर रहे हैं.
कांग्रेस ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "चलती बस में 16 साल की बच्ची से गैंगरेप. क़रीब 50 कि.मी. तक चलती बस में हैवानियत होती रही, लेकिन दो प्रदेशों की पुलिस कान में रुई डालकर सोई रही."
"न कोई गश्त, न कोई चेकिंग. ये घटना न सिर्फ़ महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलती है, बल्कि ये भी दिखाती है कि अपराधियों में क़ानून का कोई ख़ौफ़ नहीं है. सच यही है- 'डबल इंजन' सरकारों में लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त है."
"आज अपराधी बेख़ौफ़ होकर अपराध को अंजाम दे रहे हैं और बीजेपी सरकार हवा-हवाई दावे करने में मशगूल है, उन्हें जनता की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं."
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की तीन आपराधिक घटनाओं का ज़िक्र करते हुए समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि इसके लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सीधे तौर पर ज़िम्मेदार हैं.
उन्होंने कहा, "रेखा गुप्ता जैसी असंवेदनशील महिला मुख्यमंत्री मैंने आज तक नहीं देखी. बीजेपी ने ऐसे घटिया इन्फ़्लुएंसर छोड़े हैं जो बलात्कारियां की वकालत कर रहे हैं."
सीपीआई नेता एनी राजा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि दिल्ली पुलिस को दिल्ली के लोगों की जान और रोज़ी-रोटी की सुरक्षा करने के बजाय दूसरी ज़िम्मेदारियां दी गई हैं, जो सरकार की मुख्य ज़िम्मेदारी है.
उन्होंने कहा, "अब उनका (दिल्ली पुलिस का) इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए किया जा रहा है. पूरी ज़िम्मेदारी और ध्यान ऐसे अपराधों को रोकने पर होना चाहिए. इसे राज्य सरकार और गृह मंत्रालय दोनों को गंभीरता से लेना चाहिए."
वहीं बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने दिल्ली पुलिस का बचाव करते हुए कहा है कि क्राइम के साथ-साथ दिल्ली पुलिस जितना जल्दी एक्शन ले रही है, ये भी देखा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, "क्राइम कंट्रोल के ऊपर दिल्ली पुलिस काम करती है. मगर मैं जनता से भी कहूंगा कि वो भी जागरूक रहें. अगर पड़ोस और मोहल्ले में ऐसी बात दिखाई देती है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि घटना होने से पहले ही उसे रोका जा सके."
What to Watch
AI outlook — possibilities, not facts
दिल्ली पुलिस अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दायर करेगी और मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा.
Very likely · Within weeks
घटना के बाद दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन में महिला सुरक्षा के लिए नए उपाय लागू कर सकती है.
Likely · Within months
Open Questions
- क्या बस में कोई अन्य यात्री या कर्मचारी घटना के समय मौजूद थे?
- क्या घटना के समय बस में सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे?
- अभियुक्तों के खिलाफ किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है?
- पीड़िता को किस प्रकार का चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक समर्थन प्रदान किया जा रहा है?

