रांची में विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक टकराव
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच झड़प, वाटर कैनन का इस्तेमाल।
Quick Look
झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक टकराव हुआ। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि नौ दिन से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी स्ट्रेचर पर मार्च में शामिल हुए।
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Why It Matters
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन चल रहा है। 10 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला।
प्रकाशित 10 अगस्त 2026, 13:16 IST
अपडेटेड 35 मिनट पहले
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झारखंड की राजधानी रांची में विधानसभा मार्च के लिए निकले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक टकराव हुआ है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया है.
अभ्यर्थियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की है. हालांकि, प्रदर्शनकारी अब भी मौके पर डटे हुए और उन्होंने कई बैरिकेड भी पार किए हैं.
इस मार्च में नौ दिन से अनशन पर बैठे स्टूडेंट लीडर देवेंद्र नाथ महतो भी शामिल हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि वो कंटीले तारों की बाड़ और बैरिकेडिंग पार करके आए हैं.
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन जारी है. 10 अगस्त को प्रदर्शनकारी विधानसभा घेराव के लिए मार्च कर रहे हैं.
सरकार का कहना है कि उसने छात्रों की करीब 98 फ़ीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन स्टूडेंट इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. सबसे बड़ा विवाद जेएसएससी (झारखंड स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन)-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच को लेकर है.
देवेंद्र नाथ महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं भूख हड़ताल पर हूं, इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने आया हूं. मैं यहां एंबुलेंस से पहुंचा हूं और स्ट्रेचर पर आगे बढ़ रहा हूं."
उन्होंने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की मांगें माननी होंगी.
सरकार के साथ बातचीत में क्या हुआ?
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच रविवार को रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में बातचीत हुई जिसमें 14वीं जेपीएससी (झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन) की प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और एक उच्च स्तरीय जांच कमिटी बैठाने की मांग पर सहमति बनी है.
बीबीसी संवाददाता सीटू तिवारी के मुताबिक़, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्रनाथ महतो गुट के प्रवक्ता रविंद्र रवि ने बताया, "सरकार के साथ 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने पर सहमति बनी है. जेपीएससी की दोनों बैकलॉग परीक्षा 2023 और 2025 रद्द किए जाने और परीक्षाओं की सीआईडी, ईडी, रिटायर जज से जांच कराए जाने पर सहमति बनी है."
रविंद्र रवि ने कहा कि स्टूडेंट्स परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने की माँग पर अड़े हुए हैं.
देवेंद्रनाथ महतो गुट के एक छात्र नेता रवींद्र पासवान ने पत्रकारों को बताया कि रविवार को हुई वार्ता में सरकार ने स्टूडेंट्स की लगभग सभी मांगों पर सहमति जताई है लेकिन कुछ मुद्दे अभी भी नहीं सुलझे हैं.
उन्होंने कहा, "यह सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत का दूसरा दौर था. ख़ास तौर पर 14वीं जेपीएससी, जेपीएससी बैकलॉग 2023 और जेपीएससी बैकलॉग 2025 परीक्षाओं को लेकर. सरकार ने इन तीनों को रद्द करने पर विचार करने का फ़ैसला किया है."
"इसके अलावा, सरकार ने टीडीपीएल एजेंसी की तरफ़ से आयोजित सभी परीक्षाओं की सीआईडी और ईडी जांच कराने का प्रस्ताव दिया है. सुधारों से जुड़ी हमारी लगभग सभी मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है, सिर्फ़ एक-दो मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी, जैसे उम्र सीमा में छूट."
अखिलेश ने कहा- भारत सरकार ज़िम्मेदार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने झारखंड में चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि बेरोज़गारी के लिए असली ज़िम्मेदार भारत सरकार है.
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, "झारखंड के बच्चों से सरकार बातचीत कर रही है, हमें उम्मीद है रास्ता निकलेगा लेकिन असली जिम्मेदार है भारत की सरकार. भारत की सरकार ने क्या किया झारखंड के लोगों को नौकरी देने के लिए?"
उन्होंने कहा, "अगर भारत सरकार कुछ अच्छा काम करती है, तो इससे राज्य सरकार को भी फ़ायदा होता है. बेरोज़गारी और नौजवानों का भविष्य अंधकार में डालने के लिए असली ज़िम्मेदार भारत सरकार है."
गौरतलब है कि झारखंड सरकार के साथ रविवार को बातचीत होने के बाद सोमवार को आंदोलनकारी पुराने विधानसभा परिसर से नए विधानसभा भवन की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं.
Open Questions
- क्या सीबीआई जांच की मांग पूरी होगी?
- उम्र सीमा में छूट के मुद्दे पर क्या फैसला होगा?




