सोने की ईंटें, आलीशान कारें, महंगी घड़ियां; एक अमेरिकी जासूस ने कैसे की अरबों रुपये की धोखाधड़ी?
डेविड रश ने फर्जी कॉन्ट्रैक्ट के जरिए सरकारी धन हड़पने और विदेशी सरकार को खुफिया जानकारी देने की बात स्वीकार की है।
Quick Look
पूर्व सीआईए अधिकारी डेविड रश ने 20 करोड़ डॉलर की सरकारी धोखाधड़ी और विदेशी सरकार को गोपनीय जानकारी लीक करने का अपराध कबूल किया है। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से सोने की 298 ईंटें और लग्जरी सामान बरामद हुआ था।
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Why It Matters
डेविड रश सीआईए के पूर्व अधिकारी थे जिन्होंने फर्जी कॉन्ट्रैक्ट के जरिए सरकारी धन की चोरी की। उन पर विदेशी सरकार को खुफिया जानकारी साझा करने का भी आरोप है।
एक पूर्व सीआईए अधिकारी, जिन्हें घर में सोने की सैकड़ों ईंटें छिपाकर रखने के बाद गिरफ्तार किया गया था, ने अब अमेरिकी सरकार के साथ करीब 20 करोड़ डॉलर यानी करीब 1900 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की बात कबूल की है।
इस बड़े घोटाले के लिए फर्जी कॉन्ट्रैक्ट और रियल एस्टेट सौदों का इस्तेमाल किया गया था।
49 वर्षीय डेविड रश को समझौते के तहत अमेरिकी सरकार को हर्जाना देना होगा। साथ ही, अपराध से जुड़े आलीशान मकानों, कारों, घड़ियों और दूसरी संपत्तियों को भी सरकार को सौंपना होगा।
रश ने एक विदेशी सरकार को गोपनीय जानकारी देने की बात भी कबूल की है। अभियोजकों के मुताबिक, इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को "गंभीर नुकसान" हो सकता था।
अभियोजकों ने अदालत में दाखिल दस्तावेज़ में समझौते की शर्तों का उल्लेख करते हुए कहा, "अभियुक्त दोषी होने की वजह से अपना अपराध कबूल करेगा।"
बीबीसी ने रश के वकील से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
रश पर शुरुआत में सरकारी धन की चोरी का आरोप लगाया गया था, लेकिन अब उन्होंने वायर फ्रॉड यानी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से धोखाधड़ी के आरोप में अपना अपराध कबूल कर लिया है।
गिरफ्तारी के समय उनके घर पर छापेमारी में 298 सोने की ईंटें मिली थीं। रश का कहना था कि ये उन्हें "काम से जुड़े खर्चों" के लिए मिली थीं।
इस समझौते से जुड़े अदालत के दस्तावेज़ों में मामले की कुछ नई जानकारियां सामने आई हैं। इनमें बताया गया है कि रश ने एक विदेशी अधिकारी को एक 'सीक्रेट ह्यूमन सोर्स' के अस्तित्व और उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी दी थी।
अभियोजकों ने दस्तावेज़ में कहा, "इस तरह की जानकारी सामने आने से उस मानव स्रोत और उसके साथ काम कर रहे अमेरिकी सरकार के अधिकारियों की सुरक्षा और जान को ख़तरा हो सकता है। इससे अमेरिकी सरकार की उन मानव स्रोतों को भर्ती करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।"
एक प्रेस विज्ञप्ति में सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि रश ने "अपने पद का दुरुपयोग किया और जनता के भरोसे को धोखा दिया। उसे अपने किए के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
एफबीआई जांचकर्ताओं के मुताबिक, नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच रश ने "काम से जुड़े खर्चों" के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा और करोड़ों डॉलर की सोने की ईंटों की बार-बार मांग की।
समझौते की जानकारी देने वाले अदालत में दाखिल दस्तावेज़ के मुताबिक, रश ने दक्षिण फ्लोरिडा में आलीशान मकान खरीदने के लिए एक बेहद गोपनीय कार्यक्रम की कहानी गढ़ी। उनका इरादा इन संपत्तियों को बाद में निजी मुनाफ़े के लिए बेचने का था।
दस्तावेज़ में कहा गया है कि रश "व्यवहार में खुद ही मंज़ूरी देने वाले अधिकारी की भूमिका निभा रहे थे", जिससे उन्हें बिना किसी प्रभावी निगरानी के अमेरिकी सरकार की बड़ी रकम खर्च करने का मौका मिल गया।
इसके बाद उन्होंने "धोखाधड़ी से हासिल" सरकारी धन का इस्तेमाल दक्षिण फ्लोरिडा में आलीशान प्रॉपर्टी खरीदने के लिए किया। अदालत के दस्तावेज़ के मुताबिक, इस घोटाले के तहत एक संपत्ति के लिए इंटीरियर डिजाइनर को काम पर रखना और 40,000 डॉलर के किचन उपकरण खरीदना भी शामिल था।
वायर फ्रॉड का आरोप जनवरी 2026 में उनके द्वारा किए गए 4.5 करोड़ डॉलर के एक ट्रांसफर से जुड़ा था। समझौते में यह भी कहा गया है कि रश ने "एक विदेशी सरकार के ऐसे अधिकारी को टॉप सीक्रेट जानकारी दी, जिसे इसे पाने की अनुमति नहीं थी और जिसे इस जानकारी की ज़रूरत भी नहीं थी।"
सोने की ईंटों के अलावा रश के पास 20 लाख डॉलर नकद और 35 लग्ज़री घड़ियां भी मिली थीं।
अभियोजकों ने कहा कि रश पैसे को ऐसी कमोडिटीज़ में बदल रहा था, जिन्हें आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस बात के "मजबूत सबूत" हैं कि वह पैसे छिपाने की कोशिश कर रहा था।
समझौते के तहत रश को ये घड़ियां और दो बीएमडब्ल्यू कारें भी सरकार को सौंपनी होंगी। इसके अलावा, 20 लाख डॉलर नकद और उनके बैंक खाते से जब्त किए गए करीब 3.9 करोड़ डॉलर भी सरकार के हवाले करने होंगे।
संघीय अदालत के जज बाद में उनकी सज़ा तय करेंगे। इस मामले में अधिकतम 20 साल की जेल की सज़ा हो सकती है। हालांकि, अभियोजकों ने कहा कि संघीय कानून के तहत यह सज़ा और बढ़ सकती है।
जून में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज विलियम फिट्ज़पैट्रिक ने रश के पेशेवर करियर को देखते हुए कहा था कि उनके फ़रार होने का जोख़िम है और मुकदमे की सुनवाई तक उन्हें जेल में रखने का आदेश दिया था।
उन्होंने कहा, "वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पकड़ से बचकर आसानी से फरार हो सकते हैं।"
अदालती रिकॉर्ड में रश के सीआईए के लिए किए गए काम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। इनमें उन्हें वर्जीनिया स्थित एक अमेरिकी सरकारी एजेंसी का पूर्व वरिष्ठ अधिकारी बताया गया है, जिनके पास टॉप सीक्रेट सुरक्षा मंजूरी देना और गोपनीय जानकारी तक पहुंच शामिल थी।
अमेरिकी मीडिया ने सीआईए में उनकी पूर्व नौकरी की पुष्टि की है।
द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक वह एजेंसी के विज्ञान और तकनीक निदेशालय में वरिष्ठ अधिकारी थे। यह विभाग हाइटेक जासूसी उपकरण विकसित करता है।
रश पर इससे पहले अमेरिकी नौसेना से सम्मानपूर्वक सेवा-मुक्त होने के बाद वेतन के साथ सैन्य अवकाश धोखे से लेने और 2009 में नौकरी के लिए आवेदन करते समय अपनी शिक्षा और सैन्य सेवा के बारे में झूठ बोलने के आरोप भी लगे थे। अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, रश पर नियोक्ताओं को खुद को नौसेना का पायलट बताकर झूठ बोलने का आरोप था।
समझौते से जुड़े दस्तावेज़ में कहा गया है, "रश की सैन्य और शैक्षणिक उपलब्धियों से जुड़े ये और अन्य दावे झूठे थे।"
यह स्पष्ट नहीं है कि वह अपने आवेदन फॉर्म में झूठ बोलने के बावजूद जांच में कैसे पास हो गए।
द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, कई सीआईए अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया है और इस बात की जांच की जा रही है कि रश बैकग्राउंड चेक में कैसे पास हो गए।
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संघीय अदालत द्वारा सजा का निर्धारण
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- रश बैकग्राउंड चेक में कैसे पास हुए?
- किस विदेशी सरकार को जानकारी दी गई?




