भारत की जीडीपी ग्रोथ पर बहस: 7.8 प्रतिशत वृद्धि का आम आदमी पर क्या असर?
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भारत की वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के 6.9 प्रतिशत से अधिक है। सरकार इसे आर्थिक मजबूती का संकेत बताती है, जबकि आलोचक पूर्ण तस्वीर नहीं होने का दावा करते हैं। विशेषज्ञों ने इस वृद्धि के आम आदमी की जेब, नौकरियों और आय पर असर पर चर्चा की।
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Why It Matters
भारत की वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के 6.9 प्रतिशत से अधिक है। सरकार इसे आर्थिक मजबूती का संकेत बताती है, जबकि कुछ आलोचक पूर्ण तस्वीर नहीं होने का दावा करते हैं।
भारत की जीडीपी ग्रोथ पर बहस, आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है? द लेंस
प्रकाशित 50 मिनट पहले
सरकार ने बीते दिनों बताया कि इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की जीडीपी की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही.
ये पिछले साल की पहली तिमाही में दर्ज 6.9 प्रतिशत से ज़्यादा है.
सरकार का कहना है कि ये भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूत रफ़्तार को दिखाती है.
दूसरी तरफ़ इन आंकड़ों पर कुछ आलोचकों का कहना है कि तस्वीर जितनी सुहानी दिख रही है उतनी है नहीं.
इस मामले में जब बात शुरू होती है तो स्वाभाविक है कि आप-हम अपनी जेब टटोलते हैं और सोचते हैं कि अगर सबकुछ इतना अच्छा है तो क्या हमारी जेब पर भी उसका असर पड़ रहा है? यही चर्चा इस हफ़्ते होती रही.
इससे जुड़े कई सवाल भी हैं. जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ का असल मतलब क्या है?
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार भारत की इस ग्रोथ को किस तरह देख रहे हैं? इस पूरी बहस का मतलब हमारे और आपके लिए क्या है?
इस ग्रोथ का असर हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कब और कैसे दिखाई देगा? क्या जीडीपी के साथ नौकरियां और घरेलू आय भी बढ़ रही है?
द लेंस के आज के एपिसोड में ऐसे ही सवालों पर चर्चा की गई.
इस चर्चा में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ शामिल हुए बिज़नेस मामलों से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार आलोक जोशी, बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के भारत के चेयरमैन जन्मेजय सिन्हा और यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट में अर्थशास्त्र की प्रोफ़ेसर जयती घोष.
प्रोड्यूसरः शिल्पा ठाकुर, सईदुज़्जमान
गेस्ट कोऑर्डिनेटरः संगीता यादव
वीडियो एडिटिंगः आशीष जैन
What to Watch
AI outlook — possibilities, not facts
अगली तिमाही में भी जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत से ऊपर बनी रह सकती है
Likely · Within months
Open Questions
- क्या इस जीडीपी वृद्धि का लाभ सभी आय वर्गों तक पहुंच रहा है?
- नौकरियों के सृजन में इस वृद्धि का कितना योगदान है?
- मुद्रास्फीति पर इस वृद्धि का क्या असर पड़ रहा है?


