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अमेरिकी अभिनेत्री के विज्ञापन पर विवाद, महिला खिलाड़ी बोलीं- 'खेलों में महिलाएं ऐसी दिखती हैं'
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अमेरिकी अभिनेत्री के विज्ञापन पर विवाद, महिला खिलाड़ी बोलीं- 'खेलों में महिलाएं ऐसी दिखती हैं'

अभिनेत्री सिडनी स्वीनी वाले एक विवादास्पद स्पोर्ट्स गैंबलिंग विज्ञापन के ख़िलाफ़ महिला एथलीटों ने आवाज़ उठाई है।

Quick Look

अमेरिकी अभिनेत्री सिडनी स्वीनी के एक स्पोर्ट्स गैंबलिंग विज्ञापन में कपड़ों के बिना दिखने पर महिला एथलीटों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह विज्ञापन खेलों में महिलाओं के शरीर को सेक्शुअली पेश करता है, जबकि असली महिला एथलीट मसल्स और कड़ी मेहनत से पहचानी जाती हैं।

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Why It Matters

अमेरिकी अभिनेत्री सिडनी स्वीनी के एक स्पोर्ट्स गैंबलिंग विज्ञापन में कपड़ों के बिना दिखने पर महिला एथलीटों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

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महिला एथलीटों ने अभिनेत्री सिडनी स्वीनी वाले एक विवादास्पद स्पोर्ट्स गैंबलिंग विज्ञापन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है।

यह विज्ञापन ऑनलाइन वायरल हो गया है। इसमें अमेरिकी अभिनेत्री सिडनी स्वीनी ने कोई कपड़े नहीं पहने हैं और उन्होंने अपने शरीर के कुछ हिस्सों को खेल के अलग-अलग सामान से ढंका हुआ है।

इस विज्ञापन पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। कई महिला एथलीटों ने खेलों में महिलाओं के शरीर को सेक्शुअली पेश किए जाने की आलोचना की है।

उनका कहना है कि खेलों में महिलाओं को उनकी उपलब्धियों के बजाय उनके जिस्म, उनकी शक्ल-सूरत के आधार पर देखा जा रहा है।

'सिडनी स्वीनी, खेलों में महिलाएं ऐसी दिखती हैं'

एमी हंट इस साल की शुरुआत में चार बार की यूरोपीय चैंपियन बनी थीं। रविवार को उन्होंने बुडापेस्ट में अल्टीमेट चैंपियनशिप के 200 मीटर फ़ाइनल में 22.10 सेकंड का सीज़न का अपना सबसे अच्छा समय दिया। वह चौथे स्थान पर रहीं।

रेस के बाद बीबीसी स्पोर्ट को दिए इंटरव्यू में हंट ने इस विज्ञापन का ज़िक्र किया।

उन्होंने कहा, "सिडनी स्वीनी, खेलों में महिलाएं ऐसी दिखती हैं।"

मेलिसा जेफ़रसन-वुडन ने 21.47 सेकंड में ये रेस जीती थी। यह इस दूरी का अब तक का चौथा सबसे तेज़ समय है।

हंट ने मेलिसा का ज़िक्र करते हुए कहा, "21.4 सेकंड। मसल्स, कड़ी मेहनत, खून, पसीना, आंसू। यह एक ख़ूबसूरत शाम है।"

29 साल की अमेरिकी अभिनेत्री सिडनी स्वीनी टीवी सिरीज़ 'यूफोरिया' में काम कर चुकी हैं। उनकी फ़िल्मों में 'एनीवन बट यू' और 'द हाउसमेड' शामिल हैं।

विज्ञापन के ख़िलाफ़ विरोध के बाद कई दूसरे खेलों के एथलीट भी इसमें शामिल हो गए।

उन्होंने अपने ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं के वीडियो पोस्ट किए। साथ ही, उन्होंने अपने करियर के दौरान झेली गई परेशानियों और संघर्षों के बारे में बताया।

कहां से हुई विरोध की शुरुआत

इसकी शुरुआत अमेरिकी जिम्नास्ट ग्रेसी क्रेमर ने की थी। उन्होंने अपने ट्रेनिंग के वीडियो का एक मोंटाज पोस्ट किया।

इसके साथ उन्होंने लिखा, "मुझे नहीं पता कि सिडनी स्वीनी क्या कर रही थीं, लेकिन खेलों में महिलाएं ऐसी दिखती हैं।"

क्रेमर ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस को बताया कि उन्हें अपनी पोस्ट पर इतनी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी।

उन्होंने कहा कि वह "सिर्फ़ महिलाओं का हौसला बढ़ाना चाहती थीं"। वह उन्हें याद दिलाना चाहती थीं कि इस तरह के विज्ञापन देखने को मिल सकते हैं, लेकिन "यही एकमात्र चीज़ नहीं है जो मायने रखती है"।

उन्होंने कहा कि इस ट्रेंड में "सभी शानदार एथलीटों को शामिल होते, खुद को और एक-दूसरे को हौसला देते देखना बहुत अच्छा" था।

क्रेमर ने बताया कि जिम्नास्ट के तौर पर लियोटार्ड पहनकर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की वजह से उन्हें पुरुषों से "बहुत अपमानजनक और महिलाओं को ऑब्जेक्टीफ़ाई करने वाले" संदेश मिलते रहे हैं।

क्रेमर ने कहा, "दुर्भाग्य से, अपने पूरे करियर में मुझे लगभग हर समय एक वस्तु की तरह देखा गया। इसी वजह से मुझे इस बारे में पोस्ट करने और उन महिलाओं के लिए आवाज़ उठाने की हिम्मत मिली, जो इस तरह नहीं देखना चाहतीं। वे इस दुर्भाग्यपूर्ण सोच का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं, जिसे लंबे समय से बढ़ावा दिया जा रहा है।"

'महिलाओं की एक ख़ास तरह की तस्वीर दिखाई गई'

ऑस्ट्रेलिया की चार बार की ओलंपिक तैराकी चैंपियन एरियार्ने टिटमस ने कहा, "यह उन सभी महिलाओं के लिए बड़ा झटका है, जिन्होंने अपना जीवन अपने खेल को बेहतर बनाने में लगा दिया। यह उन महिलाओं के लिए भी झटका है, जो खेलों का उनके असली रूप में आनंद लेती हैं।"

उन्होंने सवाल किया, "हम ऐसी दुनिया में कैसे जी रहे हैं, जहां महिलाओं के शरीर से पैसा कमाना और महिला खेलों को सेक्शुअली पेश करना अभी भी आम बात है?"

ब्रिटिश साइकिलिस्ट और ओलंपिक चैंपियन सोफी केपवेल एमबीई, रग्बी खिलाड़ी लिसा न्यूमैन और एली बोटमैन और ऑस्ट्रेलियाई वाटर पोलो ओलंपियन टिली कीर्न्स ने भी अपनी कहानियां साझा कीं।

अपनी पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया के बाद केपवेल ने बीबीसी स्पोर्ट से कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत असरदार है कि इतनी सारी महिलाएं सामने आकर अपनी बात कह रही हैं।"

उन्होंने कहा, "इस विज्ञापन में खेलों में महिलाओं की एक ख़ास तरह की तस्वीर दिखाई गई है। मुझे लगता है कि यही सबसे परेशान करने वाली बात है। खेल से जुड़े किसी अभियान का चेहरा ऐसा ही क्यों होना चाहिए?"

"एक महिला को इस तरह दिखाने की ज़रूरत क्यों है? उसे एक एथलीट या खेल से जुड़े किसी दूसरे रूप में भी दिखाया जा सकता था।"

उन्होंने कहा, "मुद्दा यह नहीं है कि लोग किसी महिला के अपनी मर्ज़ी से कुछ करने के ख़िलाफ़ हैं। मुद्दा यह है कि खेलों में महिलाओं को लेकर यही एक कहानी सबसे ज़्यादा दिखाई जाती है। या फिर यही कहानी सबसे ज़्यादा लोकप्रिय होती है।"

इंग्लैंड की महिला रग्बी खिलाड़ी एलेक्स मैथ्यूज़ ने कहा कि स्वीनी जैसे विज्ञापनों की वजह से युवा महिलाओं को यह नहीं मानना चाहिए कि "एक ही तरह का शरीर सबके लिए सही होता है।"

उन्होंने बीबीसी स्पोर्ट से कहा, "ऐसा कोई आदर्श शरीर नहीं होता, जैसा लोग सोचते हैं। ख़ासकर रग्बी में। अगर सभी का शरीर एक जैसा होता, तो आपके पास कोई टीम ही नहीं होती।"

"हर तरह के शरीर की अपनी ख़ासियत होती है।"

मैथ्यूज ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में रग्बी सेवेन्स में ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व किया था।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक विलेज में उन्हें सबसे प्रेरणादायक चीज़ों में से एक अलग-अलग तरह के लोगों को देखना लगा। वहां पुरानी पीढ़ी के लोग थे, युवा खिलाड़ी थे, लंबे लोग थे और कुछ बड़े शरीर वाले लोग भी थे। लेकिन वे सभी अपने-अपने खेल में सर्वश्रेष्ठ थे।

अभिनेत्री पहले भी रहीं विवादों में

स्वीनी ने इस विवाद पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया पर दूसरे एथलीटों की कम कपड़ों में पोज़ देते हुए कई तस्वीरें पोस्ट की हैं।

ये तस्वीरें ईएसपीएन के कवर की एक सिरीज़ का हिस्सा थीं। इनमें टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स और एमएमए फाइटर और रेसलर रोंडा राउज़ी जैसी हस्तियां शामिल थीं। पुरुष एथलीटों में एनएफएल खिलाड़ी माइल्स गैरेट और बास्केटबॉल खिलाड़ी कार्ल-एंथनी टाउन्स भी थे।

पिछले साल स्वीनी एक और विवादास्पद विज्ञापन में नज़र आई थीं। उन्होंने अमेरिकन ईगल के लिए जींस का एड किया था। इसका नारा था, "सिडनी स्वीनी के पास बेहतरीन जींस हैं।"

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस विज्ञापन का विरोध किया था।

इसमें "जींस" और "जीन्स" शब्दों के मेल को लेकर भी सवाल उठे थे। इससे नस्ल और सुंदरता के मानकों को लेकर बहस छिड़ गई थी।

Open Questions

  • क्या विज्ञापन निर्माता कंपनी इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी करेगी?
  • क्या सिडनी स्वीनी इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया देंगी?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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