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Backराहुल गांधी का विदेशी मदद के आरोप पर पीएम को 'खुला चैलेंज', नरेंद्र मोदी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी का विदेशी मदद के आरोप पर पीएम को 'खुला चैलेंज', नरेंद्र मोदी ने क्या कहा था?
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BBC हिंदी2 hours agoPolitics3 min readIndiaView translation

राहुल गांधी का विदेशी मदद के आरोप पर पीएम को 'खुला चैलेंज', नरेंद्र मोदी ने क्या कहा था?

विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बनने के आरोपों पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को बहस के लिए ललकारा

Quick Look

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है। राहुल ने पीएम पर विदेशी मदद से सत्ता में आने और बने रहने का आरोप लगाया, जो पीएम के विपक्ष पर देश विरोधी ताकतों के साथ मिलीभगत के बयान के बाद आया है।

AI-generated summary

Why It Matters

प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अक्तूबर को विपक्ष पर देश विरोधी ताकतों के साथ मिलकर देश को कमजोर करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में राहुल गांधी ने उन पर विदेशी मदद से सत्ता में रहने का आरोप लगाया है।

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार, 2 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही इस पद पर बने हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्तूबर को विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया था कि विदेश जाकर देश विरोधी ताक़तों के सहारे देश को कमज़ोर करने की साज़िश रची जा रही है। राहुल गांधी ने पीएम के इसी आरोप पर उन्हें चैलेंज दिया है।

अक्तूबर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्ष ने कई बार प्रदर्शन किए थे। एक नवंबर, रविवार को भी दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी इंडिया गठबंधन ने महारैली का आयोजन किया था। जिसमें मोदी सरकार और चुनाव आयोग के बीच मिली भगत के आरोप लगाए गए थे। और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की गई थी। इसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न (एसआईआर) के ज़रिए वोट चोरी के आरोप लगा रहा है। वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है और एसआईआर प्रक्रिया को वोटर लिस्ट दुरुस्त करने की मुहिम बताया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चुनाव आयोग का बचाव करती रही है और राहुल गांधी और विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाती है।

राहुल गांधी ने अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए." राहुल गांधी ने जिस ख़बर का स्क्रीनशॉट शेयर किया है, उसकी हेडलाइन है, "पीएम मोदी बोले- देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं बाधा डालने वाली ताक़तें, अफ़वाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल." राहुल ने लिखा, "आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं. आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है. मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच, किसी भी समय. हिम्मत है तो आइए. आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्तूबर को गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम पर लोगों को संबोधित किया था। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था। अपने भाषण में मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की ज़िम्मेदारी सरकार की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन आज विपक्ष अपनी इस ज़िम्मेदारी को छोड़कर बाधा डालने वाली ताक़त बन गया है। उन्होंने कहा था, "लोकतंत्र में विपक्ष की ज़िम्मेदारी सरकार की नीतियों का विरोध करना है. लेकिन दुर्भाग्य से आज के भारत में विपक्ष ने अपना कर्तव्य छोड़ दिया है और विपक्ष की जगह अवरोध बन गया है. अपनी हताशा और निराशा में उसने देश के विकास के रास्ते में बाधाएं डालना शुरू कर दिया है. यह विरोध नहीं, अवरोध है. उन्होंने इसे अपनी राजनीति का आधार बना लिया है. वे संविधान की गरिमा और भावना को तार-तार करने में लगे हैं."

इसके बाद मोदी ने 'देश को बांटने की साज़िश करने वाली ताक़तों' का ज़िक्र करते कहा, "हमें पहचानना होगा कि विदेश में कौन किससे छिपकर मिल रहा है, भारत-विरोधी ताक़तें किसका समर्थन कर रही हैं और कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है. हमें इन तरीक़ों को पहचानना होगा. हमें एकजुट होकर इनका सामना करना होगा." मोदी ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था, "ख़ास तौर पर जिस तरह सोशल मीडिया को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस तरह अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं और भारत की छवि ख़राब करने की कोशिशें हो रही हैं, उनसे निपटने के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होना होगा."

हालांकि मोदी ने अपने भाषण में किसी नेता का नाम लेकर यह नहीं कहा था कि वह विदेश में किससे मिल रहा है या किसे भारत-विरोधी ताक़तों का समर्थन मिल रहा है। राहुल गांधी ने अपने जवाब में इसी विदेशी समर्थन के मुद्दे को उठाया। उन्होंने मोदी पर ही विदेशी मदद से सत्ता में आने और बने रहने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने भारत की आर्थिक व्यवस्था और विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के समर्थन को लेकर भी दावा किया। हालांकि, राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में यह नहीं बताया कि वह किस विदेशी मदद या किन विदेशी ताक़तों की बात कर रहे हैं। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी भी नहीं दी। उन्होंने प्रधानमंत्री को इन मुद्दों पर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी।

Open Questions

  • राहुल गांधी के पास विदेशी मदद के दावों का क्या प्रमाण है?
  • क्या प्रधानमंत्री इस बहस की चुनौती स्वीकार करेंगे?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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