
अदालत ने कहा, पटाखों के खिलाफ जागरूकता अभियान पूरी तरह पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा है, इसे कोई दूसरा रंग नहीं दिया जाना चाहिए
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी को दीया मिर्ज़ा का पटाखा-विरोधी वीडियो दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने बीजेपी नेताओं की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि यह मामला पूरी तरह पर्यावरण से जुड़ा है और इसे कोई दूसरा रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
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मुंबई में दिवाली से पहले बीएमसी ने पटाखे न जलाने और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने की अपील के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया था, जिसमें दीया मिर्ज़ा, माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और अजिंक्य रहाणे जैसी हस्तियां शामिल थीं। एक नवंबर को दीया मिर्ज़ा का वीडियो बीएमसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर आने के बाद मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने आपत्ति जताई और वीडियो हटा दिया गया। मेयर रितु तावड़े ने भी दीया मिर्ज़ा के खिलाफ बयान दिए।
प्रकाशित 2 नवंबर 2026
अपडेटेड एक मिनट पहले
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक वीडियो को लेकर कुछ नेताओं की ओर से की गई टिप्पणियों की आलोचना की है. इस वीडियो में अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा ने नागरिकों से सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे नहीं फोड़ने की अपील की थी.
जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच ने कहा कि वह "कुछ नेताओं की ओर से की गई इक्का-दुक्का टिप्पणियों से परेशान है." अदालत ने उन्हें याद दिलाया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है.
इस वीडियो को मिर्ज़ा ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुरोध पर बनाया था. इसका मक़सद सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने के ख़िलाफ़ अदालत के निर्देशों के बारे में जागरूकता फैलाना था. हालांकि, बीजेपी नेताओं की आपत्तियों के बाद इसे बीएमसी के सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया गया था. बीजेपी नेताओं ने मिर्ज़ा को हिन्दू विरोधी बताया था.
जस्टिस कुलकर्णी ने कहा कि नेताओं ने अदालत के पहले के आदेश पर ध्यान दिए बिना ये टिप्पणियां की थीं. अदालत ने अपने आदेश में सभी को इस जागरूकता अभियान में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी.
जजों ने कहा, "उन्होंने अदालत के निर्देशों के अनुसार ही काम किया." उन्होंने कहा कि कुछ पार्षदों और नेताओं का रवैया सही नहीं था और उन्हें इस मुद्दे को कोई दूसरा रंग नहीं देना चाहिए.
जस्टिस गोखले ने कहा कि यह मामला पूरी तरह पर्यावरण से जुड़ा मुद्दाहै और इसे कोई दूसरा रंग नहीं दिया जाना चाहिए. जजों ने कहा, "हर कोई एक ही हवा में सांस ले रहा है, चाहे वह कोई भी हो." अदालत ने बीएमसी को हटाए गए वीडियो को दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया.
इससे पहले क्या हुआ था?
मुंबई में दिवाली से पहले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने लोगों से पटाखे न जलाने और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने की अपील करने के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया था.
इस अभियान में फ़िल्म और क्रिकेट जगत की कई जानी-मानी हस्तियों को शामिल किया गया. इनमें अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा, माधुरी दीक्षित, मराठी अभिनेत्री निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे शामिल थे.
लेकिन एक नवंबर को बीएमसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर दीया मिर्ज़ा का वीडियो सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया.
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने इस वीडियो पर आपत्ति जताई.
इसके कुछ ही घंटों बाद बीएमसी ने दीया मिर्ज़ा का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया. हालांकि, इसी अभियान में शामिल दूसरी हस्तियों के वीडियो बीएमसी के एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट पर बने रहे.
इसके बाद मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने भी दीया मिर्ज़ा के ख़िलाफ़ बयान दिया. उन्होंने कहा कि अभिनेत्री को बीएमसी के किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा और उन्हें सरकारी मंच पर जगह नहीं मिलेगी.
मेयर ने यह भी कहा कि भविष्य में बीएमसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई सार्वजनिक संदेश उनकी मंज़ूरी के बिना जारी नहीं होना चाहिए.
बीएमसी का यह अभियान दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए था.
इसमें शामिल हस्तियों ने मुंबई के लोगों से पटाखे न जलाने और प्रदूषण कम करने की अपील की थी.
दीया मिर्ज़ा के वीडियो के साथ बीएमसी ने जो संदेश लिखा था, उसमें बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों का ज़िक्र करते हुए कहा गया था कि सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे जलाना प्रतिबंधित है.
बीएमसी ने वीडियो के साथ लिखा था कि अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा ने लोगों से पटाखे नहीं जलाने और ध्वनि प्रदूषण से बचने की अपील की है.
दीया मिर्ज़ा पर्यावरण और प्रदूषण के मुद्दों पर लंबे समय से बोलती रही हैं. वह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की गुडविल एंबेसडर भी हैं.
बीएमसी ने यह वीडियो एक नवंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था. लेकिन मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद इसे हटा दिया गया.
अमित साटम ने एक्स पर लिखा, "हमें दीया मिर्ज़ा से ये सीखने की ज़रूरत नहीं कि दिवाली कैसे मनाएं. हमारी परंपराओं की जड़ें हमारी संस्कृति में गहराई तक जुड़ी हुई हैं."
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि पहले की पोस्ट को लेकर लोगों की आपत्तियों के बाद प्रशासन ने उन्हें हटाने का फ़ैसला किया. हालांकि, अधिकारी ने यह भी कहा कि पटाखे जलाने को लेकर बीएमसी का रुख़ नहीं बदला है और वह बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का पालन कर रही है.
मुंबई की मेयर ने क्या कहा?
इस मामले में मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने भी बयान दिए हैं.
उन्होंने दीया मिर्ज़ा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रोल करने और हिंदुत्व का विरोध करने का आरोप लगाया.
रितु तावड़े ने कहा, "दीया मिर्ज़ा का प्रोफ़ाइल देखें तो उन्होंने नर्मदा का विरोध किया है, यूसीसी का विरोध किया है.पर्यावरण संकट, जिसके लिए हम काम कर रहे थे उसका विरोध किया है.आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों का विरोध किया. जो हिंदुत्व के लिए काम करते हैं वो उनका विरोध करती हैं. इसलिए हम उनके वीडियो का विरोध करते हैं."
रितु तावड़े ने कहा, "दिवाली कैसे मनानी है ये हम जानते हैं. ये हमें दीया मिर्ज़ा से सीखने की ज़रूरत नहीं है."
उन्होंने ये भी कहा, "आगे से हम दीया मिर्ज़ा को अपने किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं करेंगे. वो हमारे पीएम को ट्रोल करती हैं."
दिलचस्प बात ये है कि दिवाली को लेकर चलाए जा रहे बीएमसी के इस जागरूकता अभियान में दिया मिर्ज़ा के अलावा माधुरी दीक्षित, मराठी अभिनेत्री निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के भी वीडियो शामिल हैं और उनके वीडियो बीएमसी ने नहीं हटाए हैं. वो अब भी बीएमसी के एक्स हैंडल पर देखे जा सकते हैं.
जब एक पत्रकार ने रितु तावड़े का ध्यान इस ओर दिलाया और कहा कि बीएमसी के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी ने दीया मिर्ज़ा को सपोर्ट किया है और कहा है कि इस तरह से एक एक्टर को सिंगल आउट किया जाना ठीक नहीं है तो इसके जवाब में रितु तावड़े ने कहा, "ये उनका सोचना हो सकता है. ये हमारा सोचना नहीं है. ज़रूरी नहीं कि उनके बयान पर हम कोई प्रतिक्रिया दें"
उन्होंने कहा, "मुंबई हर जाति, धर्म, संप्रदाय के लोगों को स्वीकार करता है. लेकिन चाहे कोई भी हो, अगर वो हिंदुत्व के ख़िलाफ़ बात करेगा तो भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर उसको करारा जवाब देगा."
तावड़े ने बीएमसी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर भी अपना रुख़ साफ़ किया. उन्होंने कहा कि दीया मिर्ज़ा अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट से जो चाहें पोस्ट कर सकती हैं, लेकिन बीएमसी के अकाउंट पर कोई भी संदेश उनकी मंज़ूरी के बिना नहीं जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भविष्य में बीएमसी के अभियानों के लिए सेलिब्रिटीज़ की सूची भी उनकी मंज़ूरी से तय होगी.
दीया मिर्ज़ा ने वीडियो हटाए जाने पर क्या कहा?
हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में दीया मिर्ज़ा ने कहा, "दिवाली अंधेरे पर रोशनी, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर उम्मीद की जीत का त्योहार है. यह वीडियो लोगों को जागरूक करने के मक़सद से रिकॉर्ड किया गया था, ताकि वे दिवाली को सेहत का ध्यान रखते हुए और ज़्यादा ज़िम्मेदारी के साथ मना सकें. वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है और इसे कम करने की हर कोशिश सभी के लिए बेहतर पर्यावरण की दिशा में एक क़दम है."
AI outlook — possibilities, not facts
बीएमसी बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए दीया मिर्ज़ा का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दोबारा बहाल करेगी।
Very likely · Within days
भविष्य में बीएमसी के अभियानों के लिए सेलिब्रिटीज की सूची मेयर की मंजूरी से तय की जाएगी।
Likely · Within weeks

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