तेलंगाना: स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के मामले में दो छात्र गिरफ्तार, 'बाबू' शब्द से खुला राज
नालगोंडा जिले में प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो नाबालिग छात्रों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने चोरी के दौरान पकड़े जाने के डर से वारदात को अंजाम दिया था।
Quick Look
तेलंगाना के नालगोंडा में स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो नाबालिग छात्रों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान फोन पर अंतिम शब्द 'बाबू' और छात्रों की संदिग्ध गतिविधियों से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
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Why It Matters
प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की 11 अगस्त को उनके घर पर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या के सुराग के रूप में फोन पर बोले गए अंतिम शब्द 'बाबू' का उपयोग किया।
तेलंगाना के नालगोंडा ज़िले के कोंडा मल्लेपल्ली में स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो छात्रों को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक़, जांच के दौरान एक छोटे से शब्द 'बाबू' ने संदिग्धों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई.
नालगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार ने बताया कि दोनों छात्र नशे के आदी थे और पैसों के लिए उन्होंने प्रिंसिपल के घर में चोरी करने की कोशिश की.
पुलिस का कहना है कि चोरी के दौरान प्रिंसिपल ने दोनों को पहचान लिया, जिसके बाद अभियुक्तों ने उनकी हत्या कर दी.
कल्लू रूपा रेड्डी अपने पति राजेंद्र रेड्डी के साथ नालगोंडा जिले के कोंडा मल्लेपल्ली की जेबी कॉलोनी में रहती थीं. वह अपनी सहयोगी रानी रेड्डी के साथ 'नागार्जुन ग्रामर कॉन्सेप्ट' स्कूल चलाती थीं और स्कूल की प्रिंसिपल थीं.
पुलिस के मुताबिक़, 11 अगस्त की शाम स्कूल से घर लौटने के बाद रूपा रेड्डी की हत्या कर दी गई. वारदात के बाद पुलिस को उनके शरीर पर चाकू के कई घाव मिले.
मामले में 12 अगस्त को कोंडामल्लेपल्ली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया. हत्या के समय रूपा रेड्डी घर में अकेली थीं, जबकि उनके पति राजेंद्र रेड्डी काम के सिलसिले में हैदराबाद गए हुए थे.
सीसीटीवी कैमरों में लाल रंग की कमीज (हुडी) पहने एक युवक को उस इलाके में संदिग्ध रूप से घूमते हुए देखा गया. पुलिस ने पांच विशेष टीमें गठित कीं और जांच शुरू की.
एसपी शरत चंद्र पवार ने बताया कि पुलिस ने लगभग 80 संदिग्धों से पूछताछ की है और 70 सीसीटीवी कैमरों की जांच की है. पुलिस को पता चला कि रूपा रेड्डी की हत्या से पहले वह अपनी छोटी बहन से फ़ोन पर बात कर रही थीं. बहन ने पुलिस को बताया कि रूपा ने अचानक अपने सामने किसी को देखा और 'बाबू' कहा. इसके बाद रूपा रेड्डी का फ़ोन बंद हो गया.
पुलिस के अनुसार, रूपा रेड्डी का किसी को 'बाबू' कहकर पुकारना ऐसा ही लगता है जैसे मानो उन्होंने सामने मौजूद व्यक्ति को पहचान लिया हो. रूपा रेड्डी के परिवार ने पुलिस को बताया कि वह आमतौर पर स्कूली छात्रों को 'बाबू' कहकर बुलाती थीं.
एसपी शरत चंद्र ने बताया, "स्कूल खुलने के बाद 13 छात्र अनुपस्थित थे. हमें शक हुआ तो हमने दसवीं कक्षा में पढ़ रहे पांच छात्रों से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान पता चला कि दो छात्रों ने रूपा रेड्डी की मौत के बाद खूब पैसे खर्च किए और पार्टियां दीं. जब उन्हें पकड़ा गया और पूछताछ की गई तो उन्होंने पहले कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें पैसे दिए थे. बाद में उन्होंने रूपा रेड्डी की हत्या करने की बात कबूल कर ली."
उन्होंने बताया कि एक अभियुक्त से 15 लाख रुपये नकद और एक आईफ़ोन जब्त किया गया. चूंकि छात्र नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस ने उनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.
नालगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार ने बताया कि गिरफ़्तार छात्रों में से एक के पास से बरामद तीन नोटों पर खून के धब्बे मिले थे. पुलिस ने इन नोटों को जांच के लिए लैबोरेट्री भेजा, जहां पुष्टि हुई कि उन पर इंसानी खून के निशान थे.
पुलिस की जांच में सामने आया कि छात्र शराब का आदी था और अपनी मौज-मस्ती के लिए पैसे जुटाना चाहता था. हॉस्टल से निकाले जाने से नाराज़ होकर उसने एक अन्य छात्र के साथ मिलकर प्रिंसिपल के घर में चोरी करने की योजना बनाई.
पुलिस के मुताबिक़, "दोनों छात्र चोरी के इरादे से रूपा रेड्डी के घर पहुंचे थे. इसी दौरान रूपा रेड्डी ने उन्हें पहचान लिया, जिसके बाद अभियुक्तों ने पकड़े जाने के डर से उनकी हत्या कर दी."
पुलिस को पता चला कि अभियुक्त ने हत्या से पहले चार से पांच दिन तक रेकी की थी. उन्होंने चाकू, दस्ताने और मास्क खरीदे थे. एक छात्र बाहर इंतजार करता रहा, जबकि दूसरा अंदर चला गया. जब रूपा रेड्डी ने एक छात्र को घर से पैसे निकालते हुए देखा और चिल्लाई, तो छात्र ने चाकू से उन पर हमला कर दिया.
Open Questions
- नाबालिगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की प्रक्रिया क्या होगी?

