
राष्ट्रपति भवन ने पहले एक ईमेल जारी कर चेंज ऑफ गार्ड समारोह रद्द होने का कारण बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के स्वागत की फुल रिहर्सल बताया, और फिर प्रेस रिलीज वापस ले ली।
राष्ट्रपति भवन के एक ईमेल से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान की भारत यात्रा के संकेत मिले, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। इस बीच प्रत्यर्पण और अनुकूल माहौल पर कूटनीतिक चर्चाएं जारी हैं।
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राष्ट्रपति भवन के एक ईमेल से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की संभावित यात्रा के संकेत मिले थे, जिसे तुरंत बाद वापस ले लिया गया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से शुक्रवार को मीडिया को भेजे गए एक ईमेल से कुछ समय के लिए यह संकेत मिला कि लंबे समय से चर्चा में रही बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान की भारत यात्रा जल्द होने वाली है.
दोपहर में भेजे गए इस ईमेल की हेडलाइन थी, "इस शनिवार चेंज ऑफ गार्ड समारोह नहीं होगा."
ईमेल में कहा गया, "राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में होने वाला चेंज ऑफ गार्ड समारोह इस शनिवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत की फुल रिहर्सल के कारण आयोजित नहीं किया जाएगा."
यह ईमेल राष्ट्रपति की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी नविका गुप्ता के नाम से जारी किया गया था.
इस ईमेल से ऐसा लगा था कि तारिक़ रहमान की भारत यात्रा जल्द होने वाली है. हालांकि, इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति भवन की ओर से एक और प्रेस रिलीज जारी की गई, जिसमें पहले जारी नोट को वापस लेते हुए कहा गया, "21 अगस्त, 2026 को 'इस शनिवार चेंज ऑफ गार्ड समारोह नहीं होगा' विषय पर जारी प्रेस रिलीज वापस ली जाती है."
इन दोनों घोषणाओं से तारिक़ रहमान की नई दिल्ली यात्रा की योजना को लेकर चर्चा और तेज़ हो गई, क्योंकि दोनों पक्ष इस यात्रा को लेकर बातचीत कर रहे थे.
बांग्लादेश के आधिकारिक बयानों से लग रहा है कि वह तारिक़ रहमान के भारत दौरे को लेकर बहुत सहमत नहीं है और अनुकूल माहौल की बात कर रहा है. बांग्लादेश ने भारत से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग की है.
शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि मंत्रालय के पास 'तारिक़ रहमान के दौरे' के बारे में टिप्पणी करने के लिए कुछ भी नहीं है.
जायसवाल भारतीय मीडिया की उन ख़बरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिनमें कहा गया था कि तारिक़ रहमान 23 से 25 अगस्त तक भारत का दौरा करेंगे.
दौरे को लेकर दुविधा
पिछले रविवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यात्रा के लिए 'अनुकूल माहौल बनाने' की जरूरत है.
भले ही दोनों देशों ने तारिक़ रहमान की भारत यात्रा का औपचारिक एलान नहीं किया था लेकिन लगता है कि राजनयिक हलकों में शायद इसकी तैयारियां अंदर ही अंदर चल रही थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ शुक्रवार को तारिक़ रहमान के प्रेस सचिव ए.ए.एम. सालेह ने कहा कि बांग्लादेश शेख़ हसीना और "अन्य फरार अपराधियों" के प्रत्यर्पण के मुद्दे पर भारत के जवाब का इंतज़ार कर रहा है.
माना जा रहा था कि नई दिल्ली में अगले महीने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले तारिक़ रहमान भारत की यात्रा करेंगे.
लेकिन इसी महीने पाँच अगस्त को शेख़ हसीना की प्रेस कॉन्फ़्रेंस से चीज़ें और जटिल हो गईं.
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