
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर छात्रों का मार्च, पुलिस ने वॉटर कैनन का किया इस्तेमाल
पटना में बीपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों ने मार्च निकाला। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास जा रहे छात्रों और पुलिस के बीच डाक बंगला चौराहे पर झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग किया और कई लोगों को हिरासत में लिया।
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बिहार में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र लंबे समय से गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे हैं।
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकाल रहे स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच डाक बंगला चौराहे पर झड़प हुई।
इस दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में विद्यार्थियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने का भी दावा किया गया है।
विद्यार्थियों के कई बैरिकेड्स गिरा डालने के बाद कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा है कि हालात काबू में हैं और कुछ लोगों ने हिंसा भड़काने की कोशिश की थी जिसे रोक दिया गया।
वहीं विद्यार्थियों के मार्च को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने सवाल किया है कि "पूरा सिस्टम चरमरा रहा है और अब सत्ता में बैठे लोग क्या करेंगे."
बिहार की राजधानी पटना के गर्दनीबाग इलाक़े में बीते एक हफ़्ते से एक दर्जन से अधिक अलग-अलग समूह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
इन प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स की अलग-अलग मांगें हैं। इन मांगों में अनियमितताओं को लेकर बिहार पब्लिक सर्विस कमिशन (बीपीएससी) की 70वीं परीक्षा को रद्द करना, बीपीएससी-टीआरई 4 की पारदर्शी सिंगल-टीयर परीक्षा कराना, बिहार स्टाफ़ सिलेक्शन कमिशन (बीएसएससी) की परीक्षाएं कराना शामिल है।
बीपीएससी ने इस बार घोषणा की है कि वो टीआरई-4 परीक्षा दो स्तरों पर कराएगी और ऑब्जेक्टिव एग्ज़ामिनेशन में निगेटिव मार्किंग जारी रहेगी।
विद्यार्थियों ने 70वीं बीपीएससी की परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है। विद्यार्थियों ने इसमें अनियमितताओं और पेपर लीक का दावा किया है जिसे बीपीएससी ने ख़ारिज किया है।
साथ ही विद्यार्थियों की मांग है कि सरकारी नौकरियों और शिक्षकों की नियुक्तियों में 100 फ़ीसदी डोमिसाइल आधारित भर्ती हो।
70वीं बीपीएससी परीक्षाओं को लेकर हंगामा होने पर सोमवार को बीपीएससी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की।
बीपीएससी के एग्ज़ामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने आरोपों पर जवाब दिए। उन्होंने इस दौरान उन अभ्यर्थियों की कॉपी दिखाई जिनको लेकर अनियमितताओं के दावे किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाने वाले अभ्यर्थियों को लेकर कहा कि अगर उनके आरोपों में दम हैं तो वो कोर्ट क्यों नहीं चले जाते। इस दौरान उनसे एक सवाल पूछे जाने पर उन्होंने एक कहावत का हवाला देते हुए कहा, "हाथी चले बाज़ार, कुत्ते भौंके हज़ार."
बीपीएससी अधिकारी के इस बयान की सोशल मीडिया पर काफ़ी निंदा हो रही है।
मंगलवार को स्टूडेंट्स को रोके जाने के बाद पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि भीड़ को समझाने की कोशिश की जा रही थी कि वो शांति से रहें और उनकी बात को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
"भीड़ जब उग्र हो रही थी तब वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया था लेकिन अब हालात सामान्य हैं. इस प्रदर्शन में अलग-अलग चरणों में लोग शामिल हुए थे. लोगों के द्वारा हिंसा करने की कोशिश की गई थी. कुछ लोग घायल हैं जिनका आंकड़ा आगे दिए जाएगा."
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बीपीएससी परीक्षा विवाद को लेकर एक ख़त लिखा है, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों को नज़रअंदाज़ न करने और मामले का तुरंत समाधान निकालने के लिए अच्छी बातचीत करने की अपील की है।
वहीं राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को 'विद्यार्थी सहयोगी शिविर' की घोषणा की है।
उन्होंने एक्स पर लिखा, "बिहार सरकार द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों के त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए आज से 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' की शुरुआत की जा रही है."
"हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में आयोजित होने वाले इन शिविरों में विद्यार्थी अपनी समस्याएँ सीधे सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकेंगे."
"साथ ही 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' एवं 'हेल्पलाइन 1100' के माध्यम से विद्यार्थी अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर उनकी स्थिति भी जान सकेंगे."
पटना में प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा बंदोबस्त काफ़ी सख़्त होने पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर एक पोस्ट किया।
उन्होंने लिखा, "पूरा सिस्टम चरमरा रहा है. भारत में अजीब नज़ारे. बेपरवाही, नाकाबिलियत, भ्रष्टाचार को हिंदू-मुस्लिम, एंटी-माइनॉरिटी पॉलिटिक्स ने ढंक दिया था. लेकिन इसकी एक्सपायरी डेट आ गई है. अब सत्ता में बैठे लोग क्या करेंगे?"
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विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से शिकायतों का निवारण शुरू होगा।
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