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Back'यौन उत्पीड़न और धर्म बदलने का दबाव', पश्चिम बंगाल में ईसाइयों में कैसा ख़ौफ़
'यौन उत्पीड़न और धर्म बदलने का दबाव', पश्चिम बंगाल में ईसाइयों में कैसा ख़ौफ़
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BBC हिंदी1 hour agoCrime6 min readIndia

'यौन उत्पीड़न और धर्म बदलने का दबाव', पश्चिम बंगाल में ईसाइयों में कैसा ख़ौफ़

पूर्वी मिदनापुर और पश्चिम मिदनापुर में ईसाई समुदाय के लोगों ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों पर मारपीट और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया है।

Quick Look

पश्चिम बंगाल के पांशकुड़ा और चंद्रकोना में ईसाई परिवारों ने वीएचपी और बजरंग दल के सदस्यों पर मारपीट, धमकी और जबरन हिंदू धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

AI-generated summary

Why It Matters

पश्चिम बंगाल में मई 2026 के बाद से ईसाई समुदाय पर हमलों की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। इंडिया हेट लैब के अनुसार, 13 मई से 20 सितंबर के बीच 13 जिलों में 60 ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं।

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पश्चिम बंगाल राज्य में ईसाई समुदाय के लोगों पर हमलों की कई घटनाओं के आरोप लगे हैं.

पूर्वी मिदनापुर के पांशकुड़ा में एक ईसाई परिवार ने आरोप लगाया है कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के सदस्य बताने वाले कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और सरकारी सुविधाएं बंद कराने की धमकी दी.

हमले में घायल पार्वती हेम्ब्रम सोरेन ने बीबीसी न्यूज़ बांग्ला को बताया कि सोमवार रात उनका परिवार एक साथ प्रार्थना करने की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान नशे में धुत 30 से ज़्यादा लोग जबरन उनके घर में घुस आए और उन पर हमला कर दिया.

पार्वती सोरेन ने कहा, "उन्होंने मेरे बाल पकड़कर मुझे पीटा. वे कह रहे थे कि हमें इस घर में नहीं रहने देंगे. वे मेरे पति को बहुत ही भद्दी गालियां दे रहे थे. हमारे रिश्तेदार भी हमारे साथ थे, उन्होंने मेरी बहनों पर भी हाथ उठाया. उन्होंने हमारे फोन छीनने की कोशिश की."

कुछ दिन पहले दुर्गा पूजा के दौरान पश्चिम मिदनापुर के चंद्रकोना में भी बजरंग दल के सदस्य बताए जाने वाले लोगों के एक समूह पर आरोप लगे कि उसने कई ईसाई परिवारों पर हमला किया.

इस साल मई में पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ईसाई समुदाय के लोगों पर हमलों की कई ख़बरें सामने आई हैं. रिसर्च संस्था 'इंडिया हेट लैब' के विश्लेषण के मुताबिक, 13 मई से 20 सितंबर के बीच राज्य के 13 ज़िलों में ईसाइयों पर हमले की कुल 60 घटनाएं दर्ज की गईं.

पांशकुड़ा की रहने वाली पार्वती सोरेन का आरोप है कि इन उपद्रवियों ने पहले भी उनके परिवार को धमकाया था. उनके मुताबिक, 11 अक्तूबर को भी यही लोग उनके घर आए थे और ईसाई धर्म का पालन करने की वजह से उन्हें धमकी दी थी.

उन्होंने बताया, "रात सात से नौ बजे के बीच वे शराब पीकर चोरों की तरह हमारे घर आए. उस समय अंधेरा इतना था कि किसी बाहरी व्यक्ति के लिए वीडियो रिकॉर्ड करना नामुमकिन था. मैंने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया, लेकिन उन्होंने मेरा फ़ोन छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया. आख़िरकार, मुझे पुलिस के जरिए अपना फोन वापस मिला."

उन्होंने कहा, "वे हम पर ईसाई धर्म छोड़कर हिंदू धर्म में वापस आने का दबाव डाल रहे हैं. हमने उनसे कहा कि हमने अपनी मर्ज़ी से ईसाई धर्म अपनाया है और उसी का पालन कर रहे हैं. इसी वजह से हमें पीटा जा रहा है."

बंगाल क्रिश्चियन सर्विस के संस्थापक हेरोड मल्लिक ने दावा किया कि संगठन के एक वकील ने मामले की जानकारी लेने के लिए शिकायतकर्ता को फ़ोन किया था. उसी दौरान हमलावरों ने उनका फोन छीन लिया. आरोप है कि हमलावरों ने ख़ुद को विश्व हिंदू परिषद का सदस्य बताते हुए वकील को भी फ़ोन पर धमकाया.

पार्वती सोरेन ने बीबीसी न्यूज़ बांग्ला को बताया, "वे हमारे आंगन में तुलसी मंच और मनसा मंदिर बनाने का दबाव डाल रहे थे. हमने उनसे कहा कि हम ईसाई हैं और ऐसा नहीं करेंगे. अब वे लोगों को हमें काम देने से भी रोक रहे हैं. उन्होंने हमारी बिजली और पानी की सप्लाई बंद कराने, राशन और 'आयुष्मान भारत योजना' का लाभ रोकने की धमकी दी है."

पार्वती ने कहा, "हमारे प्रार्थना स्थल को जला दिया गया और तोड़फोड़ की गई. हमें घसीटकर बाहर निकाला गया और पीटा गया. हमलावरों ने दोबारा आने और फिर हमला करने की धमकी भी दी है. हमने शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है."

सुरक्षा के मद्देनज़र पार्वती सोरेन और उनका परिवार एक रिश्तेदार के घर में रह रहा है.

इस घटना से कुछ दिन पहले पश्चिम मिदनापुर के चंद्रकोना में भी कई परिवारों ने बजरंग दल के सदस्यों पर हमले के आरोप लगाए थे. ये घटनाएं 18 से 20 अक्तूबर के बीच हुई थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न किया गया, उसके कपड़े फाड़ दिए गए और उसे जबरन एक पूजा मंडप में ले जाया गया, जिसका मकसद उसका धर्म परिवर्तन कराना था.

चंद्रकोना की घटना की शिकायत करने वाली महिला ने बताया कि हमले में घायल होने के बाद से उनकी तबीयत काफ़ी ख़राब है. पुलिस में दर्ज शिकायत में उन्होंने लिखा है, "18 अक्तूबर 2026 को दोपहर बाद क़रीब साढ़े तीन बजे बजरंग दल से जुड़े कुछ लोग मेरे घर आए. उन्होंने हम पर प्रभु ईसा मसीह के प्रति अपनी आस्था छोड़ने का दबाव बनाया और हमें धमकाया."

महिला का आरोप है कि उस दिन उपद्रवियों ने उनके सिर और कान के नीचे मारा, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं. उनका आरोप है कि बेहोशी की हालत में उनके कपड़े फाड़ दिए गए. शिकायत में उन्होंने कहा, "इसके बाद कथित शुद्धिकरण की रस्म के नाम पर मुझे सार्वजनिक रूप से नहाने के लिए मजबूर किया गया."

बीबीसी बांग्ला ने जब पांशकुड़ा थाने के एक पुलिस अधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उन्हें लिखित शिकायत मिली है, लेकिन अब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं की गई है. उन्होंने कहा, "मेरा जांच अधिकारी फिलहाल मामले की जांच कर रहा है."

वहीं, पश्चिम मिदनापुर के चंद्रकोना की घटना में 20 अक्तूबर को एफ़आईआर दर्ज की गई थी. इस मामले में हत्या की कोशिश, महिला के कपड़े उतारने के इरादे से हमला, घर में घुसना, जानबूझकर चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी और महिला के साथ छेड़छाड़ समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया. हालांकि, जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पर्याप्त सबूत न होने की वजह से अभी तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

विश्व हिंदू परिषद के नेता चंद्रनाथ दास ने बीबीसी न्यूज़ बांग्ला से कहा कि ईसाई समुदाय के लोगों पर हमले करने के बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप ग़लत हैं. उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य ज़्यादा से ज़्यादा ईसाइयों को हिंदू बनाना है. और वे हिंदू बन जाएंगे. यही हमारा लक्ष्य है."

इन आरोपों पर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि बीजेपी विधायकों के नेतृत्व वाली नई सरकार ने किसी भी तरह के अन्याय और अत्याचार के ख़िलाफ़ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है. उन्होंने कहा, "जो लोग पीड़ित हैं, उन्हें क़ानूनी व्यवस्था के पास आना चाहिए और शिकायत दर्ज करानी चाहिए."

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी पश्चिम मेदिनीपुर में एक ईसाई परिवार पर कथित हमले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है और कार्रवाई की मांग की है.

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • चंद्रकोना मामले में पुलिस द्वारा आगे की जांच और संभावित गिरफ्तारी

    Possible · Within weeks

Open Questions

  • पुलिस ने अब तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं की?
  • क्या राज्य सरकार इन घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराएगी?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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