Breaking
INBuilding Collapse in South-West Delhi's Satya Niketan Leaves Students Feared TrappedINTLGerman voters go to polls in Saxony-Anhalt regional electionRUAdditional temporary restrictions have been introduced at Gelendzhik AirportINTLVictoria Police Urge Vigilance as Man Hunted Over Axe Attack on FamilyARProtests in Kabul after Taliban forces besieged the Khatam al-Nabiyyin seminaryDESaxony-Anhalt between history and political instrumentalizationESResidents with Salmonellosis, “out of danger”ARTalks between Witkov, Kushner and Putin in the Kremlin regarding UkraineCNRussian Deputy Foreign Minister: Do not rule out the possibility of talks between the heads of state of Russia, the United States and ChinaEUIran says it targeted US naval drone in Strait of Hormuz amid escalating tensionsINBuilding Collapse in South-West Delhi's Satya Niketan Leaves Students Feared TrappedINTLGerman voters go to polls in Saxony-Anhalt regional electionRUAdditional temporary restrictions have been introduced at Gelendzhik AirportINTLVictoria Police Urge Vigilance as Man Hunted Over Axe Attack on FamilyARProtests in Kabul after Taliban forces besieged the Khatam al-Nabiyyin seminaryDESaxony-Anhalt between history and political instrumentalizationESResidents with Salmonellosis, “out of danger”ARTalks between Witkov, Kushner and Putin in the Kremlin regarding UkraineCNRussian Deputy Foreign Minister: Do not rule out the possibility of talks between the heads of state of Russia, the United States and ChinaEUIran says it targeted US naval drone in Strait of Hormuz amid escalating tensions
Backपंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने पड़ोसी प्रांतों को आतंकवाद का स्रोत बताया, आलोचना हुई
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने पड़ोसी प्रांतों को आतंकवाद का स्रोत बताया, आलोचना हुई
Developing
BBC हिंदी1 hour agoPolitics3 min readIndiaView translation

पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने पड़ोसी प्रांतों को आतंकवाद का स्रोत बताया, आलोचना हुई

Quick Look

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने कहा कि पंजाब को पड़ोसी देशों की तुलना में पड़ोसी प्रांतों से अधिक खतरा है और आतंकवाद वहीं से आता है। उनके बयान पर खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और सिंध के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जबकि कुछ ने उनका समर्थन किया।

AI-generated summary

Why It Matters

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सीमा सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से लगती है, जबकि इसकी पूर्वी सीमा भारत से लगती है। पिछले दशकों में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियां अधिक रही हैं।

Font size

प्रकाशित एक घंटा पहले

पढ़ने का समय: 8 मिनट

पाकिस्तान के पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने दावा किया है राज्य को पड़ोसी देशों की तुलना में पड़ोसी राज्यों से ज़्यादा ख़तरा है.

लाहौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मरियम नवाज़ ने कहा था, "दुख की बात है कि मेरे (पंजाब) लिए ख़तरा मेरे पड़ोसी देश कम पड़ोसी राज्य ज़्यादा हैं.''

उन्होंने दावा किया कि पंजाब में चरमपंथ इन्हीं प्रांतों से आता है.

पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर कई राजनेता और विश्लेषक उनके बयान को 'असंवेदनशील' और 'पक्षपातपूर्ण' बता रहे हैं.

वहीं कई लोगों का कहना है कि ऐसे बयान उन लोगों को मजबूत करेंगे जो पाकिस्तान को अस्थिर करना चाहते हैं.

वहीं पंजाब की सूचना मंत्री उज़्मा बुख़ारी का कहना है कि जो लोग मरियम नवाज़ के बयान की बेवजह आलोचना कर रहे हैं, उन्हें असलियत पता नहीं है.

उन्हें कहा, '' ऐसे लोगों को पता नहीं है कि आधुनिक शासन का मतलब सिर्फ सड़कें और इमारतें बनाना नहीं बल्कि शांति, क़ानून, टेक्नोलॉजी और लोगों की सुरक्षा के लिए एक आधुनिक व्यवस्था बनाना है. ये सरकार की जिम्मेदारी है.''

आख़िर सवाल ये है कि मरियम नवाज़ ने अपने बयान में ऐसा क्या कहा कि इसकी इतनी आलोचना हो रही है.

छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें

सबसे अधिक पढ़ी गईं

समाप्त

मरियम नवाज़ ने पड़ोसी राज्यों पर लगाया चरमपंथ का आरोप

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें

Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

एपिसोड

समाप्त

मरियम नवाज़ ने यह बयान शनिवार को लाहौर में प्रोविंशियल इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड थ्रेट असेसमेंट सेंटर पंजाब के उद्घाटन समारोह के दौरान दिया था.

इसी भाषण में उन्होंने कहा था कि पंजाब को पड़ोसी देशों की तुलना में पड़ोसी प्रांतों से अधिक ख़तरा है.

उन्होंने कहा, "आप खुद देख लीजिए कि यहां त्रिपक्षीय सीमा क्षेत्र हैं. दुर्भाग्य से,मेरे लिए ख़तरा मेरे पड़ोसी देशों से ज़्यादा मेरे पड़ोसी प्रांतों से है. पंजाब में आतंकवाद यहीं से आता है.''

पंजाब प्रांत की सीमा सिंध, बलूचिस्तान और ख़ैबर पख़्तूनख़्वा से लगती है, जबकि इसकी पूर्वी सीमा भारत से लगती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की नज़र पंजाब पर है, लेकिन उन्होंने दावा किया "पंजाब एक सुरक्षित प्रांत है जहां सरकार ने एआई टेक्नोलॉजी पर काम किया है ताकि हम सभी प्रांतों की सीमाओं से आने वाले ख़तरों से निपट सकें."

मरियम नवाज़ ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए टेक्नोलॉजी पर अरबों रुपये ख़र्च किए हैं.

उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने देखा कि सुरक्षाकर्मियों की तुलना में उग्रवादियों के पास कहीं अधिक टेक्नोलॉजी थी.

मरियम नवाज़ ने कहा, "उनके पास नाइट विजन गॉगल्स हैं, और वे बहुत योजना बनाकर आते थे, लेकिन अब शुक्र है कि हमारे पास भी वह पूरी व्यवस्था है."

उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों को बुलेटप्रूफ़ बनाया गया है क्योंकि चरमपंथी उन्हें निशाना बनाते थे, और अब सरकार ने थर्मल कैमरे लगाए हैं और ड्रोन में भी निवेश किया है.

सुरक्षा एजेंसियों की ओर से चौकियों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में उन्होंने कहा, "दो-ढाई साल पहले की चौकियों को देखिए, ऐसा लगता था जैसे सुरक्षाकर्मी मिट्टी की दीवारों के पीछे कुछ बोरियों मिट्टी के साथ बिना किसी सुरक्षा के बैठे हों. आज आप जाकर देखिए, वहां ऊंची दीवारें हैं, सुरक्षित कमरे हैं, हमले की स्थिति में वे वहां शरण ले सकते हैं या अपनी जान बचा सकते हैं."

'भारत से कोई दिक्कत नहीं लेकिन पड़ोसी प्रांतों से परेशानी'

खैबर पख़्तूनख़्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफ़रीदी ने मरियम नवाज के बयान को पक्षपातपूर्ण करार दिया है और कहा है कि पंजाब की मुख्यमंत्री के "बयान ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद पर पाकिस्तान की पोजीशन को ध्वस्त कर दिया है.''

उन्होंने कहा कि छोटे प्रांतों के ख़िलाफ़ पक्षपातपूर्ण रवैया पाकिस्तान को विभाजित करने वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ की मानसिकता को दिखाता है.

"लेकिन अब तीन संघीय इकाइयों को आतंकवाद का अड्डा घोषित करना देश की नींव को और ध्वस्त करने के बराबर है."

शनिवार शाम को सिंध के मीरपुरखास जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "पंजाब की मुख्यमंत्री भारत को दोस्त कहती हैं. भारत से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पाकिस्तान के सीमावर्ती प्रांतों से समस्या है."

पीटीआई नेता और पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर असद कैसर ने मरियम नवाज़ के बयान को "अपमानजनक" करार दिया और कहा कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा पिछले कई दशकों से आतंकवाद के प्रकोप का सामना कर रहा है और इस प्रांत के लोगों ने इस युद्ध में सबसे भारी कीमत चुकाई है.''

उन्होंने कहा, "दुख की बात यह है कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के लोगों, शहीदों के परिवारों और पुलिसकर्मियों के अनगिनत बलिदानों को स्वीकार करने और उनके घावों को भरने के बजाय, उनका उपहास करना और उनकी कठिनाइयों का मजाक उड़ाना न केवल राजनीतिक उदासीनता है, बल्कि एक बेहद निंदनीय रवैया भी है. ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के लोगों और पुलिस ने पाकिस्तान की शांति के लिए जो बलिदान दिए हैं, उन्हें किसी भी राजनीतिक बयान या उपहास से भुलाया नहीं जा सकता.''

'भारत को आसानी से बरी कर दिया'

पूर्व संघीय मंत्री मुशाहिद हुसैन सैयद ने एक्स पर मरियम नवाज़ के बयान को साझा करते हुए लिखा कि यह बयान न केवल अमीरों की बेहद हास्यास्पद और विभाजनकारी सोच को दर्शाता है, बल्कि अज्ञानता और अहंकार को भी दिखाता है.

उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि पंजाब के पड़ोसी प्रांत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में चरमपंथ का सबसे ज्यादा प्रकोप रहा है, जबकि पड़ोसी देश भारत को आसानी से बरी कर दिया गया है.

मरियम नवाज़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, उत्तरी वज़ीरिस्तान के पूर्व विधायक मोहसिन डावर ने आरोप लगाया, "जिस आतंकवाद को आप आज पंजाब के लिए ख़तरा बता रहे हैं, उसे आपके ही पंजाबी इलीट क्लास ने गढ़ा है. अब आपको इसकी मार झेलनी पड़ रही है, हम तो दशकों से जल रहे हैं."

बलूचिस्तान से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेशनल असेंबली सदस्य नवाबजादा जमाल खान रईसानी ने मरियम नवाज का वीडियो साझा करते हुए लिखा, "पंजाब को पड़ोसी प्रांतों और वहां रहने वाले लोगों से ख़तरा नहीं है, बल्कि आपकी सोच से खतरा है. दूसरे प्रांतों से आने वाले लोगों को बेवजह निशाना बनाने के बजाय, प्रांत के सीमा प्रबंधन में सुधार करें."

पीपीपी के सूचना सचिव नदीम अफजल चान का कहना है कि चरमपंथियों का कोई प्रांत, जाति या धर्म नहीं होता. उन्होंने कहा कि किसी ने उसे अपने निजी एजेंडे के लिए पाकिस्तान लाया है. 'इससे ​​किसी पार्टी या वर्ग को फायदा हो रहा है और कोई इसका शिकार बन रहा है.''

पत्रकार बेनजीर शाह ने एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले और शक्तिशाली प्रांत के मुख्यमंत्री के ये बयान ख़ास मायने रखता है.

उन्होंने कहा कि 'पंजाब' बनाम 'अन्य प्रांतों' की भाषा वास्तव में एक श्रेष्ठता की भावना को बल देती है.

''ये लंबे समय से प्रांतीय स्तर पर पनपने वाली आशंकाओं और असंतोष का स्रोत रही है.''

उन्होंने कहा कि यह बयान शहबाज़ शरीफ़ की 2010 की उस अपील की याद दिलाता है जिसमें उन्होंने चरमपंथियों से पंजाब को निशाना न बनाने का अनुरोध किया था.

सामाजिक कार्यकर्ता अम्मार अली जान ने लिखा कि इस तरह की नस्लवादी टिप्पणियां उन तत्वों को मजबूत करती हैं जो पाकिस्तान में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं.

'कड़वा लेकिन सच'

पंजाब की सूचना मंत्री उज़्मा बुख़ारी ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना का जवाब दिया है.

उन्होंने कहा, "खैबर पख़्तूनख़्वा जैसे आतंकवाद से प्रभावित प्रांत में, प्राथमिकता पुलिस, सीटीडी और आतंकवाद विरोधी अभियान होने चाहिए, न कि संघीय विदेश मामलों में हस्तक्षेप, अन्य प्रांतों में राजनीतिक गतिविधियां और विरोध प्रदर्शन की राजनीति."

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के शासन के दौरान, सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "कड़वा सच! पंजाब ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान में चल रहे कबायली और धार्मिक संघर्षों से उत्पन्न खतरों को नजरअंदाज नहीं कर सकता. मरियम नवाज़ शरीफ़ यहां बिल्कुल सही हैं."

नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़जई के पिता जियाउद्दीन यूसुफ़जई का कहना है कि मरियम नवाज़ ने एक अहम मुद्दे की ओर इशारा किया है.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • पंजाब सरकार अपनी सीमा सुरक्षा में और निवेश बढ़ाएगी और तकनीकी उपायों को विस्तारित करेगी।

    Likely · Within months

  • खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के राजनीतिक नेता इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर protesta करेंगे और प्रांतीय स्वायत्तता की मांग कर सकते हैं।

    Possible · Within weeks

Open Questions

  • क्या पंजाब सरकार के पास पड़ोसी प्रांतों से आने वाले आतंकवाद के具体 प्रमाण हैं?
  • क्या इस बयान से राष्ट्रीय एकता पर कोई स्थायी प्रभाव पड़ेगा?
  • क्या अन्य प्रांतों से पंजाब में आने वाले आतंकवादी हमलों की कोई पुष्टि हुई है?

Related Topics

This article was originally published by BBC हिंदी.

Related Stories