Breaking
ESEvacuación de Anzánigo y más de 890 desalojos por el grave incendio forestal en HuescaTRİngiltere'de yolcu treni raydan çıktı: 2'si ağır 11 yaralıARخيارات ومخاطر الملاحة في مضيق هرمز وسط التوترات بين إيران وأمريكاDEFifa-Präsidentschaftswahl 2027: Gianni Infantino kandidiert erneut trotz internationaler KritikFRDeux incendies de végétation en Loire-Atlantique : 2000 personnes évacuées à GuérandeRUWhite House Accuses 40+ Nations of Aiding China in Evading US TariffsESCeuta mantiene la alerta máxima tras la entrada masiva de inmigrantes el 30 de julioTRÖRNEK: İstanbul'da Yeni Bir Dönem BaşladıPLPożegnanie Andrzeja Morozowskiego. Dziennikarz TVN24 został pochowany w WarszawieKRSamsung hits record R&D and facility spending in first half of 2026ESEvacuación de Anzánigo y más de 890 desalojos por el grave incendio forestal en HuescaTRİngiltere'de yolcu treni raydan çıktı: 2'si ağır 11 yaralıARخيارات ومخاطر الملاحة في مضيق هرمز وسط التوترات بين إيران وأمريكاDEFifa-Präsidentschaftswahl 2027: Gianni Infantino kandidiert erneut trotz internationaler KritikFRDeux incendies de végétation en Loire-Atlantique : 2000 personnes évacuées à GuérandeRUWhite House Accuses 40+ Nations of Aiding China in Evading US TariffsESCeuta mantiene la alerta máxima tras la entrada masiva de inmigrantes el 30 de julioTRÖRNEK: İstanbul'da Yeni Bir Dönem BaşladıPLPożegnanie Andrzeja Morozowskiego. Dziennikarz TVN24 został pochowany w WarszawieKRSamsung hits record R&D and facility spending in first half of 2026
Newsgather
Backईरान पर अमेरिका का हमला, आईआरजीसी ने दी चेतावनी
ईरान पर अमेरिका का हमला, आईआरजीसी ने दी चेतावनी
Urgent
BBC हिंदी6/27/2026World3 min readIndia

ईरान पर अमेरिका का हमला, आईआरजीसी ने दी चेतावनी

Quick Look

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और कोस्टल रडार पर हमला किया। यह कार्रवाई होर्मुज़ स्ट्रेट में एक मालवाहक जहाज़ पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में हुई। ईरान की आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अगर हमला दोबारा हुआ तो जवाब और भी बड़ा होगा।

AI-generated summary

Font size

कार्गो शिप पर हमले के बाद अमेरिका का ईरान पर अटैक, आईआरजीसी ने दी ये चेतावनी

प्रकाशित 2 घंटे पहले

पढ़ने का समय: 4 मिनट

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से तनाव बढ़ गया है. ताज़ा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और कोस्टल रडार पोज़िशन पर हमला किया.

यह कार्रवाई उस ड्रोन हमले के बाद हुई, जिसमें होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज़ (कार्गो शिप) को निशाना बनाया गया था.

अमेरिकी सेंटकॉम ने इसे ईरान के 'सीज़फायर उल्लंघन' बताते हुए ईरान पर हमला कर दिया.

जबकि ईरान की आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अगर हमला दोबारा हुआ तो उनका जवाब और भी बड़ा होगा.

यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हुई जिसमें उन्होंने ईरान पर सीज़फ़ायर के 'मूर्खतापूर्ण उल्लंघन' का आरोप लगाया था.

हमले से पहले ट्रंप ने कहा था- आपको पता चल जाएगा

दरअसल, गुरुवार को होर्मुज़ स्ट्रेट में एक जहाज़ पर एक तरफ़ा हमला करने वाले ड्रोन से हमला हुआ.

इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. वहां फंसे हज़ारों नाविकों को निकालने की योजना बनाई गई.

इसके बाद व्हाइट हाउस में शुक्रवार दोपहर ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वे यह नहीं बताएंगे कि अमेरिका ड्रोन हमले का कैसे जवाब देगा या सीज़फ़ायर को अब भी मानता है या नहीं.

छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें

सबसे अधिक पढ़ी गईं

समाप्त

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें

दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर (Dinbhar)

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

एपिसोड

समाप्त

उन्होंने कहा, "आपको पता चल जाएगा. मुझे यह अच्छा नहीं लगा कि उन्होंने कल हमला किया. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था."

जब पूछा गया कि ईरान ऐसा क्यों करेगा, ट्रंप ने बस इतना कहा, "वे थोड़े अलग हैं."

इसके बाद शुक्रवार को ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने ईरान के मिसाइल-ड्रोन रखने वाले ठिकानों और कोस्टल रडार पोज़िशन पर हमला किया.

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान पर किए गए हमलों के बारे में और जानकारी दी है.

सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारों के साथ तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया.

बयान के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाला जहाज़ 'ऑर लवली' 25 जून को होर्मुज़ स्ट्रेट से निकलते समय ओमान के तट के पास एक आत्मघाती ड्रोन हमले का शिकार हुआ.

सेंटकॉम ने इस हमले को ईरान की कार्रवाई और युद्धविराम का साफ़ उल्लंघन बताया. उसने कहा कि इस तरह की कार्रवाई दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक मार्ग में स्वतंत्रता को ख़तरे में डालती है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी घोषणा की, उसकी सेनाएं व्यापारिक जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सहयोग और समर्थन जारी रखेंगी. साथ ही, ईरान के साथ हुए समझौते को पूरी तरह लागू करने के लिए क्षेत्र में मौजूद और तैयार रहेंगी.

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने सेंटकॉम का बयान साझा करते हुए कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा.

जेडी वेंस ने एक्स पर लिखा, "ईरान ने युद्धविराम समझौते पर दस्तख़त किए हैं. हमने उसका पालन किया है. अगर उन्हें इस एमओयू के लागू होने पर कोई आपत्ति है, तो वे फ़ोन कर सकते हैं. लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा."

आईआरजीसी ने अमेरिका को दी चेतावनी

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर (आईआरजीसी) ने इस हमले के लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया.

आईआरजीसी ने शुक्रवार को हुए हमले के बाद अमेरिका और इसराइल पर सीज़फ़ायर तोड़ने के आरोप लगाए.

आईआरजीसी ने कहा, "समझौता तोड़ने वाला अमेरिकी शासन हमेशा की तरह अपने वादे तोड़ता है और अलग-अलग बहानों से ईरान के तट पर हवाई हमला करता है."

आईआरजीसी ने चेतावनी देते हुए आगे कहा, "अगर हमला दोबारा हुआ तो हमारा जवाब इससे भी बड़ा होगा."

आईआरजीसी ने इसराइल पर भी लेबनान में सीज़फायर तोड़ने का आरोप लगाया.

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने अमेरिकी हमले की तीखी आलोचना की.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "अमेरिका ने बातचीत के बीच एक बार फिर ईरान पर हमला किया. नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिखा दिया है कि उसे बातचीत या युद्धविराम के नियमों की कोई परवाह नहीं है.

इब्राहिम अज़ीज़ीने आगे लिखा, "यह लापरवाही भरा उल्लंघन हमेशा की तरह उनके पीछे हटने और पछतावे की वजह बनेगा. अब आरोप-प्रत्यारोप का खेल काम नहीं करता."

Related Topics

This article was originally published by BBC हिंदी.

Related Stories

मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के नए सुरक्षा समझौते के मायने
World·8 hours ago

मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के नए सुरक्षा समझौते के मायने

पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे मध्य-पूर्व में उसकी रणनीतिक स्थिति मज़बूत होने की चर्चा है, हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि साझा दुश्मन के अभाव में इसके सैन्य असर सीमित हो सकते हैं।

BBC हिंदी
7 min read
मध्य प्रदेश के रुठिया परिवार का दावा: 1917 में पूर्वज ने ब्रिटिश सरकार को दिया था 35 हज़ार का कर्ज़
World·yesterday

मध्य प्रदेश के रुठिया परिवार का दावा: 1917 में पूर्वज ने ब्रिटिश सरकार को दिया था 35 हज़ार का कर्ज़

मध्य प्रदेश के सीहोर के रुठिया परिवार ने 109 साल बाद ब्रिटिश सरकार से 1917 में अपने पूर्वज जुम्मालाल रुठिया द्वारा दिए गए 35 हज़ार रुपए के कर्ज़ को लौटाने की मांग की है। ब्रिटेन के डीएमओ ने मामले की जांच के लिए दस्तावेज़ मांगे हैं।

BBC हिंदी
5 min read
More on this topicईरान