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कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक न हटने का किया एलान, जंतर-मंतर पर क्या हैं हालात
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कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक न हटने का किया एलान, जंतर-मंतर पर क्या हैं हालात

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। दिल्ली पुलिस ने धरनास्थल खाली करने को कहा है, लेकिन सीजेपी ने सरकार से बातचीत के चैनल खोलने की अपील की है।

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Why It Matters

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने पुलिस से अनुमति बढ़ाने की अपील की है और सरकार से बातचीत का रास्ता खोलने को कहा है।

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कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक न हटने का किया एलान, जंतर-मंतर पर क्या हैं हालात

प्रकाशित 20 जून 2026, 16:27 IST

अपडेटेड 24 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वो 'शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे.'

सीजेपी ने एक्स पर इसकी घोषणा की है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को सीजेपी का प्रदर्शन जारी है.

अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस से अपील की है कि वो जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को आगे बढ़ाए.

हालांकि मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने बताया है कि पुलिस ने धरनास्थल ख़ाली करने को कहा है.

अभिजीत दीपके ने कहा है कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की शर्तों को लेकर उनसे बातचीत के चैनल को खोले.

सीजेपी इज़ बैक ने एक्स पर लिखा, "दीपके ने पुलिस से जंतर-मंतर पर अपनी अनुमति बढ़ाने की अपील की है और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की शर्त पर सरकार के साथ बातचीत के लिए रास्ता खोलने को कहा है."

सीजेपी ने शनिवार शाम क़रीब 5.30 बजे एक्स पर लिखा, "दिल्ली पुलिस एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अवैध घोषित करने की कोशिश कर रही है. आखिर शांति कब से गैरकानूनी हो गई, दिल्ली पुलिस?"

"हम तब तक यहां से नहीं जाएंगे, जब तक धर्मेंद्र प्रधान की लापरवाही की वजह से जान गंवाने वाले लोगों को न्याय नहीं मिल जाता."

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शनिवार दिन में एक अन्य पोस्ट में सीजेपी ने एक्स पर लिखा, "दिल्ली, अब बाहर निकलने का समय आ गया है. हम सभी छात्रों, अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से अपील करते हैं कि वे आज (शनिवार) शाम 6 बजे जंतर-मंतर पर इकट्ठा हों और एक स्पष्ट मांग रखें- धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए."

जंतर मंतर पर कैसा है माहौल

दिलनवाज़ पाशा, बीबीसी संवाददाता, जंतर मंतर से

शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का दूसरा बड़ा प्रोटेस्ट है.

पिछले प्रदर्शन के मुक़ाबले इस बार लोग कुछ कम हैं लेकिन फिर भी काफ़ी संख्या में लोग हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की.

दीपके ने दिल्ली पुलिस से और प्रदर्शन के लिए समय बढ़ाने की माँग की.

यहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने बीबीसी से कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देंगे इस तरह के प्रदर्शन यहाँ चलते रहेंगे.

इसके अलावा पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी मंच से अपनी बात रखी और उन्होंने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को भी उठाया.

अभी फ़िलहाल यहाँ पर सैकड़ों लोगों की भीड़ और भारी तादाद में सुरक्षा बल तैनात हैं.

शाम को एक तरफ़ लाउडस्पीकर में मंच से लोगों को धरना जारी रखने की अपील की जा रही थी तो दूसरी तरफ़ पुलिस प्रदर्शनकारियों से धरनास्थल छोड़ने की अपील कर रही थी.

छह जून को हुआ था पहला प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके के छह जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया था. अभिजीत दीपके उसी दिन सुबह अमेरिका से दिल्ली लौटे थे.

इस प्रदर्शन में ज़्यादातर युवा शामिल थे और वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.

इस प्रदर्शन के बाद सीजेपी की ओर से चेतावनी दी गई कि अगर सात दिन के अंदर शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं होता है तो वो फिर प्रदर्शन करेगी.

युवा पीढ़ी के इस प्रदर्शन को दुनिया के अन्य देशों की मीडिया ने भी कवर किया और इसे 'जेन ज़ी का प्रदर्शन' बताया.

इस प्रदर्शन में भी सोनम वांगचुक शामिल हुए थे जिन्हें बीते मार्च में छह महीने जेल में रहने के बाद रिहा किया गया था. उन पर एनएसए के तहत मामला दर्ज किया गया था.

इसी प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके ने एक्स पर इस प्रदर्शन तो सिर्फ़ एक ट्रेलर बताया था.

दीपके के साथ जयपुर में मारपीट

सीजेपी 15 जून को जयपुर में शहीद स्मारक पर नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थी.

इसी दौरान कुछ लोगों ने अभिजीत दीपके के साथ मारपीट की.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अभिजीत दीपके को उनके समर्थक कंधे पर बैठकार ले जा रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ युवकों ने अचानक उन पर हमला कर दिया.

हालांकि हमलावरों को पुलिस ने पकड़ लिया लेकिन अभिजीत दीपके ने उन्हें छोड़ देने की बात कही.

इसके बाद उन्होंने एक्स पर लिखा, "फ़िज़िकल अटैक डर और कायरता की निशानी है. हम अपनी आवाज़ शांति से उठाते रहेंगे."

उन्होंने लिखा, "मैं गांधी और आंबेडकर का अनुयायी हूं और इस लड़ाई को शांति और प्यार से लड़ता रहूंगा. धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए."

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बीते मई महीने में भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद एक सोशल मीडिया कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' ख़ासी चर्चा में आ गई थी.

जस्टिस सूर्यकांत के इसी बयान के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' की घोषणा की. देखते ही देखते उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर फॉलोअर्स की बाढ़ आ गई.

इंस्टाग्राम पर उन्होंने कुछ ही घंटों में बीजेपी, कांग्रेस और देश के अन्य दलों को पीछे छोड़ दिया. बाद में एक्स पर उनके अकाउंट को निलंबित कर दिया गया था जिसके कुछ घंटों बाद वो नए अकाउंट के साथ एक्स पर आ गए.

इंटरनेट पर इसके नाम से वेबसाइट बन चुकी है और इंस्टाग्राम पर कुछ ही दिनों में फ़ॉलोवर्स की संख्या 2 करोड़ 30 लाख हो गई थी.

उन्होंने कहा, "वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे. मैंने इसे बेहद हास्यास्पद समझा क्योंकि सीजेआई को देश के संविधान का संरक्षक माना जाता है. वो संविधान जो हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आज़ादी देता है."

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रहेगा।

    Likely · Within weeks

  • सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत हो सकती है।

    Possible · Within days

Open Questions

  • क्या पुलिस प्रदर्शन की अनुमति बढ़ाएगी?
  • क्या सरकार बातचीत के लिए तैयार होगी?
  • क्या धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे?

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This article was originally published by BBC हिंदी.