Breaking
RUKrista Pike: convicted criminal survives botched executionARFootball crises: Ronaldo’s departure from the Portugal camp, Wales’ victory over Norway, and Neco Williams’ injuryESChrista Pike survives two lethal injection attempts in TennesseeTRFatih Birol: Warning of a new era and diesel crisis in global energy marketsINUAE investigates flydubai cockpit incident as pilot praised for averting disasterRURussian strikes halt Ukrainian steel production, impacting military outputDEManchester City: Independent commission finds massive financial violationsCNKim Yo-jong issued a statement on the landmine explosion incident in the Demilitarized Zone, condemning South Korea's smear campaignDEInflation surprisingly rises to 3.9 percentESProtesters surround Congress in protest of the housing crisisRUKrista Pike: convicted criminal survives botched executionARFootball crises: Ronaldo’s departure from the Portugal camp, Wales’ victory over Norway, and Neco Williams’ injuryESChrista Pike survives two lethal injection attempts in TennesseeTRFatih Birol: Warning of a new era and diesel crisis in global energy marketsINUAE investigates flydubai cockpit incident as pilot praised for averting disasterRURussian strikes halt Ukrainian steel production, impacting military outputDEManchester City: Independent commission finds massive financial violationsCNKim Yo-jong issued a statement on the landmine explosion incident in the Demilitarized Zone, condemning South Korea's smear campaignDEInflation surprisingly rises to 3.9 percentESProtesters surround Congress in protest of the housing crisis
Backबिहार विधान परिषद चुनाव: जेडीयू के दो नेताओं की तनातनी से बढ़ी पार्टी की मुश्किलें
बिहार विधान परिषद चुनाव: जेडीयू के दो नेताओं की तनातनी से बढ़ी पार्टी की मुश्किलें
Developing
BBC हिंदी1 hour agoPolitics4 min readIndiaView translation

बिहार विधान परिषद चुनाव: जेडीयू के दो नेताओं की तनातनी से बढ़ी पार्टी की मुश्किलें

मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे पार्टी के भीतर नीरज कुमार के साथ टकराव पैदा हो गया है।

Quick Look

बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए होने वाले चुनावों के बीच, जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जाकर जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे पार्टी में राजनीतिक घमासान मच गया है।

AI-generated summary

Why It Matters

बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिनमें पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के दो नेता आमने-सामने हैं।

Font size

बीते गुरुवार को बिहार में मोकामा के मौजूदा विधायक और जनता दल (यू) के नेता अनंत सिंह पटना में एक खुली जीप पर सवार थे.

सफ़ेद शर्ट और काला चश्मा लगाए वो पीला गमछा लहरा रहे थे. वही पीला गमछा, जिसको बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज से जोड़ा जाता है. कुछ महीने पहले बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद जनसुराज के समर्थकों में नारे लगाए थे– आ गए हैं पीतांबरधारी.

दरसल अनंत सिंह ये पीला गमछा जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह की नामांकन यात्रा में लहरा रहे थे. अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अनुज सिंह को समर्थन देने की घोषणा कर दी है.

ये नामांकन यात्रा पटना के दरोगा राय पथ के कर्पूरी बैंक्वेट हॉल से शुरू हुई थी. जब ये यात्रा पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित जेडीयू दफ़्तर के सामने से निकली तो 'नीतीश कुमार जिंदाबाद' के भी नारे लगे.

इस नामांकन यात्रा से पहले अनंत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में अनुज सिंह की जीत को दो सौ प्रतिशत तय बताया.

उन्होंने कहा, "जनता ही मेरी मालिक है और हमेशा चुनाव में हमें विजयी बनाती है. इस बार भी अनुज सिंह को भारी मतों से जनता विजयी बनाएगी."

राज्य में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव होना है, जिनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं.

बिहार विधान परिषद के ये चुनाव बतौर पार्टी जेडीयू के रणनीतिकारों के लिए लिटमेस टेस्ट बन गए हैं. वजह है पार्टी के दो नेताओं का आमने-सामने होना. ये हैं- अनंत सिंह और नीरज कुमार.

एक ही छवि बाहुबली की है, तो दूसरे को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का क़रीबी माना जाता है. दोनों के बीच बनी इस स्थिति ने एक तरफ़ जेडीयू की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी तरफ़ पटना स्नातक की सीट को इस चुनाव में हॉट सीट बना दिया है.

कौन हैं अनुज सिंह, जिनके समर्थन में अनंत सिंह उतरे

पहले जान लेते है कि अनुज सिंह कौन हैं, जिनको अनंत सिंह समर्थन दे रहे हैं.

अनुज सिंह मूल रूप से नवादा के रहने वाले है. वो शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं और साल 2025 में नवादा विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं.

57 साल के अनुज सिंह मगध विश्वविद्यालय से पढ़े हैं. उन्होंने साल 2011 में संसाधन भूगोल से पीएचडी की है. साल 2025 में फ़ाइल किए गए शपथ पत्र के मुताबिक़, उन पर नवादा महिला थाना में छेड़छाड़ का मामला दर्ज है.

बता दें कि पटना स्नातक सीट से जेडीयू ने नीरज कुमार को प्रत्याशी बनाया है.

नीरज कुमार का राजनीतिक सफ़र समता पार्टी से शुरू हुआ था. उन्होंने साल 2002 में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव लड़ा था, लेकिन सफलता नहीं मिली. लेकिन बाद में साल 2008, 2014 और 2020 में लगातार उन्हें सफलता मिली.

जेडीयू विधायक अनंत सिंह से जब ये पूछा गया कि जेडीयू से होने के बावजूद वो जनसुराज के प्रत्याशी को समर्थन दे रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "इस चुनाव का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है. मैं आज भी जेडीयू का समर्पित कार्यकर्ता हूँ."

अनंत सिंह और नीरज कुमार में कब शुरू हुआ विवाद

जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार मोकामा के मोल्दियार टोला के रहने वाले है. वहीं अनंत सिंह नदवा गाँव के रहने वाले हैं. दोनों के गाँव की दूरी तकरीबन 25 किलोमीटर है.

दोनों के बीच में विवाद का साल 2015 माना जाता है, जब मोकामा विधानसभा सीट के लिए अनंत सिंह और नीरज के बीच मुक़ाबला हुआ था.

साल 2015 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह मोकामा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़े थे, वहीं जेडीयू के प्रत्याशी के तौर पर नीरज कुमार ने चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में अनंत सिंह ने 18 हज़ार से ज्यादा वोट से नीरज कुमार को हराया था.

इससे पहले साल 2005 और 2010 में अनंत सिंह ने जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी. लेकिन जून 2015 में बाढ़ इलाक़े में हुए एक अपहरण के मामले में गिरफ़्तार हुए थे. जिसके बाद अनंत सिंह ने सितंबर 2015 में पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था.

साल 2020 में अनंत सिंह ने विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी के टिकट पर लड़ा था. तब जेडीयू ने राजीव लोचन को कैंडीडेट बनाया था. इस चुनाव में भी अनंत सिंह ने राजीव लोचन को शिकस्त दी थी. हालाँकि बाद में अनंत सिंह जेडीयू में शामिल हो गए.

स्थानीय पत्रकार अनुभव सिंह ने बीबीसी को बताया, "2025 के विधानसभा चुनाव से पहले जब अनंत सिंह जेडीयू में एंट्री ले रहे थे, तब नीरज कुमार ने इसका विरोध किया था. बाद में उन्होंने कहा कि अनंत सिंह जैसे आपराधिक व्यक्ति को टिकट नहीं मिलेगा, लेकिन अनंत सिंह को टिकट मिला और वो जीते भी."

इस बार भी विधान परिषद चुनाव के पास आते ही अनंत सिंह और नीरज कुमार, एक-दूसरे के ख़िलाफ़ लगातार बयानबाज़ी कर रहे हैं. नीरज कुमार बाहुबली छवि को लेकर अनंत सिंह की आलोचना करते रहते हैं.

दूसरी ओर अनंत सिंह कहते हैं, "जब उसने (नीरज कुमार) विधानसभा चुनाव में मेरा विरोध किया, तो पार्टी (जेडीयू) की तरफ़ से क्यों नहीं कुछ कहा गया."

ललन सिंह सुलझाएँगे मामला?

जेडीयू के लिए ये स्थिति असमंजस की है. पार्टी ने इसको लेकर बीते सात सितंबर को एक बैठक बुलाई थी, लेकिन अनंत सिंह और नीरज कुमार नहीं माने.

गुरुवार को अनंत सिंह के अनुज सिंह के नामांकन में शामिल होने के बाद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा, "ये मामला पार्टी के संज्ञान में है, जो केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के क्षेत्र से संबंधित है. पार्टी ने ललन सिंह, नीरज कुमार और अनंत सिंह से बात करके मामला सुलझाने की ज़िम्मेदारी सौंपी है. बाक़ी अनंत सिंह ने चुनाव का जो मुद्दा उठाया है, पार्टी उस पर भी विचार करेगी."

राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह मुंगेर से सांसद हैं. मुंगेर में मोकामा विधानसभा क्षेत्र भी आता है.

राज्य में आगामी 23 अक्तूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए छह अक्तूबर तक नामांकन होना है और नौ अक्तूबर तक नाम वापस लिया जा सकता है. 27 अक्तूबर को मतगणना होगी.

दुलारचंद यादव की हत्या और जनसुराज

ये देखना दिलचस्प है कि साल 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी.

दुलारचंद यादव 1980 और 1990 के दशक में बाहुबली के तौर पर जाने जाते थे.

साल 2025 के विधानसभा चुनाव में दुलारचंद यादव जनसुराज के उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे, जब उनकी हत्या हुई.

दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह जेल गए थे. अब वही अनंत सिंह जनसुराज के पटना स्नातक के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं.

जनसुराज के उम्मीदवार रहे प्रियदर्शी पीयूष बीबीसी से कहते हैं, "मैं हर उस व्यक्ति के ख़िलाफ़ हूँ, जिसका समर्थन अनंत सिंह कर रहे हैं. लेकिन मैंने अभी ये तय नहीं किया है कि मैं नीरज कुमार या आरजेडी उम्मीदवार दिलीप पटेल को समर्थन करूँगा. बाक़ी मैं जनसुराज में अलग थलग पड़ गया हूँ. प्रशांत किशोर जी ने कह ही दिया है कि पार्टी में लोग आते-जाते रहते हैं."

अनंत सिंह पर 28 आपराधिक मामले लंबित हैं. जिनमें से सिर्फ़ चार मामलों में ही आरोप तय हुए है. हत्या, हत्या के प्रयास से लेकर आर्म्स एक्ट में अनंत सिंह पर मामला दर्ज हैं.

वहीं प्रशांत किशोर से गुरुवार को जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "जनसुराज के समर्थन में, बदलाव के समर्थन में जब सारा समाज खड़ा है, तो उसमें अनंत सिंह खड़े हैं, तो कौन सी बड़ी बात है?"

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • 23 अक्टूबर को विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान होगा।

    Very likely · Within weeks

  • 27 अक्टूबर को मतों की गणना की जाएगी।

    Very likely · Within weeks

Open Questions

  • क्या ललन सिंह इस विवाद को सुलझाने में सफल होंगे?
  • क्या पार्टी अनंत सिंह के खिलाफ कोई अनुशासनिक कार्रवाई करेगी?

Related Topics

This article was originally published by BBC हिंदी.

Related Stories

More on this topicअनंत सिंह