सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुयन: भारत में असहमति के लिए जगह कम होती जा रही है
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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुयन ने कहा कि भारत में असहमति के लिए जगह कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किया जाता है और ज़मानत भी नहीं मिलती।
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Why It Matters
भारत में छात्र प्रदर्शनों की हालिया घटनाएं
प्रकाशित 26 जुलाई 2026, 08:55 IST पढ़ने का समय: 8 मिनट सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुयन ने शनिवार को कहा कि भारत में अलग-अलग विचारों के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है. उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गिरफ़्तार कर लिया जाता है और उन्हें ज़मानत भी नहीं मिलती. अगर ज़मानत मिल भी जाती है, तो अदालतें ऐसी सख़्त शर्तें लगा देती हैं, जो उनकी आज़ादी को गंभीर रूप से सीमित कर देती हैं. ...
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- क्या भारत में असहमति की आज़ादी को खतरा है?


