
भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने 12 साल के करियर के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान किया है। उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट हासिल किए और वह व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।
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मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। अपने 12 साल के करियर में उन्होंने 64 टेस्ट खेले और 229 विकेट लिए।
भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है. शमी ने 6 नवंबर की रात एक वीडियो जारी कर अपने संन्यास का एलान किया.
दिलचस्प है कि उन्होंने छह नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टेस्ट डेब्यू किया था.
संन्यास लेने की घोषणा करते हुए मोहम्मद शमी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "सफ़ेद जर्सी को अलविदा कह रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों को कभी नहीं."
साथ ही उन्होंने इस सफ़र में साथ देने वाले सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया.
बीसीसीआई ने एक्स पर लिखा, "भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी के एक पूरे दौर को परिभाषित करने के लिए आपका शुक्रिया. भारत की ओर से टेस्ट कैप नंबर 279."
टेस्ट फ़ॉर्मेट में शमी का 12 सालों का सफ़र रहा और उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मैच खेले और 229 विकेट हासिल किए.
शमी के फ़ैसले से कुछ हैरान भी हुए और उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.
भारत के गेंदबाज़ी कोच मोर्न मोर्केल ने अपने साथ उन पलों को याद किया है जब वो एक साथ थे.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मोर्केल ने कहा कि "ड्रेसिंग रूप में उन्होंने मेरी काफ़ी मदद की."
36 वर्षीय शमी 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी के बाद से भारतीय टीम से बाहर हैं.
उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, "जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब सिर्फ़ एक सपना था, अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने का. इसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर बार वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया."
"टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ़ एक फ़ॉर्मेट नहीं, बल्कि मेरी ज़िंदगी का एक बेहद ख़ास हिस्सा रहा है. आज भारी मन और अनगिनत ख़ूबसूरत यादों के साथ मैंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फ़ैसला किया है."
उन्होंने सभी साथियों, कोच, परिवार के सदस्यों और उन करोड़ों भारतीयों को शुक्रिया कहा जो अच्छे और मुश्किल दौर में उनके साथ खड़े रहे और भरोसा बनाए रखा.
उन्होंने बीसीसीआई और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल का भी शुक्रिया किया.
शमी ने कहा, "उन्होंने मेरी प्रतिभा पर भरोसा किया, मुझे आगे बढ़ने के मौके दिए और मेरे क्रिकेट करियर में अहम भूमिका निभाई. आपका साथ और भरोसा हमेशा मेरे लिए ख़ास रहेगा. मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में मेरी आख़िरी गेंद भले ही पहले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत का प्रतिनिधित्व करने का गर्व हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेगा."
उन्होंने कहा कि वह व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे.
'सीम और स्विंग के उस्ताद'
स्पोर्ट्स कमेंटेटर हर्षा भोगले ने एक्स पर लिखा, "सिर्फ इसलिए कि यह होना तय था, इसका मतलब यह नहीं कि यह कम भावुक करने वाला है. मोहम्मद शमी ने रेड बॉल से ऐसी गेंदबाज़ी की, जैसी उनसे पहले बहुत कम गेंदबाज़ कर पाए थे. क्रिकेट की गेंद की सीम के साथ उनका रिश्ता अपने आप में एक कहानी है."
"जब खेल में कुछ होता नज़र नहीं आता था, तब वह सीम का इस्तेमाल कर गेंद को कभी अंदर की ओर स्विंग कराते, तो कभी बल्लेबाज़ को चकमा देते हुए बाहर की ओर निकाल देते थे. वह ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने सीम और स्विंग गेंदबाज़ी के बुनियादी सिद्धांतों के आधार पर गेंदबाज़ी की."
"बहुत अच्छा खेले, मोहम्मद शमी. मजा आ गया. व्हाइट-बॉल क्रिकेट के लिए आपको ढेरों शुभकामनाएं. उम्मीद है कि आप गेंदबाज़ी के इन बुनियादी सिद्धांतों को उन तमाम युवा खिलाड़ियों तक पहुंचाएंगे, जो आपके नक्शेकदम पर चलना चाहते हैं."
क्रिकेट पत्रकार विमल कुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है, "शमी निश्चित रूप से ऐसे गेंदबाज थे, जो टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट हासिल कर सकते थे और शायद 350 विकेट तक भी पहुंच सकते थे. हाल के दिनों में लगातार नज़रअंदाज किए जाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी."
"शायद उन्हें लगा होगा कि न्यूजीलैंड की सीम और स्विंग वाली परिस्थितियां उनके लिए आख़िरी उम्मीद हैं. लेकिन जब उन्हें इस दौरे के लिए टेस्ट टीम में नहीं चुना गया, तो यह फ़ैसला लेना उनके लिए व्यावहारिक ही रहा होगा."
विमल कुमार ने लिखा है, "याद कीजिए, साल 2022 में एंडी रॉबर्ट्स ने उनकी असाधारण कलाई के इस्तेमाल की क्षमता को देखते हुए उन्हें बुमराह से थोड़ा बेहतर गेंदबाज़ बताया था."
मोहम्मद शमी के यादगार प्रदर्शन
मोहम्मद शमी कई बड़े टूर्नामेंट में भारत के सबसे भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ों में से एक रहे हैं. वह नई और पुरानी गेंद से सीम और स्विंग कराने में माहिर हैं. बड़े मुकाबलों में उन्होंने कई शानदार प्रदर्शन किया है.
साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया में हुए वनडे विश्व कप में शमी ने 17.29 की औसत से 17 विकेट लिए थे. 2019 में भारत के सेमीफ़ाइनल तक के सफ़र में उन्होंने 13.78 की औसत से 14 विकेट लिए.
साल 2023 में भारत में हुए विश्व कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10.70 की औसत से 24 विकेट लिए, जबकि वह टीम के शुरुआती चार मैचों में नहीं खेले थे.
उन्होंने अपने शुरू के 6 मैचों में 5, 4, 5, 2, 0 और 7 यानी कुल 23 विकेट ले लिए. सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड के सात विकेट लेकर मोहम्मद शमी ने एक नया कीर्तिमान रच दिया.
ऐसा नहीं है कि टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा है. इस फ़ॉर्मेट में अपने शुरुआती 12 साल में ही उन्होंने तीन या उससे ज़्यादा मैचों वाली सिरीज़ में दस बार 10 से अधिक विकेट लिए.
भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में खेले गए 35 टेस्ट मैचों में उन्होंने 131 विकेट लिए.
चोट की वजह से परेशान रहे
माना जाता है कि अगर चोटों के कारण शमी का करियर बार-बार प्रभावित नहीं हुआ होता, तो वह और बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे.
उन्हें सबसे बड़ी चोट साल 2023 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद लगी. एड़ी की चोट के कारण वह एक साल से ज़्यादा समय तक क्रिकेट के सभी फ़ॉर्मेट से बाहर रहे.
साल 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी में उन्होंने पांच मैचों में 9 विकेट लेकर शानदार वापसी की, लेकिन तब तक वह 18 महीने से ज़्यादा समय से टेस्ट क्रिकेट से बाहर थे.
उनकी उम्र भी क़रीब 35 साल हो चुकी थी. ऐसे में लगने लगा था कि टेस्ट क्रिकेट में उनका समय ख़त्म हो गया है.
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन
साल 2023 में बीबीसी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़, दिल्ली से क़रीब 150 किलोमीटर अमरोह में मोहम्मद शमी का घर है.
अमरोहा के शांत गांव सहसपुर अलीनगर में पैदा हुए और उबड़-खाबड़ मैदानों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए मोहम्मद शमी ने क्रिकेट खेलने की शुरुआत की थी.
शमी उत्तर प्रदेश से आते हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए खेले. जनवरी 2013 में दिल्ली में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ वनडे मैच से भारतीय टीम में जगह मिलने से पहले वह 15 फर्स्ट क्लास और 13 लिस्ट ए मैच खेल चुके थे.
अपने पहले वनडे में उन्होंने चार मेडन ओवर फेंके और एक विकेट लिया. भारत ने यह मैच जीता था.
उसी साल वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ अपने पहले टेस्ट मैच में उन्होंने पुरानी गेंद से तेज़ रफ्तार में रिवर्स स्विंग कराते हुए 9 विकेट लिए. अगले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेले गए तीन मैचों में उन्होंने 15 विकेट लिए.
साल 2012-13 रणजी ट्रॉफी में पांच मैचों में शमी ने 28 विकेट लिए और घरेलू टी20 के शुरुआती आठ मैचों में 14 विकेट लेने के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली थी.
आईपीएल में प्रदर्शन
क्रिकइन्फ़ो के मुताबिक़, कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें साल 2011 आईपीएल सीज़न के लिए अपनी टीम में शामिल किया था. हालांकि, उन्हें इस टीम के लिए पहला मैच 2013 में खेलने का मौका मिला.
इसके बाद 2014 में वह दिल्ली डेयरडेविल्स से जुड़ गए. आईपीएल में उनका प्रदर्शन 2019 से बेहतर हुआ. लगातार पांच सीज़न तक उन्होंने हर सीज़न में 19 से ज़्यादा विकेट लिए.
पहले वह किंग्स इलेवन पंजाब और फिर गुजरात टाइटंस के लिए खेले. साल 2022 में गुजरात टाइटंस के खिताब जीतने वाले पहले सीज़न में उन्होंने 20 विकेट लिए. अगले साल टीम फ़ाइनल में पहुंची, जहां शमी ने 28 विकेट लिए.
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मोहम्मद शमी व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।
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