
अमेरिकी मीडिया में इस बात पर चर्चा तेज़ है कि क्या ईरान के साथ युद्ध लंबे समय तक खिंच सकता है, जिससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
अमेरिकी मीडिया में इस बात की चर्चा है कि ईरान के साथ संघर्ष 2029 तक यानी ट्रंप कार्यकाल के अंत तक चल सकता है। होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल-मंदेब में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।
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ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने चर्चा की है कि ईरान के साथ संघर्ष 2029 तक चल सकता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
बुधवार, 9 सितंबर को अमेरिकी मीडिया में इस सवाल पर ज़ोर था कि 'क्या यह युद्ध एक लंबे वक्त तक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल रहा है जिससे एनर्जी मार्केट्स को बड़ा झटका लग सकता है? बजाय इसके कि ये पूछा जाए कि 'युद्ध कब और कैसे खत्म होगा?'
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो सहित ट्रंप प्रशासन के कई सीनियर अधिकारियों ने निजी तौर पर इस संभावना पर चर्चा की है कि ईरान के साथ संघर्ष ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के अंत तक जारी रह सकता है, जो कि साल 2029 तक जारी रहने वाला है.
यह आकलन युद्ध के जल्दी खत्म होने के बारे में ट्रंप की ओर से बार-बार दिए गए सुझावों से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है.
अपने हालिया बयान में उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि अमेरिका की निचली संसद के मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा, ये चुनाव दो महीने बाद होने वाले हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है ताकि कांग्रेस में ऐसे लोग सत्ता में आ सकें जिनका तेहरान के प्रति कठोर रुख़ न हो.
फ़ारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे संघर्ष भी अमेरिकी मीडिया कवरेज का मुख्य केंद्र थे.
मीडिया ने अमेरिकी हमलों में ईरानी टैंकरों पर हमले, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान की मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई और ईरानी सैन्य अधिकारियों के उन दावों को प्रमुखता से दिखाया कि उन्होंने दक्षिणी ईरानी जलक्षेत्र में अमेरिकी बेड़े पर हमला किया था.
इसके उलट, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साफ़ किया है कि किसी भी अमेरिकी युद्धपोत को निशाना नहीं बनाया गया था.
सीएनएन के रिपोर्टर ने कहा, "इस बात का कोई संकेत नहीं है कि यह स्थिति जल्द ही समाप्त होने वाली है," जिससे यह सवाल उठता है कि क्या ऐसी परिस्थितियों में बातचीत फिर से शुरू करना भी संभव है.
लगभग सभी प्रमुख अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है. साथ ही तेल की कीमतें और बढ़ने की संभावना के बारे में भी लिखा है.
एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि कुछ एनालिस्ट्स अब तेल की कीमत 120 डॉलर या यहां तक कि 150 डॉलर तक पहुंचने की संभावना जता रहे हैं. उनका कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से होकर माल ढुलाई में व्यवधान और बढ़ जाता है तो ये अनुमान सही साबित हो सकते हैं.
वॉशिंगटन पोस्ट ने भी होर्मुज स्ट्रेट के नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर विवाद को युद्ध खत्म करने की राह में मुख्य बाधाओं में से एक बताया है.
फ़ॉक्स न्यूज ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के रुख़ पर रिपोर्ट दी, जिन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी नौसेना पर हमला करने के किसी भी ईरानी प्रयास का कड़ा जवाब दिया जाएगा और इसके परिणामस्वरूप और अधिक तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया जाएगा.
वॉशिंगटन पोस्ट ने भी अमेरिकी रणनीति को नौसैनिक नाकाबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों के संयोजन के रूप में वर्णित किया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को इस टकराव के केंद्र में रखा गया है.
ईरान और अमेरिका से परे संघर्ष
मीडिया, यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच टकराव को ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापक संकट के हिस्से के रूप में भी देख रहा है.
सऊदी अरब के एनर्जी इंफ़्रास्ट्रक्चर पर हूती हमलों और सऊदी समर्थित यमनी सरकार की सेना की ओर से किए गए जवाबी हमलों को इन मीडिया कवरेज में प्रमुखता से दिखाया गया है.
इन घटनाओं को बाब अल-मंदेब वाले रास्ते के ज़रिए से एनर्जी ट्रांज़िशन के लिए एक और ख़तरा बताया गया है.
युद्ध की ख़बरों का कवरेज अब दुनिया के दो रणनीतिक ऊर्जा अवरोधों, होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल-मंदेब पर मंडरा रहे एक साथ ख़तरे पर केंद्रित है.
दो अलग-अलग नैरेटिव
डोनाल्ड ट्रंप के करीबी मीडिया संस्थानों के नज़रिए से, ईरान अभूतपूर्व दबाव में है. इस दबाव ने उसकी सैन्य शक्ति और आर्थिक बुनियाद को कमज़ोर कर दिया है.
ऐसे में अमेरिकी जहाजों पर होने वाले ईरान के हमले तेहरान की हताशा का संकेत माने जाते हैं.
इसके उलट, न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉशिंगटन पोस्ट और सीएनएन का मानना है कि ईरान ने यह दिखाना जारी रखा है कि वह अमेरिका और ग्लोबल इकोनॉमी पर भारी लागत थोपने में सक्षम है और अधिकतम दबाव की नीति ईरान के आत्मसमर्पण के बजाय तनाव में वृद्धि कर सकती है.
इसी वजह से, वॉल स्ट्रीट जर्नल की उस रिपोर्ट को व्यापक कवरेज मिली है जिसमें युद्ध के 2029 तक जारी रहने की संभावना जताई गई है.
यह रिपोर्ट बताती है कि अमेरिकी सरकार का कम से कम एक हिस्सा अब इस संघर्ष को केवल एक कम वक्त तक जारी रहने वाले संकट के रूप में नहीं देखता है.
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तेल की कीमतें 120 से 150 डॉलर तक पहुंच सकती हैं
Possible · Within months

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