Backराहुल गांधी हिरासत में लिए जाने के बाद बोले, 'मोदी, शाह, भागवत और ज्ञानेश कुमार चाहे जो कर लें, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे'
राहुल गांधी हिरासत में लिए जाने के बाद बोले, 'मोदी, शाह, भागवत और ज्ञानेश कुमार चाहे जो कर लें, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे'
Developing
BBC हिंदी1 hour agoPolitics3 min readIndiaView translation

राहुल गांधी हिरासत में लिए जाने के बाद बोले, 'मोदी, शाह, भागवत और ज्ञानेश कुमार चाहे जो कर लें, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे'

Quick Look

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रियंका गांधी ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

AI-generated summary

Why It Matters

विपक्ष वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगा रहा है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं पर आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति प्रवेश करने के लिए FIR दर्ज की गई है।

Font size

दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विपक्ष का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी है.

मौक़े पर मौजूद बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने बताया कि विपक्षी सांसदों के साथ प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

प्रियंका गांधी ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, "चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे सांसदों के साथ वो कैसा बरताव कर रहे हैं. वो हम सांसदों की पिटाई कर रहे हैं. पुलिस वालों ने मुझे कई जगह खरोंच पहुंचाई. उन्होंने हमें धक्का देकर ज़मीन पर गिरा दिया. अब तो हम यहां से नहीं हटने वाले. मैं यहां से नहीं हटूंगी."

विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें.

यह प्रदर्शन मंगलवार को चुनाव आयोग के दफ़्तर तक मार्च और उसके बाद आकाशवाणी भवन में हुए लंबे धरने के बाद हो रहा है.

राहुल गांधी चुनावी वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर लगातार 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहे हैं. चुनाव आयोग और बीजेपी इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं.

कांग्रेस समेत विपक्षी दल वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न यानी एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी से मिलकर उसे फ़ायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.

लंच के बाद जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को दिल्ली के जनपथ स्थित एक रेस्तरां में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के लिए लंच रखा था. इसके बाद राहुल गांधी और विपक्षी सांसद जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए.

करीब 300 विपक्षी सांसदों के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी है. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में विपक्षी सांसदों से भरी बस जंतर-मंतर के रास्ते पर है. सड़कों पर भारी सुरक्षा बल तैनात है.

राहुल गांधी बोले- 'ज्ञानेश कुमार वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं'

लंच के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को तीनों चुनाव आयुक्तों से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया.

उन्होंने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग दोहराई और कहा कि वह उन्हें 'वैध मुख्य चुनाव आयुक्त' नहीं मानते.

मंगलवार के प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया ब्लॉक के कुछ अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई है.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि उनके ख़िलाफ़ 45 एफ़आईआर दर्ज हो चुकी हैं और वह 100 एफ़आईआर चाहते हैं.

उन्होंने कहा, 'हर FIR मेरे लिए एक मेडल है.'

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह और विपक्ष पीछे हटने वाले नहीं हैं.

मंगलवार को क्या हुआ था?

मंगलवार को करीब 300 विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग के दफ़्तर की ओर मार्च कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें चुनाव आयोग के पास रोक दिया.

इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में चले गए और वहीं धरने पर बैठ गए. कई घंटे चले इस धरने के बाद पुलिस ने राहुल गांधी और दूसरे नेताओं को हिरासत में लिया था.

बाद में देर रात क़रीब 10 बजे राहुल गांधी को रिहा कर दिया गया.

दिल्ली पुलिस ने बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की.

वहीं मंगलवार को ही चुनाव आयोग ने एक्स पर एक बयान जारी कर कहा कि विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्तों से मिलने के लिए कोई समय नहीं मांगा था.

चुनाव आयोग ने लिखा, "शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के ज़रिए आयोग से मिलने का समय नहीं मांगा था. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आयोग को बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मिलना और ज्ञापन सौंपना चाहता है."

आयोग के मुताबिक़, सांसदों के 240 सदस्यीय समूह के साथ संसद भवन एनेक्सी में बैठक का अनुरोध असामान्य था और प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था. आयोग ने ज्ञापन लेने के लिए अपने सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी को भेजने का प्रस्ताव दिया, लेकिन सांसदों ने इसे भी स्वीकार नहीं किया.

आयोग ने कहा कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करता है. कोई भी राजनीतिक दल आयोग से मिलने का अनुरोध कर सकता है और आयोग अपनी सुविधा के अनुसार मुलाक़ात का समय तय कर सकता है.

बीजेपी क्या कह रही है?

वहीं बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, "एसआईआर का विरोध करके कांग्रेस 2.8 करोड़ मृतकों के नाम वोटर लिस्ट में बनाए रखना चाहती है? क्या राहुल गांधी और सोनिया गांधी 'वोट चोरी' से सांसद बने? अगर एसआईआर अवैध है, तो क्या कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल की कांग्रेस सरकारें भी अवैध हैं?"

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।

    Likely · Within days

Open Questions

  • क्या चुनाव आयोग विपक्ष की मांग पर कोई आधिकारिक बैठक करेगा?
  • हिरासत में लिए गए नेताओं को कब तक रिहा किया जाएगा?

Related Topics

This article was originally published by BBC हिंदी.

Related Stories