
सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा, इंटरनेट बंद और मेट्रो स्टेशन सील
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में भारी पुलिस कार्रवाई हुई। नेहा बोरा, अरविंद केजरीवाल और अभिजीत दीपके समेत कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
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सीजेपी और वामपंथी संगठनों ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
दिल्ली में शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन ने चिंता जताई है.
इस प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होने की ख़बरें सामने आईं.
यूएन ह्यूमन राइट्स ने हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल और बिना शर्त रिहा किए जाने की मांग की है.
एक्स पर एक बयान जारी में संगठन ने कहा, "दिल्ली में आज बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, प्रदर्शन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को बड़ी संख्या में हिरासत में लिए जाने की ख़बरों को लेकर हम चिंतित हैं."
"हम अधिकारियों से अपील करते हैं कि शांतिपूर्ण तरीके से सभा करने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान किया जाए और इसे सुनिश्चित किया जाए."
बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव के मुताबिक़, कनॉट प्लेस में शांतिपूर्वक धरना दे रहे सीजेपी के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अचानक घेर लिया. पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर बसों में ले जाने की कोशिश करने लगी.
इस बीच, एक वकील ने युवा प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस को रोका. इसके बाद कई प्रदर्शनकारी बस से उतरकर पुलिस हिरासत से भागने में कामयाब रहे.
उनमें से एक ने कहा कि 'जब तक ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.'
वहीं, एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा, "जो आज हुआ, वैसा हमने आज तक नहीं देखा. बच्चों, महिलाओं और युवाओं को टॉर्चर किया जा रहा है. जो लोग हमारी ज़िंदगी से खेल रहे हैं, उनके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाओ तो हमें दबाया जा रहा है."
एक अन्य महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, "हमारे सभी लीडर्स को डिटेन कर लो, तब भी कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा. हर एक कॉकरोच अपने आप में एक लीडर है. हम सब अपनी ज़िम्मेदारी जानते हैं और डटे रहेंगे."
वहीं कनॉट प्लेस में ही प्रदर्शन कर रहे सीजेपी के समर्थकों और एंटी सीजेपी प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की ख़बरें भी सामने आई हैं. बीबीसी संवाददाता विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि सीजेपी विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सीजेपी सपोर्टर्स के साथ धक्का-मुक्की की, उनके ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया.
सीजेपी और कई वामपंथी संगठनों के कॉल पर राजधानी दिल्ली में 10 अक्तूबर, शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है. इस बीच सीपीआईएमएल ने दावा किया है कि आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली के मैदान गढ़ी डिटेंशन सेंटर ले जाया गया है.
सीजेपी ने अपने तीनों नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास की सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है. तीनों को शनिवार को दिल्ली पहुंचते ही विमान से ही हिरासत में ले लिया गया था.
बाद में देर शाम दिल्ली पुलिस ने एक्स पर लिखा कि मानवीय आधार पर दीपके को उनके घर जाने के लिए संभावित मदद की पेशकश की गई है.
बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के अनुसार, नेहा बोरा के साथ सीपीआई-एमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सीनियर वकील प्रशांत भूषण और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव को सफ़दरजंग फ़्लाईओवर से हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा बोरा ने एक्स पर पोस्ट किया, "मैं हिरासत में हूं. आंदोलन नहीं."
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया और गोपाल राय को भी पुलिस ने हिरासत में लिया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दिल्ली में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 25 हज़ार जवानों को तैनात किया गया है. साथ ही दिल्ली के अंदर 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. जंतर-मंतर और इससे चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट बंद कर दिया गया है.
लीगल मामलों की न्यूज़ वेबसाइट लाइव लॉ के अनुसार, शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई. सुप्रीम कोर्ट इस पर रविवार को विशेष सुनावाई करेगा. यह अवमानना याचिका गृह मंत्रालय के सचिव आईएएस गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त आईपीएस अनुराग कुमार और डीएमआरसी की अध्यक्ष आईएएस डी. थारा के ख़िलाफ़ दायर की गई.
अंग्रेज़ी अख़बार 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक़, कॉकरोच जनता पार्टी और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की ओर से बुलाए गए विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में रातभर में कम से कम 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया.
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई
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