
फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान में ओमानी नागरिक को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करके विमान को तेज़ी से नीचे लाने की कोशिश की, जिससे विमान सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन उतरना पड़ा। इस घटना में दोनों पायलट घायल हो गए और इज़राइली यात्री यानिव हायून ने हमलावर को काबू में किया। प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमलावर कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से संबंध की संभावना जताई। घटना के बाद उड़ान मार्ग की सुरक्षा में सेंध को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी है।
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फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी, जिसमें 174 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर हमला करके विमान को तेज़ी से नीचे लाने की कोशिश की, जिससे विमान सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन उतरना पड़ा।
फ़्लाईदुबई फ़्लाइट: स्मित मच्छर पर हमला करना वाला को-पायलट कौन था?
प्रकाशित एक मिनट पहले
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के मुताबिक़, 174 यात्रियों, जिनमें ज़्यादातर इसराइली थे, को लेकर जा रहे बोइंग कंपनी के 737 विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने वाला फ्लाईदुबई का पायलट ओमान का नागरिक था.
इससे यह सवाल उठ रहा है कि कड़ी सुरक्षा जांच प्रक्रिया के बावजूद उसे विमान उड़ाने की अनुमति कैसे मिली.
सह-पायलट की राष्ट्रीयता सामने आने के बाद एयरलाइन और सुरक्षा एजेंसियों पर यह बताने का दबाव बढ़ सकता है कि ओमान और इसराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं होने के बावजूद वह दुबई से तेल अवीव जाने वाली इस उड़ान में कैसे सवार हुआ. दोनों देशों के नागरिकों के एक-दूसरे के देशों में आने-जाने पर भी प्रतिबंध हैं.
नेतन्याहू ने गुरुवार को फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी.
यह घटना होने के एक दिन बाद का इंटरव्यू था. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमलावर को कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा की ओर प्रेरित किया गया था, लेकिन उन्होंने सावधानी बरतते हुए कहा कि अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि उसके ईरान से कोई संबंध थे या नहीं.
नेतन्याहू ने इंटरव्यू में कहा, "जिन देशों के साथ हमारे राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहाँ के पायलटों को लेकर हमारे सामने कुछ प्रतिबंध हैं. इसलिए ज़ाहिर तौर पर वह इन प्रक्रियाओं से गुज़रने में सफल रहा. तो यहाँ एक खामी है. हमें यह सुनिश्चित करने का तरीक़ा तलाशना होगा कि हम पायलटों की पहले से जांच कर सकें."
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यह पता लगा रहा है कि फ्लाईदुबई के पायलट के ईरान से कोई संबंध हैं या नहीं.
ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से कहा, "हम इस पर अभी काम कर रहे हैं. मैं जो सुन रहा हूँ, उसके आधार पर कहूंगा कि जवाब हाँ है, लेकिन हम अभी इस पर काम कर रहे हैं."
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एयरलाइन या संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने अभी तक पायलट की राष्ट्रीयता या पहचान की घोषणा नहीं की है. नेतन्याहू ने इससे पहले दूसरे पायलट की पहचान भारतीय के तौर पर की थी. इसी पायलट पर हमला किया गया था और वह गंभीर रूप से घायल हुआ था.
ओमान की सरकार ने भी इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.
सऊदी अरब ने क्या कहा?
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सऊदी अरब गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि ओमानी और ज़ख़्मी पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को संयुक्त अरब अमीरात भेज दिया गया है.
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक़, तबुक में विमान के उतरने के बाद अस्पताल में भर्ती दोनों लोगों को इलाज के बाद डॉक्टरों ने यात्रा के लिए फिट घोषित किया. इसके बाद उन्हें अमीराती सुरक्षा दल के साथ यूएई भेजा गया.
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि दुबई-तेल अवीव फ्लाईदुबई उड़ान के डायवर्ट किए जाने की शुरुआती जांच में संकेत मिला है कि को-पायलट ने पायलट पर हमला किया था.
मंत्रालय ने बताया कि विमान बुधवार, 30 सितंबर को स्थानीय समय के मुताबिक़ सुबह 9:45 बजे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतरा. विमान में 174 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे.
सऊदी गृह मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि यूएई की एक सुरक्षा टीम के साथ समन्वय में सऊदी अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती जांच में पता चला कि विमान में झड़प हुई थी, जिसमें सह-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया. इस घटना में दोनों घायल हुए.
मंत्रालय ने कहा, "किंगडम में संबंधित अधिकारियों और संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा टीम की भागीदारी के साथ की गई शुरुआती जांच से संकेत मिला कि फर्स्ट ऑफिसर ने विमान के कैप्टन पर हमला किया."
यूएई में अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना किसी आतंकवादी गतिविधि या मक़सद से जुड़ी थी या इसमें पहले से कोई योजना या किसी की ओर से निर्देश शामिल था. यूएई के अटॉर्नी जनरल ने यह जानकारी दी.
इसराइली यात्री यानिव हायून उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहे ओमानी को-पायलट को काबू में किया था.
हायून ने बताया कि जब हमलावर को बांधकर काबू में कर लिया गया और उसे पता चल गया कि उसकी कोशिश नाकाम हो गई है, तो उसने कहा, "मुझे मार डालो."
विमान में सवार लोगों ने क्या कहा?
कई इसराइली यात्रियों ने प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से मुलाक़ात की और बताया कि उन्होंने विमान को कैसे बचाया.
सरकार के प्रेस कार्यालय की ओर से जारी एक वीडियो क्लिप में डॉ. शोता मुसाएव ने बताया कि उन्होंने घायल कैप्टन का इलाज कैसे किया. उन्होंने कहा कि शुरुआत में इइराइली यात्रियों ने को-पायलट को बांधने के लिए हेडफोन की तार का इस्तेमाल किया, "ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह बेकाबू होकर कुछ न कर सके."
हायून ने बीच में कहा, "उसने अंग्रेज़ी में चिल्लाकर कहा, 'मुझे मार डालो, मुझे मार डालो.'"
हायून ने बताया, "इसका मतलब था कि वह अपने मिशन में नाकाम हो गया था और अब मरना चाहता था."
नेतन्याहू ने इससे पहले फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में भी इस घटना का ज़िक्र किया था. उन्होंने कहा था कि ओमानी को-पायलट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित हुआ था और हमलावर के हवाले से कहा था, "मुझे मार डालो, मुझे मार डालो."
सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
अमेरिकी मीडिया आउटलेट वाल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है, ''फ्लाईदुबई के जिस पायलट ने अपने कैप्टन पर हमला किया और विमान को तेज़ी से नीचे आने के लिए मजबूर कर दिया, वह दुनिया की सबसे कड़ी विमानन सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक को भेदने में कामयाब रहा. सवाल है कि कैसे?
यूएई और इसराइल को जोड़ने वाला यह हवाई मार्ग दुनिया के सबसे संवेदनशील मार्गों में से एक है. मध्य-पूर्व में यात्री विमानों के अपहरण और दूसरे हमलों का लंबा इतिहास रहा है.
ऐसे हमलों को रोकने के लिए दोनों देशों के पास दुनिया की सबसे उन्नत सर्विलांस टेक्नोलॉजी और सक्षम ख़ुफ़िया नेटवर्क हैं. इसके अलावा, 11 सितंबर 2001 के अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों और फ्रेंच आल्प्स में जर्मनविंग्स की फ्लाइट 9525 को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त किए जाने के बाद विमानन नियमों को बार-बार और सख़्ता किया गया है.
जर्नल के मुताबिक 'इसके बावजूद बुधवार को एक पायलट अपनी मंशा छिपाने, चाकू तक पहुँच बनाने और क़रीब 170 लोगों को ले जा रहे विमान को इतनी तेज़ ढलान में नीचे ले जाने में कामयाब रहा कि विमान हवा में ही लगभग टूटने की स्थिति में पहुंच गया.'
इसराइल के भविष्य और मध्य पूर्व में उसकी स्थिति पर किताब लिख चुके सिक्यॉरिटी और जियोपॉलिटकल विश्लेषक माइकल होरोविट्ज ने डब्ल्यूएसजे से कहा, "यह 100 फ़ीसदी एक बड़ी सुरक्षा नाकामी है. सवाल यह है कि यह नाकामी कितनी व्यापक और कितनी गंभीर है."
इस घटना का असर दुनिया के साथ इसराइल के हवाई संपर्क और यूएई के विमानन के अलावा पर्यटन कारोबार की संभावनाओं पर पड़ सकता है. जांच जारी रहने के दौरान फ्लाईदुबई ने इसराइल के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दीं. ईरान युद्ध से जुड़े जोखिमों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पहले ही कई महीनों से यूएई और इसराइल दोनों के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर चुकी थीं.
विमानन सुरक्षा कंपनी ओस्प्रे फ्लाइट सॉल्यूशंस ने एक रिपोर्ट में कहा कि अगर यह आतंकवादी हमला साबित होता है, तो "यह हाल के वर्षों में किसी कमर्शियल यात्री विमान को निशाना बनाकर रची गई सबसे महत्वपूर्ण आतंकी साज़िश होगी."
11 सितंबर 2001 के हमलों में अपहरणकर्ताओं ने विमानों पर क़ब्ज़ा कर उन्हें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन से टकरा दिया था. इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए गए. इनमें एक अहम बदलाव कॉकपिट में घुसपैठ करने वालों को बाहर रखने के लिए मज़बूत दरवाज़ों की शुरुआत थी.
हालांकि, ये नियम मुख्य रूप से विमान को यात्रियों से होने वाले ख़तरे से बचाने पर केंद्रित थे, न कि ऐसे पायलट या क्रू सदस्यों से, जो विमान के भीतर से ही ख़तरा पैदा कर सकते हैं.
2015 में जर्मनविंग्स विमान हादसे के बाद कुछ विमानन नियामकों ने कॉकपिट में हर समय दो क्रू सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी. इस हादसे में फर्स्ट ऑफिसर ने कॉकपिट में अकेले रहने के बाद विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया और जानबूझकर उसे फ्रेंच आल्प्स में गिरा दिया.
विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई. विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने वाले पायलट का आत्महत्या की प्रवृत्ति के लिए साइकलॉजिकल इलाज चल चुका था और तब से विमानन उद्योग मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों से निपटने की कोशिश कर रहा है.
आमतौर पर पायलटों को साल में कम से कम एक बार मेडिकल जांच से गुज़रना होता है. हालांकि, कुछ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी निदान मिलने या ऐसी दवाएं लेने पर उनका लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है. इससे यह चिंता पैदा हुई है कि एविएटर्स अपने लक्षण छिपा सकते हैं और मदद लेने से बच सकते हैं.
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AI outlook — possibilities, not facts
यूएई और इसराइल विमानन सुरक्षा मानकों में संयुक्त रूप से सुधार करेंगे।
Likely · Within weeks
फ्लाईदुबई इसराइल के लिए अपनी उड़ानें कुछ हफ्तों बाद फिर से शुरू करेगी।
Possible · Within weeks

Indian pilot Smit Machar landed safely in Tabuk, Saudi Arabia with the help of passengers and crew by opening the cockpit door despite being attacked with a knife by the co-pilot on board a flydubai Boeing 737 aircraft, saving the lives of 174 people.
The Omani co-pilot accused of attacking the captain and attempting to seize control of a Flydubai flight from Dubai to Tel Aviv has been transferred from Saudi Arabia to the UAE for investigation. Authorities are examining whether the incident was terrorism-related or linked to mental health, with Israeli and U.S. officials involved. The captain was injured but is out of danger after the plane made an emergency landing in Tabuk.

On flydubai flight FZ1073 from Dubai to Tel Aviv, a pilot attacked the other pilot, Smit Mosquito. The injured pilot opened the cockpit gate to rescue 174 passengers. The plane made an emergency landing in Tabuk, Saudi Arabia.
A rare 570-year-old leaf from the Gutenberg Bible, bought for £25 in the early 20th century and found in an English attic, has been sold at auction for £39,000.

An incident of alleged attack on the pilot by the co-pilot inside the cockpit of flydubai flight FZ1073 coming from Dubai to Tel Aviv has come to light, after which the plane was diverted towards Tabuk, Saudi Arabia.

US Secretary of State Marco Rubio had ordered Iran's Foreign Minister Abbas Araghchi and his delegation to leave the country immediately if they stayed in New York even after the end of the UN General Assembly program, although Iran rejected this claim and said that their delegation had already left New York on Monday as per the schedule.