नेपाल में भीषण बाढ़: त्रिशूली नदी के पास फंसे परिवार का वीडियो वायरल, मरने वालों की संख्या 600 के पार
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ से भारी तबाही, सैकड़ों लोगों की मौत और हज़ारों लापता
Quick Look
नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या 616 हो गई है, जबकि लगभग 2,000 लोग लापता हैं। त्रिशूली नदी के पास एक घर की बालकनी और छत पर फंसे एक परिवार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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Why It Matters
नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने और ल्हेन्दे-भोटेकोशी नदी में मलबा गिरने से अचानक भीषण बाढ़ आ गई।
प्रकाशित एक घंटा पहले
पढ़ने का समय: 6 मिनट
नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ की अब भयावह तस्वीरें और वीडियो क्लिप सामने आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर आ रही तस्वीरों और वीडियो से पता चलता है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ का कहर किस कदर लोगों पर बरपा है.
इन वीडियो में दिख रहा है कि बाढ़ का पानी और मलबा एक के बाद एक इलाक़ों को बहाते जा रहे हैं. पक्के मकानों को बाढ़ का पानी तिनके की तरह बहाता दिख रहा है.
लेकिन इन ख़ौफनाक वीडियो के बीच एक वीडियो ख़ासा वायरल हो रहा है.
वीडियो त्रिशूली नदी से सटे इलाक़े का - बीबीसी वेरिफ़ाई
बीबीसी वेरिफ़ाई के मुताबिक़ ये वीडियो क्लिप त्रिशूली नदी से सटे इलाक़े का है.
बीबीसी वेरिफ़ाई ने इस मकान का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि तब ये लोग इस घर में फँसे हुए थे.
बीबीसी वेरिफ़ाई इन लोगों की पहचान नहीं बताई है. लेकिन उसने वीडियो साझा करते हुए बताया है कि इस दौरान ये परिवार किसी तरह बचा रहा. इस बीच कोई इस घर की छत पर मदद के लिए लाल दुपट्टा लहरा रहा था.
सैलाब थमने के बाद लोग मदद के लिए पहुंचे.
वीडियो में कम से कम तीन लोग दिखाई दे रहे हैं एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चा, जो संभवतः छोटी लड़की है.
ये लोग घर की दूसरी मंज़िल की बालकनी जैसी जगह पर फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं.
उनके चारों ओर कीचड़ का सैलाब घूम रहा है. उसके साथ बड़े-बड़े पत्थर, मलबा और एस्बेस्टस की चादरें बह रही हैं.
ये चीज़ें लगातार उस घर से टकरा रही हैं, जो अब भी खड़ा है, और उसे भी अपने साथ बहा ले जाने को उतारू है.
इस बीच, घर के लोग बेबस बालकनी में खड़े नज़र आ रहे हैं. एक महिला मकान की छत पर पहुंचकर मदद के लिए लाल दुपट्टा लहराती दिख रही है.
सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक एरिक चेन ने इस वीडियो के फुटेज को शेयर करते हुए लिखा है, ''यह हाल में देखा गया सबसे हताश करने वाला दृश्य है. एक घर उस तेज़ बहाव के बीच अब भी खड़ा है, जिसने उसके आसपास की हर चीज़ को मिटा दिया है.''
''लोग बालकनी और छत पर किसी तरह टिके हुए हैं, जबकि कीचड़, बर्फ़, चट्टानों और पानी की बड़ी लहर नेपाल-तिब्बत की इस घाटी को चीरती हुई आगे बढ़ रही है. वे सिर्फ़ आंकड़े नहीं हैं. यह एक परिवार है, जो यह जानने का इंतज़ार कर रहा है कि पानी की अगली लहर उनके पास बची आख़िरी सुरक्षित जगह को भी बहा ले जाएगी या नहीं. दुआ है कि वे ज़िंदा रहें. दुआ है कि बचावकर्मी पानी की एक और लहर आने से पहले उन तक पहुँच जाएं.''
''इस फुटेज को असहनीय बनाने वाली बात सिर्फ़ प्रकृति की ताक़त नहीं है. नेपाली पक्ष की रिपोर्टों के मुताबिक़, यह बाढ़ का तेज़ बहाव तिब्बत की तरफ़ ल्हेन्दे-भोटेकोशी नदी से शुरू हुआ, जहां ग्लेशियर के टूटने के बाद मलबा नदी में जा गिरा. निचले इलाक़ों में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें चीनी अधिकारियों की तरफ़ से समय पर कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं मिली. बीजिंग से पहले स्थानीय लोगों ने ख़तरे की सूचना दी. त्रिशूली नदी का जलस्तर क़रीब 30 मिनट में नौ मीटर तक बढ़ गया. यही आधा घंटा किसी के सुरक्षित जगह तक पहुँचने और बालकनी पर फँसकर दुनिया को अपनी आंखों के सामने मिटते देखने के बीच का फ़र्क़ है.''
''चीन ने बाद में समय पर चेतावनी देने में किसी नाकामी से इनकार किया और कहा कि बर्फ़ और चट्टानों का हिमस्खलन इतना अचानक हुआ कि नदी के गेज भी उसे मुश्किल से पकड़ पाए. फिर यह बताया जाना चाहिए कि 2025 में इसी नदी में आई बाढ़ के बाद जिस सीमा-पार पूर्व चेतावनी प्रणाली पर चर्चा हुई थी, वह इस बार बाढ़ आने तक भी समझौते के रूप में लागू क्यों नहीं हो पाई? ऊपर की तरफ से आने वाली ख़ामोशी कोई तकनीकी मामूली बात नहीं है. यह उन लोगों से छीने गए मिनट हैं, जिनके पास बचने के लिए कहीं जाने का समय नहीं था.''
''सैकड़ों लोग मारे गए हैं. एक हज़ार से अधिक लोग अब भी लापता हैं, जिनमें विदेशी तीर्थयात्री और ट्रेकर्स भी शामिल हैं. जो घर गिरने से बच गया, वह कोई चमत्कार की कहानी नहीं है. वह ज़िदगी और नदी के बीच बची एक बेहद पतली आख़िरी रेखा है. दुआ है कि वह परिवार अब भी उसी पर सुरक्षित हो.''
नेपाल की बाढ़ में मरने वाले 600 पार
बुधवार को नेपाल में आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 616 हो गई है. नेपाल पुलिस ने इसकी जानकारी दी है.
इससे पहले मौतों का आंकड़ा 579 बताया गया था.
वहीं चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक़, तिब्बत में मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर सात हो गई है और 554 लोग अभी भी लापता हैं.
नेपाल में बाढ़ के बाद अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों और कई देशों की सरकारों ने आपात राहत और बचाव का काम तेज़ कर दिया है.
बाढ़ के बाद नेपाल में करीब 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.
यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका समेत कई देशों ने नेपाल को राहत सामग्री या आर्थिक मदद देने का एलान किया है.
What to Watch
AI outlook — possibilities, not facts
बचाव कार्यों के बाद लापता लोगों के आंकड़े बढ़ सकते हैं
Likely · Within days
Open Questions
- फंसे हुए परिवार को सुरक्षित बचाया जा सका या नहीं?
- सीमा-पार पूर्व चेतावनी प्रणाली लागू क्यों नहीं हो पाई?



