वज़न घटाने वाली एक नई दवा जो आई भी नहीं और ब्लैक मार्केट में छा गई
रेटाट्रूटाइड अभी क्लिनिकल ट्रायल के दौर में है, लेकिन इसकी नक़ली और ग़ैरक़ानूनी नक़लें ब्लैक मार्केट में धड़ल्ले से बिक रही हैं।
Quick Look
वज़न घटाने वाली प्रयोगात्मक दवा 'रेटाट्रूटाइड' के क्लिनिकल ट्रायल पूरे होने से पहले ही इसकी नक़ली वर्ज़न ब्लैक मार्केट में उपलब्ध हो गई हैं। विशेषज्ञ और एली लिली कंपनी स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, जबकि उपयोगकर्ता बिना मेडिकल निगरानी के इसे ले रहे हैं।
AI-generated summary
Why It Matters
रेटाट्रूटाइड एक प्रयोगात्मक वज़न घटाने वाली दवा है जो वर्तमान में एली लिली द्वारा क्लिनिकल परीक्षण के अधीन है। इसे अभी तक किसी भी नियामक संस्था द्वारा मानव उपयोग के लिए मंज़ूरी नहीं दी गई है।
नई दवा को बनाने को लेकर उत्साह अक्सर उसे विकसित करने वालों के लिए जश्न की वजह होता है, ख़ासकर तब जब शुरुआती क्लिनिकल ट्रायल में उससे उम्मीद जगती दिखे।
लेकिन वज़न घटाने वाली नई दवा रेटाट्रूटाइड, न सिर्फ़ इसे बनाने वाली फ़ार्मास्यूटिकल कंपनी एली लिली के लिए सिरदर्द बन गई है, बल्कि ब्रिटेन और दुनिया भर के दवा नियामकों के लिए भी।
यह इंजेक्शन अभी तक किसी भी नियामक संस्था द्वारा इंसानों के इस्तेमाल के लिए मंज़ूर नहीं हुआ है। लेकिन ब्लैक मार्केट में रेटाट्रूटाइड की नक़ली और ग़ैरक़ानूनी नक़लों की बाढ़ आ गई है।
विशेषज्ञों ने बीबीसी को बताया कि यह संभवतः पहली बार होगा कि किसी प्रयोगात्मक दवा की नक़ली वर्ज़न इतने व्यापक रूप से उपलब्ध हो रहे हैं, जबकि असली दवा अभी टेस्ट के दौर से ही गुज़र रही है।
'रेटा' नाम से मशहूर हो चुकी इस दवा की शीशियाँ ब्रिटेन में जिम, नेल और ब्यूटी सैलून, हेयरड्रेसर, सोशल मीडिया और यहाँ तक कि सड़क पर फूल बेचने वालों के पास भी बिक रही हैं।
24 एचआर फ़ार्मेसी की निदेशक और फ़ार्मासिस्ट सेहर शाहिद कहती हैं, "दुनिया पागल हो गई है।"
"लोग असल में एक ग़ैरक़ानूनी दवा का इंजेक्शन लगा रहे हैं और सोच रहे हैं कि यह सुरक्षित है।"
"यह इतना सामान्य हो गया है कि लोग खुलेआम अपने डीलरों के बारे में बात कर रहे हैं, बता रहे हैं कि यह कहाँ से सबसे अच्छी मिल सकती है और सोशल मीडिया पर जगह-जगह पोस्ट कर रहे हैं।"
अपने सोशल मीडिया पर एक सरसरी नज़र डालने के कुछ ही मिनट में मैं रेटाट्रूटाइड नाम से बिक रही दवा का एक बैच ऑर्डर कर सकती हूँ - हालाँकि इस बात का कोई सबूत नहीं होगा कि यह वास्तव में किससे बनी है, इसके असर क्या होंगे और यह कहाँ से आई है।
इसे इस्तेमाल करने वाले उत्साही लोग अपने टिकटॉक फ़ीड पर 'रेटा' के पहले और बाद की तस्वीरें डाल रहे हैं, बता रहे हैं कि इससे फ़ूड नॉएस ( लगातार कोई चीज़ खाने की तीव्र इच्छा) शांत हो गया है, वज़न और इंच घटाने में मदद मिली, और कुछ तो कहते हैं कि इसने उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल दी है।
समस्या यह है कि हालिया क्लिनिकल ट्रायल में सकारात्मक नतीजे आने के बावजूद असली रेटाट्रूटाइड की सुरक्षा और प्रभावशीलता का परीक्षण अभी जारी है।
अमेरिका में इस परीक्षण के फ़ेज़-III में पहुँचने वाली केवल 50% दवाओं को ही आख़िरकार फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफ़डीए) की मंज़ूरी मिलती है, इसलिए इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि रेटाट्रूटाइड बाज़ार में आएगी ही।
उच्च असफलता दर का मुख्य कारण यह है कि बड़ी, विविध मानव आबादी में दवाएँ उतनी कारगर नहीं होतीं जितनी छोटे शुरुआती परीक्षणों में दिखती हैं, या फिर वे अप्रत्याशित सुरक्षा ख़तरों को उजागर कर देती हैं।
और हो सकता है कि जो नक़ली वर्ज़न इस समय उपलब्ध हैं, वे प्रयोगशाला की सुरक्षित सीमाओं में विकसित हो रही असली दवा से बिल्कुल मेल भी न खाते हों।
एली लिली की वेबसाइट पर सख़्त चेतावनी दी गई है, "किसी को भी रेटाट्रूटाइड नाम से बिक रही कोई भी चीज़, लिली-प्रायोजित क्लिनिकल ट्रायल के बाहर नहीं लेनी चाहिए।"
"ग़ैरक़ानूनी रेटाट्रूटाइड उत्पादों में अज्ञात तत्व, हानिकारक प्रदूषक और अशुद्धियाँ हो सकती हैं. इनमें सक्रिय तत्व बहुत ज़्यादा या बहुत कम हो सकता है, या फिर पूरी तरह ग़लत तत्व भी हो सकता है।"
इसके बावजूद, लगता है कि बहुत से लोग यह जोखिम उठाने को तैयार हैं।
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट प्रोफ़ेसर डोनल ओ'शे कहते हैं, "मतली, उल्टी, दस्त और कुछ मामलों में गुर्दे ख़राब होने तक के युवा और तंदुरुस्त मरीज़ अस्पताल आ रहे हैं।"
उनका कहना है कि कुछ पर्सनल ट्रेनर न सिर्फ़ अपने क्लाइंट्स को यह दवा दे रहे हैं, बल्कि उन्हें इंजेक्शन भी लगा रहे हैं।
"मरीज़ों को पता ही नहीं होता कि उन्होंने यह कितना लिया है, या उन्हें वास्तव में क्या इंजेक्ट किया गया है।"
टॉम डेविस बताते हैं कि नकली रेटाट्रूटाइड की ओवरडोज़ से वे लगभग अस्पताल पहुँच गए थे. जब उनके जिम के दोस्तों ने इसकी सिफ़ारिश की तो उन्होंने इसे चीन के एक सप्लायर से ऑर्डर किया था.
ब्राइटन के 20 वर्षीय टॉम कहते हैं, "यह भयानक था।"
"शरीर पर बहुत ज़्यादा दबाव महसूस हो रहा था, मेरा पेट बहुत फूला हुआ लग रहा था, जैसे किसी ने मेरे पेट पर 20 किलो का वज़न रख दिया हो।"
"72 घंटे तक मुझे बहुत बुरा दस्त और मतली रही. मैंने सोचा, अगर यह जारी रहा तो मैं सीधे इमरजेंसी वॉर्ड में पहुँच जाऊँगा।"
बाद में टॉम को एहसास हुआ कि उन्होंने बताई गई मात्रा से आठ गुना ज़्यादा डोज़ ले ली थी.
चेस्टर में स्थित शोध चिकित्सक डॉक्टर नैस खट्टक, एली लिली के फ़ेज़-III क्लिनिकल ट्रायल के लिए मरीज़ों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं. उनका कहना है कि नक़ली संस्करण लेने वाले लोग असल में बिना किसी मेडिकल निगरानी के प्रयोगशाला के चूहों की तरह व्यवहार कर रहे हैं.
वह चेतावनी देते हैं, "इसे ऑनलाइन ख़रीदने वाले लोग अगर ख़ुद ही डॉक्टर बन रहे हैं, तो वे बहुत बड़ा जोखिम उठा रहे हैं।"
वर्तमान में बाज़ार में मौजूद मोटापा घटाने वाली दवाएं - जैसे सेमाग्लूटाइड (जो ओज़ेम्पिक और वेगोवी के नाम से बिकती हैं), और टिर्ज़ेपाटाइड (जो माउनजारो के नाम से बिकती है) - केवल एक या दो हार्मोन रिसेप्टर को निशाना बनाती हैं. लेकिन अगर मंज़ूरी मिलती है तो रेटाट्रूटाइड वज़न घटाने वाली दुनिया की पहली दवा होगी जो तीन रिसेप्टर पर काम करेगी, इसी वजह से इसे 'ट्रिपल जी' का उपनाम मिला है.
लीसा किंग जुलाई से नक़ली रेटाट्रूटाइड ले रही हैं और एक समय, जब वह जिम जा रही थीं और स्वस्थ भोजन कर रही थीं, उनका वज़न हर हफ़्ते 3 किलो तक घट रहा था.
एली लिली लगभग 10 साल से रेटाट्रूटाइड विकसित कर रही है. अब कंपनी अपने उत्पाद की रक्षा करने और दुनिया भर में हो रही ग़ैरक़ानूनी बिक्री को रोकने की कोशिश कर रही है.
कंपनी के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया, "ऑनलाइन उपलब्ध कोई भी रेटाट्रूटाइड अप्रूव्ड नहीं है, सत्यापित नहीं है और जोखिम उठाने लायक बिल्कुल नहीं है।"
पिछले एक साल में छापेमारी के दौरान ब्रिटेन की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने "रेटाट्रूटाइड होने का दावा करने वाले कई उत्पादों" को ज़ब्त किया है.
फ़िलहाल, रेटाट्रूटाइड को कहीं से भी मंज़ूरी मिलने में अभी लंबा समय है.
एली लिली अगले साल की शुरुआत में अमेरिकी एफ़डीए को आवेदन देने की योजना बना रही है. समीक्षा में एक साल तक लग सकता है, इसलिए रेटाट्रूटाइड अमेरिका में 2027 के अंत से पहले कानूनी रूप से उपलब्ध नहीं होगी.
What to Watch
AI outlook — possibilities, not facts
एली लिली 2027 के अंत तक अमेरिका में कानूनी रूप से दवा लॉन्च कर सकती है।
Likely · Within years
Open Questions
- ब्लैक मार्केट में बिकने वाली दवाओं की वास्तविक सामग्री क्या है?
- नियामक एजेंसियां अवैध वितरण को रोकने में कितनी प्रभावी होंगी?


