
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया गया। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
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विपक्षी दल वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। राहुल गांधी और अन्य सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली में मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेने के बाद अब रिहा कर दिया गया है.
राहुल गांधी को बाराखंभा पुलिस स्टेशन से बाहर निकलते हुए देखा गया.
रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, "मैं इंडिया गठबंधन के हर उस सांसद का शुक्रगुज़ार हूं, जो हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए मज़बूती से खड़ा है-संसद में, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास. वे मार्च रोक सकते हैं. बैठक से इनकार कर सकते हैं. लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छा को नहीं रोक सकते. नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और पूरी व्यवस्था को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा."
विपक्ष का ये प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा.
मौक़े पर मौजूद बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने बताया कि विपक्षी सांसदों के साथ प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी बोले, "नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार चाहे जो कर लें. हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे. ये मेरी गारंटी है कि हम उन चारों को न्याय के कटघरे में लेकर आएंगे."
वहीं प्रियंका गांधी ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, "चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे सांसदों के साथ वो कैसा बरताव कर रहे हैं. वो हम सांसदों की पिटाई कर रहे हैं. पुलिस वालों ने मुझे कई जगह खरोंच पहुंचाई. उन्होंने हमें धक्का देकर ज़मीन पर गिरा दिया. अब तो हम यहां से नहीं हटने वाले. मैं यहां से नहीं हटूंगी."
विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें.
यह प्रदर्शन मंगलवार को चुनाव आयोग के दफ़्तर तक मार्च और उसके बाद आकाशवाणी भवन में हुए लंबे धरने के बाद हुआ.
राहुल गांधी चुनावी वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर लगातार 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहे हैं. चुनाव आयोग और बीजेपी इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं.
कांग्रेस समेत विपक्षी दल वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न यानी एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी से मिलकर उसे फ़ायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को दिल्ली के जनपथ स्थित एक रेस्तरां में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के लिए लंच रखा था. इसके बाद राहुल गांधी और विपक्षी सांसद जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए.
करीब 300 विपक्षी सांसदों के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी थी. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में विपक्षी सांसदों से भरी बस जंतर-मंतर के रास्ते की ओर निकली लेकिन वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया.
लंच के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को तीनों चुनाव आयुक्तों से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया.
उन्होंने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग दोहराई और कहा कि वह उन्हें 'वैध मुख्य चुनाव आयुक्त' नहीं मानते.
मंगलवार के प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया ब्लॉक के कुछ अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई है.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि उनके ख़िलाफ़ 45 एफ़आईआर दर्ज हो चुकी हैं और वह 100 एफ़आईआर चाहते हैं.
उन्होंने कहा, 'हर FIR मेरे लिए एक मेडल है.'
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह और विपक्ष पीछे हटने वाले नहीं हैं.
मंगलवार को करीब 300 विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग के दफ़्तर की ओर मार्च कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें चुनाव आयोग के पास रोक दिया.
इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में चले गए और वहीं धरने पर बैठ गए. कई घंटे चले इस धरने के बाद पुलिस ने राहुल गांधी और दूसरे नेताओं को हिरासत में लिया था.
बाद में देर रात क़रीब 10 बजे राहुल गांधी को रिहा कर दिया गया.
दिल्ली पुलिस ने बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की.
वहीं मंगलवार को ही चुनाव आयोग ने एक्स पर एक बयान जारी कर कहा कि विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्तों से मिलने के लिए कोई समय नहीं मांगा था.
चुनाव आयोग ने लिखा, "शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के ज़रिए आयोग से मिलने का समय नहीं मांगा था. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आयोग को बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मिलना और ज्ञापन सौंपना चाहता है."
आयोग के मुताबिक़, सांसदों के 240 सदस्यीय समूह के साथ संसद भवन एनेक्सी में बैठक का अनुरोध असामान्य था और प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था. आयोग ने ज्ञापन लेने के लिए अपने सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी को भेजने का प्रस्ताव दिया, लेकिन सांसदों ने इसे भी स्वीकार नहीं किया.
आयोग ने कहा कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करता है. कोई भी राजनीतिक दल आयोग से मिलने का अनुरोध कर सकता है और आयोग अपनी सुविधा के अनुसार मुलाक़ात का समय तय कर सकता है.
वहीं बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, "एसआईआर का विरोध करके कांग्रेस 2.8 करोड़ मृतकों के नाम वोटर लिस्ट में बनाए रखना चाहती है? क्या राहुल गांधी और सोनिया गांधी 'वोट चोरी' से सांसद बने? अगर एसआईआर अवैध है, तो क्या कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल की कांग्रेस सरकारें भी अवैध हैं?"
AI outlook — possibilities, not facts
विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ और अधिक विरोध प्रदर्शन
Likely · Within weeks

International media, such as The Guardian and Al Jazeera, have given extensive coverage to the protests by the opposition and the 'Cockroach Janata Party' over alleged irregularities in the SIR process in India and demands for the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar.

Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi, who were protesting against the Election Commission in Delhi, were detained by the police. Priyanka Gandhi has accused the police of misbehavior. The opposition is demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar.

Opposition's protest against the Election Commission continues in Delhi. Rahul Gandhi, who was demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, was taken into custody by the police while going to Jantar Mantar. The opposition is alleging irregularities in the voter list.

Opposition leader Rahul Gandhi, who was protesting against the Election Commission in Delhi, was detained by the police while going to Jantar Mantar. The opposition is demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar and alleging irregularities in the voter list.

Opposition MPs in Delhi are demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar over alleged irregularities in the voter list. The opposition, led by Rahul Gandhi, is protesting at Jantar Mantar, while the Election Commission has rejected the allegations.

Opposition MPs continue to protest in Delhi demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. India Bloc leaders under the leadership of Rahul Gandhi are protesting at Jantar Mantar, while BJP has termed these allegations as baseless.