
दुबई से तेल अवीव जा रही फ़्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी नागरिक को-पायलट हमाम अल-हमामी पर कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने का आरोप है. एबीसी न्यूज़, वाल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि अल-हमामी को पहले ओमान एयर से चरमपंथी सामग्री मिलने के कारण हटा दिया गया था, लेकिन बाद में फ्लाईदुबई ने उसे नियुक्त किया. घटना के बाद विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी और यूएई ने जांच का नेतृत्व किया है.
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फ़्लाईदुबई की उड़ान FZ में कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट हमाम अल-हमामी पर आरोप है कि उसने विमान को नियंत्रण में लेने की कोशिश की और इसे दुर्घटनाग्रस्त करने का इरादा रखता था. घटना के बाद विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी.
फ़्लाईदुबई विमान: हमलावर को-पालयट की पहचान, नाम, अतीत और मंशा पर विदेशी मीडिया में ऐसी चर्चा
प्रकाशित 2 मिनट पहले
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दुबई से इसराइल के तेल अवीव जा रही फ़्लाईदुबई की फ़्लाइट में भारतीय कैप्टन पर हमला कर विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने का आरोप जिस को-पायलट पर लग रहा है, उसके बारे में अब कई चीज़ें सामने आ रही हैं.
आरोप लग रहा है कि वो को-पायलट विमान को क्रैश कराने की कोशिश कर रहा था. इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि को-पायलट ओमानी नागरिक है.
हालांकि फ़्लाईदुबई ने अभी आधिकारिक रूप से को-पायलट की राष्ट्रीयता के बारे में कुछ नहीं कहा है.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया में को-पायलट को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. एबीसी न्यूज़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''को-पायलट ओमान का नागरिक है. उसे ओमान एयर ने सुरक्षा जोखिम के तौर पर चिह्नित किया था और उसे फ्लाइट उड़ाने से बैन कर दिया था.''
एबीसी न्यूज़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''अधिकारियों ने बताया कि 2024 में ओमान एयर में को-पायलट ट्रेनी के तौर पर काम करने के दौरान अल हमामी के पास चरमपंथ से जुड़ी सामग्री पाई गई थी. सूत्रों के मुताबिक़, इसके बावजूद उसे एयरलाइन में प्रशासनिक भूमिका में काम जारी रखने की अनुमति दी गई थी.
एबीसी न्यूज़ ने लिखा है, ''सूत्रों के मुताबिक़, घटना की जांच कर रहे अधिकारी अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि संदिग्ध हमलावर को बाद में फ्लाईदुबई के लिए उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली और वह इसराइल जा रहे विमान के कॉकपिट में फ़र्स्ट ऑफिसर के तौर पर कैसे पहुँचा.''
''सूत्रों के मुताबिक़, अल हमामी को गुरुवार को सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात लाया गया. जाँच से अवगत सूत्रों ने बताया कि वह घटना की जाँच कर रहे अधिकारियों के साथ "सहयोग" कर रहा है और उसने संकेत दिया है कि उसका इरादा विमान को इसराइल में दुर्घटनाग्रस्त करने का था.
फ्लाईदुबई, ओमान एयर और ओमान के दूतावास के प्रतिनिधियों ने एबीसी न्यूज़ के टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया.
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फ्लाईदुबई ने शुक्रवार को इससे पहले अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी के हवाले से एक बयान जारी किया था. इसमें कहा गया कि अधिकारियों के अनुरोध पर फ्लाईदुबई ने अगली सूचना तक तेल अवीव के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं. बयान में यह भी कहा गया कि "संबंधित अधिकारियों के नेतृत्व में और फ्लाईदुबई के पूर्ण सहयोग से आधिकारिक जांच की जा रही है.
एक बड़ी दुर्घटना टल गई, जब विमान के कैप्टन स्मित मच्छर ने हमलावर से मुक़ाबला किया और कई यात्रियों ने उसे काबू में कर लिया. हमलावर ने इस दौरान विमान को तेज़ी से नीचे की ओर ले जाना शुरू कर दिया था.
वाल स्ट्रीट जर्नल ने भी अपनी रिपोर्ट में ये बात कही है. डब्ल्यूएसजे ने लिखा है, ''कहा जा रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद पायलट को फ्लाईदुबई ने नौकरी पर रखा. उसे यूएई और इसराइल के बीच इस संवेदनशील मार्ग पर उड़ान भरने की अनुमति दी गई. जांच से अवगत अन्य लोगों ने बताया कि कथित हमलावर ओमान का नागरिक है और उसका नाम हमाम अल-हमामी है. यह पता नहीं चल सका है कि ओमान ने पायलट के कट्टरपंथ की ओर बढ़ने को लेकर अपनी चिंताएं दूसरे देशों या एयरलाइनों के साथ साझा की थीं या नहीं. उसके कथित कट्टरपंथ की प्रकृति के बारे में भी जानकारी नहीं मिल सकी है.''
वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस घटना की जांच यूएई के नेतृत्व में हो रही है. यूएई के एक प्रवक्ता ने ओमान में हमलावर के पिछले रिकॉर्ड पर टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि ऐसा करना जांच के नतीजे को लेकर पहले से निष्कर्ष निकालने या उसकी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से बचने के लिए है.
शुक्रवार को यूएई के राष्ट्रपति के वरिष्ठ राजनयिक सलाहकार अनवर मोहम्मद गर्गाश ने पहली बार फ्लाईदुबई विमान को कथित तौर पर हाईजैक करने की कोशिश को आतंकवादी कृत्य बताया.
गर्गाश ने एक्स पर लिखा, "पायलट स्मित मच्छर प्रशंसा के हक़दार हैं. गंभीर आतंकी ख़तरे और संभावित आपदा के सामने उन्होंने साहस और ज़िम्मेदारी का सच्चा परिचय दिया." गर्गाश ने कहा कि "घटनाओं की सरल व्याख्याओं या साज़िश के सिद्धांतों के प्रसार से परे, चरमपंथ और आतंकवाद के ख़तरों से निपटने में सतर्कता और सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है."
वहीं इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, "हमलावर का इस्लामी कट्टरपंथ की ओर झुकाव हुआ था. वह विमान में सवार यात्रियों को लेकर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने के इरादे से आया था."
विमानन सुरक्षा मामलों के विश्लेषकों ने कहा है कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक को दर्शाती है. उनका कहना था कि जांच में हुई किसी ग़लती के कारण हथियार विमान तक पहुँच सकता है, लेकिन किसी हमले के इरादे से आए व्यक्ति की पहचान हवाई अड्डे तक पहुँचने से काफ़ी पहले हो जानी चाहिए थी और उसे रोका जाना चाहिए था.
नेतन्याहू ने कहा कि उड़ान के दौरान क्या हुआ, इसकी तस्वीर अब अधिक स्पष्ट हो रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमलावर ओमान का नागरिक था, लेकिन उसकी पहचान से जुड़ी अन्य जानकारियां अभी स्पष्ट नहीं हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इसराइल यह जांच कर रहा है कि पायलट ने यह सब अकेले किया था या वह किसी और के साथ मिलकर काम कर रहा था.
शुक्रवार को कैप्टन स्मित मच्छर ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि जब दूसरा पायलट उन पर लगातार हमला कर रहा था, तब उन्होंने फर्श पर लेटे हुए कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया था.
स्मित मच्छर ने बताया, "उस समय मैं अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था. मैं इतनी बुरी तरह घायल हो गया था कि गिर पड़ा था और मुझे याद है कि मैं सोच रहा था कि अगर मैं उठ नहीं पाया तो क्या होगा. मुझे उस समय पता था कि मुझे बस धक्का देना है, दरवाज़ा ठीक वहीं था. फिर मैंने उसे खोल दिया और सभी लोग अंदर आ गए."
विमान के कप्तान और सह-पायलट गुरुवार को सऊदी अरब से यूएई लाए गए थे. विमान ने सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग की थी. इसराइल को उम्मीद है कि वह हमलावर से पूछताछ कर सकेगा.
सीएनएन की रिपोर्ट में कई नई जानकारी
अमेरिकी प्रसारक सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन पर हमला करने वाले संदिग्ध पायलट को ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन की नौकरी से हटा दिया गया था. मामले से परिचित दो सूत्रों ने को बताया कि ऐसा उसके चरमपंथी विचारों को लेकर सामने आई चिंताओं के बाद किया गया था.''
सीएनएन ने लिखा है, ''एक सूत्र के मुताबिक, पायलट ओमान का नागरिक है और उसका नाम हमाम अल-हमामी है. सूत्र ने बताया कि उसका जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था. उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं. उसने अपने जीवन के कई साल यूएई में बिताए हैं. एक इसराइली अधिकारी ने भी अल-हमामी की पहचान की पुष्टि की है. सऊदी अरब की सरकारी मीडिया ने भी उसकी पहचान की पुष्टि की है.''
सीएनएन ने लिखा है, ''हमाम अल-हमामी के नाम से मौजूद एक लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के मुताबिक, उसने ओमान एयर में सात साल तक काम किया और फ़रवरी 2025 में वहाँ से नौकरी छोड़ी. इसके बाद उसने जून 2025 में रॉयल एयर मैरोक में काम शुरू किया और जनवरी 2026 में वहाँ से चला गया. प्रोफाइल में फ्लाईदुबई का कोई उल्लेख नहीं था. एक सूत्र ने पुष्टि की कि यह प्रोफाइल बुधवार की घटना में शामिल फ्लाईदुबई के पायलट का ही है. इसके बाद यह प्रोफाइल हटा दिया गया है और सीएनएन ने टिप्पणी के लिए लिंक्डइन से संपर्क किया है.''
सीएनएन ने लिखा है, ''इस बीच, मामले से परिचित एक क्षेत्रीय राजनयिक सूत्र ने सीएनएन को बताया कि संदिग्ध को उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर उठी चिंताओं के कारण उड़ान प्रशिक्षण से हटा दिया गया था और ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन में उसे दूसरी भूमिका दी गई थी.''
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक़, ''लिंक्डइन प्रोफाइल पर केवल दो पोस्ट की गई थीं और दोनों बुधवार को घटना के करीब नौ घंटे बाद थोड़े अंतराल में प्रकाशित हुईं. यह स्पष्ट नहीं है कि ये पोस्ट किसने प्रकाशित कीं या क्या इन्हें पहले से शेड्यूल किया गया था. पहली पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स विमान के कॉकपिट में बनाए गए कई वीडियो क्लिप शामिल थे. बुधवार की घटना में सऊदी अरब की ओर मोड़े गए विमान में फ्लाईदुबई का 737 मैक्स 8 विमान था.
एक क्लिप में, जिसे सीएनएन ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पाया है, वीडियो बनाने वाला व्यक्ति एक ऐसे विमान पर ज़ूम करता है जो इज़राइली एयरलाइन एल अल का है.
सीएनएन ने लिखा है, ''वीडियो में कॉकपिट स्क्रीन पर उड़ान संख्या OMA624 और तारीख़ 11 अक्तूबर 2023 दिखाई दे रही थी. यह उड़ान संख्या आम तौर पर दुबई से मस्कट जाने वाली उड़ान की है. यह तारीख़ उस अवधि से मेल खाती है, जब वह ओमान एयर में काम कर रहा था. वीडियो की अन्य क्लिप में एल अल के कुछ और विमानों के साथ-साथ एक अन्य इसराइली एयरलाइन अर्किया का विमान भी दिखाई देता है.''
ओमानी नागरिक को अनुमति कैसे मिली?
इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि ओमान के एक नागरिक को, जो इसराइल को मान्यता नहीं देता, उसे तेल अवीव जा रही उड़ान में पायलट के तौर पर काम करने की अनुमति कैसे मिली.
यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम मुताबिक, घटना की जांच का अधिकार यूएई के पास है, क्योंकि विमान यूएई में रजिस्टर्ड है. यूएई के क़ानून के तहत उसके विमानों में होने वाले अपराधों पर, भले ही वे देश के बाहर हुए हों, यूएई का क़ानून लागू होता है.
नेतन्याहू ने बुधवार देर रात सीएनएन के जिम स्कियूटो से कहा कि हमलावर से सऊदी अरब में पूछताछ की गई थी, जहाँ विमान को आपात स्थिति में मोड़ा गया था. उन्होंने कहा कि इसराइल भी जांच में शामिल था. उन्होंने कहा, "मैंने यूएई के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायद से बात की और उन्होंने सहमति जताई कि इसराइल पूछताछ में शामिल होगा."
जब नेतन्याहू से पूछा गया कि संदिग्ध ओमानी पायलट विमान में कैसे सवार हुआ, तो उन्होंने कहा कि जिन देशों के इसराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहां के पायलटों को आमतौर पर इसराइल में उड़ान भरने की अनुमति नहीं होती.
उन्होंने कहा, "ज़ाहिर है, यहाँ एक नियम में कमी रह गई थी और हम दूसरी चीज़ों के साथ इसे भी ठीक कर रहे हैं. इसमें अमीराती सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है. हम दोनों यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ऐसा दोबारा न हो."
AI outlook — possibilities, not facts
यूएई और ओमान के बीच सुरक्षा और पायलट भर्ती में सूचना साझाकरण को मजबूत करने के लिए एक समझौता होगा.
Likely · Within weeks
इसराइल अपने विमानों में सवार पायलटों की पृष्ठभूमि जांच की प्रक्रिया को और कड़ा करेगा, विशेषकर उन देशों से जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध नहीं हैं.
Very likely · Within days
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