Breaking
DEAn eyewitness reports: AfD employees are fighting in the BundestagINTL‘My time, my era’: Dubois sends out warning to rivals with Wardley demolitionBR4-year-old girl held hostage by her own father in her room is rescued by BOPE in SC; man was arrestedBRUnicamp 2027: candidates have 5 hours to take the 1st phase of the entrance examBRMan dies after head-on collision between car and bus on TO-010TRHe killed his former neighbor with a gun after an argument in SakaryaITRome, elderly man shoots his wife with a gun then takes his own lifeUSUse BetMGM bonus code CBSSPORTS to get $1,500 bonus bets for Steelers-Buccaneers, Chiefs-Chargers, NFL Week 6US'Sunday Night Football' prediction, odds, time: Packers vs. Cowboys picks by expert who's on a 49-20 rollBRCompetitions and selections in PE have more than 3,800 vacancies and salaries of up to R$13,000; find out how to sign upDEAn eyewitness reports: AfD employees are fighting in the BundestagINTL‘My time, my era’: Dubois sends out warning to rivals with Wardley demolitionBR4-year-old girl held hostage by her own father in her room is rescued by BOPE in SC; man was arrestedBRUnicamp 2027: candidates have 5 hours to take the 1st phase of the entrance examBRMan dies after head-on collision between car and bus on TO-010TRHe killed his former neighbor with a gun after an argument in SakaryaITRome, elderly man shoots his wife with a gun then takes his own lifeUSUse BetMGM bonus code CBSSPORTS to get $1,500 bonus bets for Steelers-Buccaneers, Chiefs-Chargers, NFL Week 6US'Sunday Night Football' prediction, odds, time: Packers vs. Cowboys picks by expert who's on a 49-20 rollBRCompetitions and selections in PE have more than 3,800 vacancies and salaries of up to R$13,000; find out how to sign up
Backकोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़: पुलिस और आयोजकों पर क्यों उठ रहे सवाल?
कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़: पुलिस और आयोजकों पर क्यों उठ रहे सवाल?
Developing
BBC हिंदी2 hours agoCrime6 min readIndiaView translation

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़: पुलिस और आयोजकों पर क्यों उठ रहे सवाल?

दुर्गा पूजा के दौरान उत्तर कोलकाता के चोरबागान पंडाल में मची भगदड़ के बाद पुलिस प्रशासन और पूजा समिति की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

Quick Look

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। चश्मदीदों के अनुसार, बारिश के दौरान पंडाल गिरने की घोषणा से मची अफरा-तफरी और संकरे रास्तों के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

AI-generated summary

Why It Matters

कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस की सराहना की जाती रही है, लेकिन इस वर्ष चोरबागान में हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Font size

दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ को संभालने के लिए कोलकाता पुलिस की कई लोगों ने तारीफ़ की है.

हालांकि, इस साल दुर्गा पूजा की सप्तमी की रात उत्तर कोलकाता के सबसे बड़े सार्वजनिक पूजा पंडालों में से एक, चोरबागान में भगदड़ से 19 लोगों की मौत होने के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में दिख रहा है कि शनिवार की शाम बारिश होने के बाद पंडाल में घोषणा की गई कि बारिश की वजह से पंडाल गिर सकता है. इसके तुरंत बाद वहां अफ़रा-तफ़री मच गई.

कई चश्मदीदों और स्थानीय लोगों ने इस घटना के बारे में स्थानीय मीडिया को जानकारी दी.

सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और चश्मदीदों के बयानों में यह शिकायत भी की गई है कि भीड़ को संभालने में दिक्कतें थीं और पंडाल में आने-जाने के रास्ते संकरे थे. दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में भारी भीड़ होना कोई नई बात नहीं है.

30 सितंबर, 2025 को प्रकाशित एएनटी कॉर्पोरेशन नाम की एक संस्था के सर्वे के मुताबिक़, मध्य कोलकाता में सियालदह के पास संतोष मित्रा पार्क में हर घंटे 48,000 लोग पूजा देखने पहुंचे.

त्रिधारा अकालबोधन और बेहाला नूतन दल जैसी लोकप्रिय पूजा समितियों के पंडालों में हर घंटे 25,000 से ज़्यादा लोग पहुंचे.

हालांकि, कोलकाता के निवासियों का कहना है कि उनकी याद में दुर्गा पूजा के दौरान इतना बड़ा हादसा पहले कभी नहीं हुआ.

राजनीतिक विश्लेषक पॉलमी नाग ने फ़ेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, "वामपंथियों के 34 साल के शासन और तृणमूल के 15 साल के शासन में दुर्गा पूजा के दौरान कुचलकर एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई. वामपंथी कुछ भी कर लें, तृणमूल कुछ भी कर ले, वे इस राज्य के सबसे बड़े त्योहार के दौरान ऐसा नहीं कर पाए."

इस साल कोलकाता पुलिस ने घोषणा की थी कि दुर्गा पूजा के दौरान पूरे शहर में 12,000 पुलिसकर्मी तैनात होंगे. हालांकि, चोरबागान में मौजूद कई लोगों ने शिकायत की कि हादसे के समय घटनास्थल पर कोई पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दिया.

कोलकाता पुलिस ने पूजा के आयोजन से जुड़े सात लोगों को गिरफ़्तार किया है. उन पर ग़ैर-इरादतन हत्या के आरोप लगाए गए हैं.

इनमें से ज़्यादातर लोग सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे.

पंचमी के दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें भीड़ को बैरिकेड तोड़कर चोरबागान सार्वजनिक पूजा पंडाल में घुसते और पुलिसकर्मियों को धक्का देते हुए देखा जा सकता है. कई लोगों को हादसा होने का डर सताने लगा था.

पंडाल देखने आए अनॉय गुप्ता ने बीबीसी बांग्ला को बताया, "सड़क से पंडाल तक पैदल जाने में 10 मिनट लगते हैं, लेकिन लोगों को लाइन में एक घंटे तक इंतज़ार कराया गया. लाइन आगे नहीं बढ़ रही थी. लेकिन हर पल लाइन में और लोग जुड़ते जा रहे थे. लाइन में लोगों के आगे बढ़ने का कोई 'फ़्लो' नहीं था."

उन्होंने कहा, "डेढ़ घंटे इंतज़ार करने के बाद जब लाइन आगे बढ़ी, तो लोगों को देखने और मूर्ति के दर्शन के लिए ऊपर जाने के लिए काफ़ी घूमकर जाना पड़ता था. वहां भी लोगों की लंबी कतारें थीं. अगर वहां किसी की तबीयत ख़राब हो जाती, तो उसे बाहर निकालने का कोई रास्ता नहीं था."

गुप्ता ने कहा, "मेरे पीछे लाइन में खड़ा एक आदमी पानी मांगते हुए बेहोश हो गया, लेकिन उसके पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था."

चंदननगर के निवासी सप्तर्षि मजूमदार 17 अक्तूबर को हुए हादसे से पहले पंडाल देखने गए थे. उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि इस साल पिछले कुछ सालों के मुक़ाबले भीड़ ज़्यादा थी और आयोजकों को इसे संभालने में मुश्किल हो रही थी.

'फ़ोरम फ़ॉर दुर्गोत्सव' नाम की एक संस्था हर साल दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता में रक्तदान शिविर आयोजित करती है. मजूमदार ने बताया कि इस साल चोरबागान सार्वजनिक पूजा समिति वीआईपी पास स्वीकार नहीं कर रही थी. इसके चलते भीड़ काफ़ी बढ़ गई.

चोरबागान इलाके की स्थानीय निवासी रुमा रुद्र ने कहा, "जैसे ही बारिश शुरू हुई, बाहर के लोग अंदर आने के लिए दबाव बनाने लगे. वहीं, अंदर मौजूद लोग बारिश की वजह से बाहर नहीं निकलना चाहते थे. अंदर भीड़ इतनी बढ़ गई कि चार लोग एक लड़की के ऊपर गिर गए."

कोलकाता पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सॉल्ट लेक इलाके के एक निवासी ने बताया कि हेल्पलाइन पर उन्हें सड़कों की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी.

कोलकाता पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी सनाउल्लाह ख़ान ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के अनुभवी अधिकारियों को हटाकर नए कैडर के अधिकारियों को तैनात किया गया है, जिन्हें पूजा के दौरान भीड़ संभालने का अनुभव नहीं है.

पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने कहा, "बारिश की वजह से प्रेशर कुकर जैसी स्थिति बन गई थी."

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक़, एक निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा और कुछ लोगों के सीटी बजाने के बाद घटना शुरू हुई.

चोरबागान इलाके के निवासियों का दावा है कि दुर्गा पूजा से पहले पुरानी समिति को हटाकर एक नई समिति बनाई गई थी, जिसमें बीजेपी के क़रीबी लोग शामिल थे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ख़ुद इस पंडाल का उद्घाटन किया था.

शहरी विकास और नगर नियोजन विभाग के राज्य मंत्री उमेश रॉय ने कहा कि कोलकाता पुलिस इस घटना की जांच कर रही है और इसमें शामिल लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा.

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • घटना की न्यायिक जांच शुरू होगी।

    Very likely · Within weeks

Open Questions

  • क्या नई पूजा समिति के पास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे?
  • पुलिस हेल्पलाइन पर सही जानकारी क्यों उपलब्ध नहीं थी?

Related Topics

This article was originally published by BBC हिंदी.

Related Stories

More on this topicकोलकाता