Breaking
RUThe head coach of the Turkish national football team has changedUKNavi Pillay, former UN human rights chief, wins Nobel Peace PrizeTRTerrible accident… Tourist bus flew into the ditch: 2 dead, 9 injuredBRMoving car is hit by tree during windstorm on SC-355; VIDEO shows destroyed vehicleGLOBALSuper Bowl-winning player and coach Ditka dies aged 86BRPRF restricts freight vehicle traffic in MT during holidays; see timetablesBROctober 12th holiday: see what opens and what closes in cities in the interior of SPTRWhen is the Çaykur Rizespor Fenerbahçe match?BRFire hits forest area in Careiro da Várzea and municipality records 'very bad' air quality; VIDEOSBRVIDEOS: NE1 of Friday, October 9, 2026RUThe head coach of the Turkish national football team has changedUKNavi Pillay, former UN human rights chief, wins Nobel Peace PrizeTRTerrible accident… Tourist bus flew into the ditch: 2 dead, 9 injuredBRMoving car is hit by tree during windstorm on SC-355; VIDEO shows destroyed vehicleGLOBALSuper Bowl-winning player and coach Ditka dies aged 86BRPRF restricts freight vehicle traffic in MT during holidays; see timetablesBROctober 12th holiday: see what opens and what closes in cities in the interior of SPTRWhen is the Çaykur Rizespor Fenerbahçe match?BRFire hits forest area in Careiro da Várzea and municipality records 'very bad' air quality; VIDEOSBRVIDEOS: NE1 of Friday, October 9, 2026
NewsgatherNewsgather
All StoriesWorldSportsFinanceTechScience
Sign In
All StoriesWorldSportsFinanceTechScienceHealthCultureClimatePoliticsSpace
NewsgatherNewsgather

Real-time global news intelligence. Curated by humans, powered by data.

Sections

All StoriesWorldSportsFinanceTechScience

More

HealthCultureClimatePoliticsSpace

Company

AboutEditorial StandardsAdvertisingCareersPressContact

©️ 2026 Newsgather. A product by All Software 24. All rights reserved.

Privacy PolicyCookie PolicyImprintTerms of UseContent and Editorial PolicyRemoval RequestDelete Your AccountAdvertising PolicyContact
Back|अमेरिकी मंत्री ने कहा- वी आर कटिंग ऑफ़ द हेड ऑफ़ द स्नेक, भारत ने जेडी वेंस की टिप्पणी को बताया अपमानजनक
अमेरिकी मंत्री ने कहा- वी आर कटिंग ऑफ़ द हेड ऑफ़ द स्नेक, भारत ने जेडी वेंस की टिप्पणी को बताया अपमानजनक
Developing
BBC हिंदी·9 hours ago·World·4 min read·🇮🇳India·

अमेरिकी मंत्री ने कहा- वी आर कटिंग ऑफ़ द हेड ऑफ़ द स्नेक, भारत ने जेडी वेंस की टिप्पणी को बताया अपमानजनक

Quick Look

अमेरिकी सरकार ने धोखाधड़ी के आरोपों के तहत कई भारतीय आईटी कंपनियों और माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित किया। भारत ने अमेरिकी अधिकारियों की टिप्पणियों को अपमानजनक बताया है।

AI-generated summary

Why It Matters

ट्रंप प्रशासन ने धोखाधड़ी का हवाला देते हुए कई भारतीय आईटी कंपनियों और माइक्रोसॉफ्ट को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित किया है।

Font size

अमेरिकी सरकार ने स्किल्ड विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास हासिल करने की अनुमति देने वाले एक अहम प्रोग्राम से कई बड़ी भारतीय आईटी कंपनियों को निलंबित कर दिया है।

ट्रंप प्रशासन ने कथित धोखाधड़ी का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी कर्मचारियों की क़ीमत पर नौकरियां दी गईं।

अमेरिकी श्रम मंत्री की इस टिप्पणी पर शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये क़दम दोनों देशों की साझा महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करते हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणियों पर भी पलटवार किया।

विदेश मंत्रालय ने उनकी टिप्पणियों को अनुचित और बेहद अपमानजनक बताया।

वेंस ने निलंबन की घोषणा करते हुए माइक्रोसॉफ्ट को निशाने पर लिया था और कहा था कि कंपनियों को विदेशी बंधुआ मज़दूरों को रखने के बजाय बेहतरीन अमेरिकी कर्मचारियों को नियुक्त करना चाहिए।

इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, "अमेरिका का अपना इतिहास कई पीढ़ियों के प्रवासियों ने मिलकर बनाया है। उनके श्रम, उद्यमशीलता और इनोवेशन ने देश की ख़ुशहाली और तरक़्क़ी में योगदान दिया है। ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना, जिनमें इतिहास की पीड़ादायक और औपनिवेशिक विरासत की झलक मिलती है, बेहद अपमानजनक है।"

अमेरिका के श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने कहा, "मैं दुनिया की कुछ सबसे बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों- कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर रहा हूँ।"

सॉन्डरलिंग ने कहा, ''ये वे कंपनियां हैं, जिन्होंने दशकों से इस दुरुपयोग को संभव बनाया है। मैं इन कंपनियों को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (पीईआरएम) से सस्पेंड कर रहा हूँ। इसके अलावा, कई सक्रिय फेडरल जांचों के कारण लेबर मंत्रालय माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी को भी इस कार्यक्रम से निलंबित कर रहा है।"

कीथ ने इस घोषणा के दौरान कहा, ''ट्रंप प्रशासन जानता है कि अमेरिकी कर्मचारी दुनिया में सबसे योग्य और प्रतिभाशाली हैं। उनसे छीनी गई ये नौकरियां पहले अमेरिकियों को मिलनी चाहिए थीं और अब भी सबसे पहले अमेरिकियों को ही मिलेंगी, विदेशियों को नहीं और ख़ासकर उन विदेशी लोगों को नहीं जो धोखाधड़ी करते हैं। आज राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति और टास्क फोर्स की बदौलत हम सांप के सिर को अलग कर रहे हैं।"

कीथ ने अंग्रेज़ी में कहा है- वी आर कटिंग ऑफ द हेड ऑफ द स्नेक। इस जुमले का अर्थ है कि 'हम समस्या की जड़ पर प्रहार कर रहे हैं' लेकिन भारत में कई लोग इसे शब्दशः ले रहे हैं और अपमानजनक भाषा के रूप में देख रहे हैं।"

हिन्दुस्तान टाइम्स के अंतरराष्ट्रीय संपादक रेज़ाउल हसन लस्कर ने कीथ की इस टिप्पणी को लेकर एक्स पर लिखा है, ''मुझे याद नहीं कि पिछली बार भारत से जुड़ी किसी चीज़ को 'द हेड ऑफ द स्नेक' कब कहा गया था।

इंडियन-अमेरिकन उद्यमी विवेक वाधवा ने ट्रंप प्रशासन की इस घोषणा पर लिखा है, ''अमेरिका को इतिहास में सबसे ज़्यादा मुफ़्त में मुनाफ़ा मिला है। हाइली स्किल्ड प्रवासी अपनी प्रतिभा के दम पर अमेरिका आए थे। लेकिन अब अमेरिका बेहतरीन और सबसे प्रतिभाशाली लोगों को बाहर का रास्ता दिखाकर अपनी जीत को हार में बदल रहा है। ये कंपनियां वीज़ा का दुरुपयोग करने वाली नहीं हैं। असल में व्यवस्था का फ़ायदा उठाने वाली वे कंपनियां हैं, जो कर्मचारियों को ठेके पर उपलब्ध कराने के नाम पर इस व्यवस्था का ग़लत इस्तेमाल करती हैं। ऐसी कंपनियों को बंद किया जाना चाहिए।"

कीथ के 'द हेड ऑफ द स्नेक' वाली टिप्पणी पर यूएन में पीसकीपर रहे मेजर जनरल यश मोर ने लिखा है, ''यह बहुत ही निचले दर्जे का हमला है। उम्मीद है कि हम इसका ठोस जवाब देंगे, क्योंकि इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है। यह भारतीय आईटी सेक्टर और हमारी अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है।"

ट्रंप प्रशासन के इस क़दम को यूएस में इन कंपनियों के साथ काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

अमेरिका में इसे प्रोग्राम इलेक्ट्रॉनिक रिव्यू मैनेजमेंट (पीईआरएम) भी कहा जाता है। यह एक अहम व्यवस्था है, जिसके तहत अमेरिकी नियोक्ता विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाते हैं। कई भारतीय आईटी कंपनियां भी इस व्यवस्था का इस्तेमाल करती हैं।

पिछले महीने अमेरिका ने कॉग्निजेंट को इस प्रक्रिया से निलंबित करने की घोषणा की थी। हालांकि, उस समय कंपनी के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों, प्रभावित आवेदनों की संख्या या निलंबन की अवधि के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कीथ सॉन्डरलिंग ने गुरुवार को इसकी घोषणा की।

वेंस ने कहा, "दुर्भाग्य से, अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट से ज़्यादा किसी भी कंपनी ने इस व्यवस्था का दुरुपयोग नहीं किया है।"

एक बयान में माइक्रोसॉफ्ट ने वीज़ा कार्यक्रमों के इस्तेमाल का बचाव किया और कहा कि वह प्रशासन को अतिरिक्त जानकारी देने के लिए तैयार है।

माइक्रोसॉफ्ट की आलोचना करने वाली वेंस की टिप्पणियां ऐसे समय आईं, जब इसके कुछ ही घंटे बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान कंपनी के सीईओ सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन से सम्मानित किया।

पिछले सप्ताह ही नडेला ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक लंच में अन्य टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ हिस्सा लिया था। इस बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के लिए सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई थी।

द मिंट ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि अमेरिकी प्रशासन की ओर से एच-1बी वीज़ा पर काम करने वाले प्रवासियों के लिए स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया रोकने की कोशिश का भारतीय आईटी सेवा कंपनियों पर शायद ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा।

इसकी वजह यह है कि इस रास्ते से स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया पहले ही लगभग ठप हो चुकी थी।

पीईआरएम आवेदन दाखिल करते समय नियोक्ता को नौकरी की रिक्ति का विज्ञापन देना होता है, आवेदकों पर विचार करना होता है, यह दस्तावेजी प्रमाण देना होता है कि योग्य अमेरिकी कर्मचारियों का चयन क्यों नहीं किया गया।

साथ ही यह साबित करना होता है कि किसी विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन या कामकाजी हालात पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।

अमेरिकी श्रम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अक्तूबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच दाखिल किए गए कुल 1,17,849 पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन आवेदनों में भारतीय आईटी कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी 1,400 से कम यानी दो फ़ीसदी से भी कम रही।

यह उपलब्ध आंकड़ों की सबसे हालिया अवधि है।

भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस लिमिटेड के पास 2022 के बाद से कोई पीईआरएम मामला नहीं है।

अमेरिकी सरकार के वित्त वर्ष 2025 के पीईआरएम डिस्क्लोजर डेटा के मुताबिक, इस अवधि में विप्रो, टीसीएस और एचसीएलटेक को क्रमशः 523, 513 और 393 स्थायी निवास संबंधी मंज़ूरियां मिलीं।

यह संख्या उन मंज़ूरियों का एक छोटा हिस्सा है, जो ग़ैर-आईटी कंपनियों को मिली थीं। वित्त वर्ष 2025 में माइक्रोसॉफ्ट देश में पीईआरएम आवेदन दाखिल करने वाली सबसे बड़ी कंपनी थी। उसके 3,161 मामलों पर फ़ैसला हुआ, जो छह आउटसोर्सिंग कंपनियों के संयुक्त आंकड़े से दोगुने से भी अधिक है।

एचएफएस रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिल फर्स्ट ने द मिंट से कहा, "मुझे तत्काल किसी संकट की आशंका नहीं है। पीईआरएम, एच-1बी या अन्य वर्क वीज़ा जैसा नहीं है। इसलिए, ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया निलंबित होने से मौजूदा कर्मचारियों की काम करने की क्षमता अचानक ख़त्म नहीं हो जाती।"

फर्स्ट ने आगे कहा, "अगर यह निलंबन मध्यम अवधि तक जारी रहता है, तो जोखिम काफ़ी बढ़ जाएगा। ये कंपनियां अमेरिका में अनुभवी क्षेत्रीय विशेषज्ञों, तकनीकी पेशेवरों और ग्राहकों के साथ सीधे काम करने वाले कर्मचारियों पर निर्भर हैं। स्थायी निवास को लेकर अनिश्चितता के कारण ऐसे कर्मचारी नौकरी छोड़ सकते हैं, जिन्हें कंपनियां सबसे ज़्यादा अपने साथ बनाए रखना चाहती हैं।"

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • कंपनियां अमेरिकी प्रशासन के समक्ष स्पष्टीकरण देंगी

    Likely · Within weeks

Open Questions

  • ?न निलंबन की सटीक अवधि क्या होगी?
  • ?क्या अन्य टेक कंपनियां भी प्रभावित होंगी?

Related Topics

People
Organizations
Places
Topics
This article was originally published by BBC हिंदी.

Quick Look

अमेरिकी सरकार ने धोखाधड़ी के आरोपों के तहत कई भारतीय आईटी कंपनियों और माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित किया। भारत ने अमेरिकी अधिकारियों की टिप्पणियों को अपमानजनक बताया है।

AI-generated summary

Story signals

News tone
Negative
Emotional intensity
High
News value
Moderate
Global impact
National
Urgency
Developing
Follow-up likelihood
Likely
Relevance window
Weeks

Source & Reliability

Source
BBC हिंदी
Story type
Hard news
Source quality
Full
Published
9 hours ago
View translation
अमेरिका
भारत
आईटी कंपनियां
अमेरिका
जेडी वेंस
कीथ सॉन्डरलिंग
डोनाल्ड ट्रंप
सत्या नडेला
माइक्रोसॉफ्ट
कॉग्निजेंट
इन्फोसिस
टाटा
भारत
वॉशिंगटन
भारत
आईटी कंपनियां
वीज़ा
ट्रंप प्रशासन
जेडी वेंस
कीथ सॉन्डरलिंग

Related Stories

More on this topicअमेरिका
‘Hater of America and Israel’: Trump reshares post criticising Nobel Peace Prize winner Navi Pillay
Developing·14 minutes ago

‘Hater of America and Israel’: Trump reshares post criticising Nobel Peace Prize winner Navi Pillay

US President Donald Trump attacked 2026 Nobel Peace Prize recipient Navi Pillay, labeling her a hater of America and Israel after she joked about his Nobel ambitions. The criticism followed a post by David Schoen regarding Pillay's UN work on Gaza.

Times of India
1 min read
Indian filmmaker Arfat Sheikh released from ICE detention after two weeks, DHS says he overstayed his visa
Developing·59 minutes ago

Indian filmmaker Arfat Sheikh released from ICE detention after two weeks, DHS says he overstayed his visa

Award-winning Kashmiri filmmaker Arfat Sheikh was released on bond after two weeks in ICE detention. Arrested at Washington Dulles Airport, Sheikh faces ongoing proceedings regarding his student visa status despite a pending asylum application.

TOI World
1 min read
Hours after Navi Pillay wins Nobel Peace prize, Trump hits ICC with major sanctions
BREAKING·2 hours ago

Hours after Navi Pillay wins Nobel Peace prize, Trump hits ICC with major sanctions

The Trump administration has imposed sanctions on the International Criminal Court to prevent the prosecution of American citizens. The move follows the Nobel Peace Prize win of former ICC judge Navi Pillay and targets the institution's financial operations.

Times of India
2 min read
Why are Yemen's Houthi rebels targeting Saudi Arabia's airports?
Developing·4 hours ago

Why are Yemen's Houthi rebels targeting Saudi Arabia's airports?

Yemen's Houthi rebels launched missile and drone attacks on Saudi Arabia's Riyadh and Abha international airports, killing three and injuring several.

BBC हिंदी
7 min read
Action against Indian companies: American minister said- We are cutting the head of the snake
BREAKING·12 hours ago

Action against Indian companies: American minister said- We are cutting the head of the snake

US Labor Secretary Keith Sonderling announced the suspension of Indian IT companies from the permanent residence program, accusing them of fraud and saying they are taking away jobs from American workers. He said 'We're cutting off the head of the snake', which is meant to strike at the root of the problem, but is considered insulting. Microsoft and Adobe have also been suspended.

BBC हिंदी
2 min read
Flydubai cockpit attack: Israel to honour Capt Smit with top civilian bravery award
Developing·18 hours ago

Flydubai cockpit attack: Israel to honour Capt Smit with top civilian bravery award

Israel will award Indian pilot Captain Smit Machchhar the Presidential Award for Civil Heroism for preventing a major aviation disaster on a flydubai flight to Tel Aviv. Six Israeli passengers were also honored for thwarting an alleged hijacking attempt by the Omani co-pilot who attacked Machchhar with a crash axe. The aircraft made an emergency landing in Saudi Arabia after a rapid descent. Machchhar is recovering in Abu Dhabi.

Times of India
2 min read
More on this topicअमेरिका