
वेनेज़ुएला में भूकंप और अन्य तनावपूर्ण स्थितियों के बीच चिंता कम करने के लिए 'बॉक्स ब्रीदिंग' तकनीक कैसे कारगर साबित हो रही है.
वेनेज़ुएला में आए भूकंप और अन्य तनावपूर्ण स्थितियों के बीच चिंता से निपटने के लिए 'बॉक्स ब्रीदिंग' तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो से लेकर आम लोगों तक, तनाव और नर्वस सिस्टम को संतुलित करने में यह कारगर साबित हो रही है।
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दो महीने पहले वेनेज़ुएला के ला ग्वाइरा में भूकंप से भारी तबाही हुई थी, जिससे प्रभावित लोगों और दूर रहने वाले प्रवासियों में चिंता बढ़ गई थी।
दो महीने पहले वेनेज़ुएला में मारिया मेडिना के होम टाउन ला ग्वाइरा में भूकंप से भारी तबाही हुई.
वह अपने परिवार और दोस्तों की मदद नहीं कर पा रही थीं, इसलिए उन्हें काफी चिंता हो रही थी और नींद भी नहीं आ रही थी.
वह पिछले 15 साल से अमेरिका के फ़्लोरिडा में रह रही हैं. उनका होम टाउन वहां से 1,500 मील दूर था.
नींद न आने की समस्या से निपटने में बॉक्स ब्रीदिंग ने उनकी मदद की. यह सांस लेने की एक तकनीक है, जिसमें सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को एक रिदम में किया जाता है.
वह कहती हैं, "जब मुझे लगता है कि मैं ज़्यादा कुछ नहीं कर सकती, जैसे रात में बिस्तर पर लेटकर छत को देखते रहना... तब मुझे पता होता है कि इससे मुझे मदद मिलेगी."
बॉक्स ब्रीदिंग क्या है
31 साल की मारिया ने पहली बार साल 2020 में बॉक्स ब्रीदिंग के बारे में जाना था. वह पढ़ाई कर रही थीं और साथ ही फुल टाइम काम भी कर रही थीं.
कोविड महामारी शुरू होने के बाद दोनों कामों का तनाव उनके लिए बहुत ज़्यादा हो गया था. उन्होंने एक थेरेपिस्ट से मदद ली, जिसने उन्हें बॉक्स ब्रीदिंग का तरीका बताया.
ब्रीदवर्क कोच स्टुअर्ट सैंडेमैन के मुताबिक़, इस तकनीक में चार सेकंड तक सांस अंदर लेना, चार सेकंड तक सांस रोकना, चार सेकंड तक सांस बाहर छोड़ना और फिर दोबारा सांस लेने से पहले चार सेकंड तक सांस रोकना शामिल है.
वह बताते हैं, "यह समय चार सेकंड से अलग भी हो सकता है, लेकिन सभी स्टेप का समय एक समान होना चाहिए."
यही चार बराबर स्टेप वाला पैटर्न इस तकनीक के नाम की वजह है.
स्टुअर्ट का कहना है कि बॉक्स ब्रीदिंग का इस्तेमाल किसी तनावपूर्ण काम या ऐसी घटना से पहले करना सबसे अच्छा है, जिससे आपको चिंता महसूस हो सकती है, जैसे परीक्षा या प्रेज़ेंटेशन.
इसे कितनी देर तक करना है, इसका कोई निश्चित समय नहीं है.
कुछ लोगों को कुछ मिनटों के बाद ही इसका सकारात्मक असर महसूस होता है, जबकि कुछ लोग इसे 15 मिनट तक करना पसंद करते हैं.
स्टुअर्ट के मुताबिक, ब्रीदवर्क की शुरुआत योग से हुई थी. मार्शल आर्ट जैसी दूसरी गतिविधियों में भी इसका इस्तेमाल सदियों से होता रहा है.
लेकिन आधुनिक समय में बॉक्स ब्रीदिंग लोकप्रिय हुई है, क्योंकि यह "दिमाग को एकाग्र करने के साथ-साथ हमारे नर्वस सिस्टम को संतुलित करने में मदद कर सकती है."
वह आगे कहते हैं, "अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो बॉक्स ब्रीदिंग करते हैं. वे किसी ख़तरनाक़ स्थिति में जाने से पहले इसका इस्तेमाल करते हैं."
स्टुअर्ट ने इंग्लैंड की फुटबॉल टीम को भी ब्रीदवर्क सिखाया है.
31 साल की मारिया अमेरिका की एक टेक कंपनी में प्रोग्राम मैनेजर हैं. वह सोने से पहले बॉक्स ब्रीदिंग करती हैं. रात में नींद खुलने के बाद दोबारा सोने की कोशिश करते समय भी वह इसका इस्तेमाल करती हैं.
उत्तरी अमेरिका में हाल ही में हुए एक अध्ययन में बॉक्स ब्रीदिंग के असर को देखा गया.
इसमें पाया गया कि यह ज़्यादा दबाव वाली परिस्थितियों का सामना कर रहे लोगों में हृदय गति और शरीर में तनाव से जुड़े अन्य लक्षणों में होने वाली बड़ी बढ़ोतरी को रोक सकती है.
जून में कंप्रिहेंसिव साइकोन्यूरोएंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित यह अध्ययन टेक्सस स्टेट यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ़ टोरंटो मिसिसॉगा के शिक्षाविदों ने किया था.
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे डॉक्टरों और नर्सों का इलाज करने वाली जीपी डॉक्टर हेलेन गार कहती हैं, "मैं अपने बहुत से मरीजों को बॉक्स ब्रीदिंग की सलाह देती हूं. यह तनाव से हमारी प्रतिक्रिया और हमारे नर्वस सिस्टम को नियंत्रित करने के लिए हमारे पास मौजूद सबसे असरदार और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित तरीक़ों में से एक है."
वह कहती हैं कि बॉक्स ब्रीदिंग का आख़िरी चरण, जिसमें सांस बाहर छोड़ने के बाद उसे रोककर रखा जाता है, सबसे बड़ा शारीरिक बदलाव पैदा करता है.
उनका कहना है, "आख़िरी बार सांस रोकने के दौरान हमारे शरीर के अंदर यह होता है कि हम कार्बन डाइऑक्साइड को शरीर में बनाए रखते हैं और जब हमारा दिमाग़ इसके बढ़े हुए स्तर का पता लगाता है, तो उसे घबराहट महसूस होती है. हमें सांस लेने की तेज़ इच्छा महसूस होती है."
वह कहती हैं कि आख़िरी बार सांस रोकने का यह अभ्यास हमारे शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड के बढ़े हुए स्तर से बेहतर तरीके से निपटने और महसूस हो रहे तनाव को कम करने में मदद करता है.
तनाव में लोग अलग तरीक़े से सांस लेते हैं, जिससे उनके शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में बदलाव होता है.
डॉक्टर गार कहती हैं, "बॉक्स ब्रीदिंग हमें खून और दिमाग में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में होने वाले बदलावों का आदी होने में मदद करती है. इससे घबराहट की भावनाओं से उबरने में मदद मिलती है."
तनाव को काबू में रखने का 'असरदार तरीका'
मारिया के विपरीत, ब्रिटनी लैम सोने से पहले बॉक्स ब्रीदिंग नहीं करतीं, बल्कि जागने के बाद करती हैं.
28 वर्षीय ब्रिटनी ने कैलिफ़ोर्निया स्थित अपने घर से बताया, "मैं हर सुबह करती हूं. असल में, मैंने आपके फ़ोन करने से ठीक पहले भी इसे किया था."
उन्हें कुछ साल पहले ऑनलाइन बॉक्स ब्रीदिंग के बारे में पता चला था, जब वह अपनी निजी जिंदगी में मुश्किल दौर से गुज़र रही थीं और उस तनाव से निपटने के तरीके तलाश रही थीं.
पूर्व सैनिकों से लेकर लाइफ़स्टाइल इन्फ्लुएंसर्स तक, बॉक्स ब्रीदिंग का इस्तेमाल करने वाले कई लोग बताते हैं कि दूसरे लोग इसे अपनी ज़िंदगी में कैसे अपना सकते हैं.
कुछ लोग, दूसरों के साथ अभ्यास करने के लिए एनिमेटेड गाइड भी पोस्ट करते हैं.
ब्रिटनी कहती हैं, "अगर आप चिंता महसूस करते हुए जागते हैं, तो यह आपको अपने शरीर से दोबारा जुड़ने और अपने दिमाग़ में चल रहे विचारों से बाहर निकलने में मदद करने वाला एक बहुत अच्छा तरीका है."
यह उन्हें अपने विचारों और भावनाओं पर नियंत्रण महसूस करने में मदद करता है, बजाय इसके कि वे उनके पूरे दिन को प्रभावित करें.
उन्हें यह तरीक़ा इतना असरदार लगा कि उन्होंने सांस लेने की दूसरी तकनीकों के बारे में भी सीखा और उन्हें लाइफ़ कोच के रूप में अपने काम में शामिल किया.
उन्होंने मनोविज्ञान में डिग्री की है और लाइसेंस प्राप्त थेरेपिस्ट बनने के लिए पढ़ाई कर रही हैं.
उनका कहना है, "जब मैं अपने क्लाइंट्स के साथ कॉल शुरू करती हूं, तो मैं उन्हें बॉक्स ब्रीदिंग करने को कहती हूँ. अगर हम जज़्बाती रूप से भारी मुद्दों पर बात कर रहे हैं, तो इससे उनके लिए यह थोड़ा आसान हो जाता है."
वह मानती हैं कि कुछ लोग इस बात को लेकर संदेह कर सकते हैं कि सांस लेने की तकनीकें तनावपूर्ण परिस्थितियों में वास्तव में कितना बदलाव ला सकती हैं, लेकिन वह लोगों से इन्हें आज़माने की अपील करती हैं.
उनका कहना है, "ब्रीदवर्क हर व्यक्ति के लिए एक जैसा काम करने वाला तरीक़ा नहीं है. आप जो महसूस कर रहे हैं या जिस दौर से गुज़र रहे हैं, उसके लिए कई अलग-अलग तरह की तकनीकें हैं."
वह आगे कहती हैं, "जिन 10 लोगों के साथ मैं काम करती हूं, उनमें से नौ कहते हैं कि इसके बाद वे वास्तव में काफी बेहतर महसूस करते हैं."
मारिया भी कुछ ऐसा ही महसूस करती हैं और उन्होंने तनाव भरे दौर से गुजर रहे कई दोस्तों और सहकर्मियों को बॉक्स ब्रीदिंग की सलाह दी है.
वेनेज़ुएला में आए भूकंपों में उनके क़रीबी परिवार के किसी सदस्य की मौत नहीं हुई. उन भूकंपों में कम से कम 6,300 लोगों के मारे जाने का अनुमान है.
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