अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे माता-पिता हिरासत में, कांग्रेस ने उठाए सवाल
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दिल्ली पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट पर हिरासत में ले लिया, जो उनकी बेटी की हत्या के मामले में न्याय की मांग कर रहे थे. कांग्रेस ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए मुख्य आरोपी दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है.
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अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में हत्या कर दी गई थी. मामले में तीन अभियुक्तों को मई 2025 में उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. दुष्यंत कुमार गौतम पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने एफ़आईआर दर्ज कराई थी और अक्टूबर 2024 में सिक्किम के राज्यपाल नियुक्त किए गए.
अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे माता-पिता हिरासत में, कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रकाशित 3 मिनट पहले
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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रातभर चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता-पिता समेत कई लोगों को इंडिया गेट पर हिरासत में ले लिया.
अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने को कांग्रेस ने 'बेबस मां-बाप के साथ 'बेरहमी से किया गाय एक्शन' बताया है. समाचार एजेंसी एएनआई के वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस विपक्ष के नेताओं और अंकिता के माता-पिता को एक बस बिठा रही है.
अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी मांग थी कि बेटी की हत्या के मामले में चल रही सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए.
उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी. भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंतरा टूरिस्ट रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं.
इस मामले में अपना नाम सामने आने के बाद बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए एफ़आईआर दर्ज कराई थी.
देहरादून के डालनवाला थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, दुष्यंत गौतम ने आरोप लगाया था कि हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ सुनियोजित आपराधिक साजिश रची थी.
दुष्यंत गौतम को केंद्र सरकार ने 12 अक्तूबर को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था.
कांग्रेस ने क्या कहा
अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "क्या एक्शन है यह? एक बेरहमी से किया हुआ बेबस मां-बाप के साथ एक्शन जो चार साल से न्याय मांग रहे थे. उनको न्याय देने के बजाय जो मुख्य आरोपी है उसको राज्यपाल बना रहे हैं और उसके बाद मां-बाप के साथ बेरहमी कर रहे हैं... कायर की तरह आकर सुबह 6:00 बजे से पहले लड़कियों को उठा रहे हैं यहां से. क्या ढंग है यह दिल्ली पुलिस का?"
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अंकिता भंडारी की मां ने कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं होती, तब तक वे विरोध करती रहेंगीं.
उन्होंने कहा, "हम ऐसे बैठे रहेंगे. चाहे हम अपने घर में रहेंगे. अगर हमें नहीं बैठने देंगे तो हम अपने घर में भूख हड़ताल में बैठ जाएंगे. हम सरकार को दुष्यंत की नियुक्ति निरस्त करनी पड़ेगी. अगर निरस्त नहीं करेगी तो पूरे भारतवर्ष में जनता सड़कों पर उतर जाएगी. इसकी जवाबदेही सरकार की होगी."
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की.
तीन अभियुक्त सजा काट रहे हैं
अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को मई 2025 में दोषी ठहराया गया और अब वे जेल में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे हैं.
हालांकि इस मामले की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शेखर सुयाल ने एक बार फिर से दावा किया है कि इस मामले में 'किसी वीआईपी' की कोई भूमिका नहीं थी.
अंकिता हत्याकांड के बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था. सुयाल उस वक़्त पौड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे और एसआईटी के सदस्य भी थे.
अंकिता हत्याकांड के बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था. सुयाल उस वक़्त पौड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे और एसआईटी के सदस्य भी थे.
सुयाल ने जनवरी 2026 में मीडिया से बातचीत में कहा, "18 से 22 सितंबर, 2022 के बीच रिसॉर्ट में ठहरने या बुकिंग कराने वाले हर व्यक्ति की हर पहलू से जांच की गई, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिली कि कोई व्यक्ति वास्तव में 'वीआईपी' था.
दुष्यंत गौतम ने लगाया था साजिश रचने का आर용
अंकिता भंडारी हत्या के मामले को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच पांच जनवरी को बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को ख़ारिज करते हुए एफ़आईआर दर्ज कराई थी.
देहरादून के डालनवाला थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, दुष्यंत गौतम ने आरोप लगाया है कि हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनके ख़िलाफ़ सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचा है.
याचिका में दुष्यंत गौतम ने अदालत से मांग की है कि उनके ख़िलाफ़ आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार पर रोक लगाई जाए और "सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट हटाने के निर्देश दिए जाएँ और भविष्य में इस तरह के आरोपों पर स्थायी रोक लगाई जाए."
दुष्यंत गौतम ने यह भी कहा है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की पूरी जांच, चार्जशीट और अदालत की कार्यवाही में कहीं भी उनका नाम सामने नहीं आया है.
उन्होंने अपनी एफ़आईआर में कांग्रेस पार्टी पर भी आरोप लगाए हैं.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा था
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों की सजा दिलाने के लिए आंदोलन होते रहे हैं.
इस साल जनवरी में जब राज्य में इस मामले को लेकर आंदोलन चल रहा था तब उत्तराखंड के सीएम
पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है.
What to Watch
AI outlook — possibilities, not facts
अंकिता के माता-पिता का प्रदर्शन जारी रहेगा जब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रद्द नहीं की जाती.
Likely · Within weeks
कांग्रेस इस मुद्दे को आगे बढ़ाकर सरकार पर दबाव बनाए रखेगी और possibly अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है.
Possible · Within months
Open Questions
- क्या दुष्यंत कुमार गौतम पर लगे आरोपों की जांच अभी भी चल रही है?
- क्या सीबीआई जांच में कोई नया सबूत सामने आया है?
- क्या अंकिता के माता-पिता का प्रदर्शन जारी रहेगा?
- क्या सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर कोई कानूनी चुनौती होगी?





