Breaking
CRYPTO-FRNvidia rachète Hugging Face pour 12,9 milliards de dollarsDESturzflut an der Grenze zwischen Nepal und China fordert mindestens 160 TodesopferAUFire at Pakistan hospital kills 14 infantsFRNetflix diffusera un aperçu exclusif de GTA 6CN尼泊爾與中國邊境山區發生大規模山崩與洪災,至少165人喪生ESGrupo de hackers Jabaroot filtra datos de 70.000 agentes de seguridad marroquíesITNepal: 157 morti per alluvioni al confine con il TibetTRYPG, sözde özerk yönetimini ve askeri yapılarını feshettiğini duyurduCN韓國央行宣布升息0.25個百分點,基準利率調升至3.00%DEHandelskonflikt: Kanada kündigt Vergeltungszölle gegen USA anCRYPTO-FRNvidia rachète Hugging Face pour 12,9 milliards de dollarsDESturzflut an der Grenze zwischen Nepal und China fordert mindestens 160 TodesopferAUFire at Pakistan hospital kills 14 infantsFRNetflix diffusera un aperçu exclusif de GTA 6CN尼泊爾與中國邊境山區發生大規模山崩與洪災,至少165人喪生ESGrupo de hackers Jabaroot filtra datos de 70.000 agentes de seguridad marroquíesITNepal: 157 morti per alluvioni al confine con il TibetTRYPG, sözde özerk yönetimini ve askeri yapılarını feshettiğini duyurduCN韓國央行宣布升息0.25個百分點,基準利率調升至3.00%DEHandelskonflikt: Kanada kündigt Vergeltungszölle gegen USA an
NewsgatherNewsgather
All StoriesWorldSportsFinanceTechScience
Sign In
All StoriesWorldSportsFinanceTechScienceHealthCultureClimatePoliticsSpace
NewsgatherNewsgather

Real-time global news intelligence. Curated by humans, powered by data.

Sections

All StoriesWorldSportsFinanceTechScience

More

HealthCultureClimatePoliticsSpace

Company

AboutEditorial StandardsAdvertisingCareersPressContact

©️ 2026 Newsgather. A product by All Software 24. All rights reserved.

Privacy PolicyCookie PolicyImprintTerms of UseContent and Editorial PolicyRemoval RequestAdvertising PolicyContact
Back|नेपाल में भोटेकोशी नदी में बाढ़: चीन से 'पूर्व चेतावनी' ना मिलने के आरोपों पर क्या है स्थिति?
नेपाल में भोटेकोशी नदी में बाढ़: चीन से 'पूर्व चेतावनी' ना मिलने के आरोपों पर क्या है स्थिति?
Developing
BBC हिंदी·2 hours ago·World·6 min read·🇮🇳India

नेपाल में भोटेकोशी नदी में बाढ़: चीन से 'पूर्व चेतावनी' ना मिलने के आरोपों पर क्या है स्थिति?

नेपाल और चीन के बीच आपदा प्रबंधन और सीमा पार सूचना साझा करने की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल।

Quick Look

नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से 160 से अधिक लोगों की मौत हुई है। नेपाल में चीन पर पूर्व चेतावनी न देने के आरोप लग रहे हैं, जिन्हें चीनी दूतावास ने खारिज किया है। विशेषज्ञ सीमा पार आपदा चेतावनी प्रणाली की कमी को बड़ी चुनौती मान रहे हैं।

AI-generated summary

Why It Matters

नेपाल और चीन के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर पिघलने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। 2016 में भी रसुवागढ़ी में ऐसी ही बाढ़ आई थी।

Font size

नेपाल के भोटेकोशी नदी में बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने तीन ज़िलों में भारी तबाही मचाई.

इसमें अब तक 160 से ज़्यादा लोगों की मौतों की पुष्टि की जा चुकी है जबकि सुरक्षा बलों के जवान और विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं.

इतनी बड़ी तबाही की आशंका की जानकारी ना नेपाल और ना ही चीन की तरफ़ से दी जा सकी थी.

नेपाल और चीन के बीच मौसम संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था होने के बावजूद, इस हालिया घटना के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं मिली थी. नेपाल के जल और मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी.

हालांकि नेपाल में मौजूद चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन वायरल ख़बरों का खंडन किया जिनमें दावा किया जा रहा है कि चीन ने नेपाल को हादसे के बारे में पूर्व चेतावनी नहीं दी जिसकी वजह से नेपाल में इतनी तबाही मची.

एक्स पर जारी एक पोस्ट में चीनी दूतावास ने इन ख़बरों को फ़ेक बताया और लिखा, "26 अगस्त को नेपाल में भूकंप या ग्लेशियर ढहने से भूकंप जैसी स्थिति बन गई जिससे भूस्खलन हो गया और कई लोगों की मौत हो गई. इसके कारण नेपाल और चीन दोनों ही तरफ़ कई लोग लापता भी हो गए."

बुधवार की घटना के कुछ घंटे बाद चीन के प्रधानमंत्री ली चियांग ने तिब्बत में हुई आपदा में महत्वपूर्ण नुक़सान होने की बात कहते हुए राहत और बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया था.

नेपाल में बाढ़ क्यों आई, इसे लेकर मौसम विभाग भी कुछ ठोस नहीं बता रहा है.

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक विभूति पोखरेल ने कहा था, "इस बाढ़ के कारण के बारे में हम चीनी अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन अभी तक वे भी यह नहीं बता पाए हैं कि इसकी वजह क्या है. यह भी पता नहीं है कि घटना नेपाल में हुई या तिब्बत की तरफ़."

2016 में भी रसुवागढ़ी में भीषण बाढ़ आई थी, तब विशेषज्ञों ने कहा था कि अगर दोनों देशों के बीच समय पर सूचना का आदान-प्रदान हुआ होता तो जान-माल के नुक़सान को कम किया जा सकता था. उन्होंने सरकार से इस दिशा में ध्यान देने की अपील की थी.

चीन ने क्या कहा?

पूरे मामले पर नेपाल में चीन के दूतावास ने एक बयान जारी किया है और सूचना शेयरिंग नहीं करने के आरोपों को ख़ारिज किया है.

चीनी दूतावास ने अपने बयान में कहा है, ''रसुवा-ग्यिरोंग सीमा क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ से चीन बेहद दुखी है और वह नेपाल को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा. शुरुआती जानकारी के अनुसार, नेपाल की तरफ़ आए भूकंप के कारण हिमस्खलन और मलबे का बहाव हुआ, जिससे सीमा के दोनों ओर लोगों की मौत हुई और कई लोग लापता हैं.''

चीनी दूतावास ने कहा, ''भविष्य में हम मौसम, जल विज्ञान और भूगर्भीय जोखिमों से जुड़ी सूचनाओं का बेहतर आदान-प्रदान, ख़ासकर सीमा पार होने वाली आपदाओं के मामले समन्वय मज़बूत करेंगे. नेपाल और चीन पड़ोसी देश हैं और भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. इसलिए इस आपदा से सबक लेते हुए दोनों देशों को अपनी तैयारियों को मज़बूत करना चाहिए, ताकि सीमा के दोनों ओर लोगों की जान और संपत्ति की बेहतर सुरक्षा हो सके.''

बीबीसी के पर्यावरण संवाददाता नवीन सिंह खड़का क्या कहते हैं?

बाढ़ कहाँ से शुरू हुई, ये बड़ा सवाल है. मुझे लगता है कि नेपाल और तिब्बत के बीच कहीं कोई लोकेशन है. अब भी लोग पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. मुझे चीन की तरफ़ से ज़्यादा कुछ पता नहीं चल रहा है. इसे मडस्लाइड भी कहा जा रहा है.

लेकिन मैं जिन ग्लेशियोलॉजिस्ट्स से संपर्क कर रहा हूँ, वो बता रहे हैं कि यह शायद कोई रॉक और आइस का एवलांच हो सकता है, जिसने नीचे आकर नदी को रोक दिया था. बाद में जब पानी बहुत बढ़ा, तब वो फट गया. लेकिन यह कन्फर्म करना बाक़ी है कि यही हुआ या नहीं.

इसमें परेशानी यह है कि अभी मॉनसून का सीजन है तो बादल काफ़ी हैं. सैटेलाइट इमेजेस क्लियर नहीं आ रहे हैं. देखना बाक़ी है कि एग्जैक्टली कहाँ है, लेकिन यह सीमावर्ती इलाक़े से आया है."

"यह हिमालयन रेंज है. ईस्टर्न हिमालय, सेंट्रल हिमालय, वेस्टर्न में इंडिया का है, उसके बाद काराकोरम आता है. नेपाल में ईस्टर्न हिमालय और सेंट्रल हिमालय का कुछ भाग होता है और वो तिब्बत में भी फैला हुआ है. वहां 7 से 8 हज़ार मीटर ऊंचे पहाड़ हैं. वहां से बहुत सारी नदियां आती हैं.

जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर्स काफ़ी तेज़ी से पिघल रहे हैं. इसकी वजह से पहाड़ काफ़ी कमज़ोर हो रहे हैं, क्योंकि जो बर्फ़ होती थी, वो सीमेंट का काम करती थी. अब वो तेज़ी से पिघल रही है, चट्टान नीचे आ रहे हैं. इसीलिए हम इतने सारे डर्बिस फ्लो देखते हैं.

पहले से ही भौगोलिक स्थिति मुश्किल थी, जलवायु परिवर्तन की वजह से ये सारी जगहें काफ़ी अस्थिर हो गई हैं. और जब स्थिति अस्थिर होती है, तो चट्टान और सेडिमेंट्स नीचे आते हैं, नदियां उन्हें कुछ देर रोकती हैं, फिर वो फूट जाते हैं और नीचे आकर ये तबाही मचाते हैं.

2016 में भी ऐसी ही बाढ़ आई थी, वो दूसरी भोटेकोशी थी. वहाँ दो भोटेकोशी हैं. वो पूरब की ओर थी. चीन की तरफ़ से तब भी कोई जानकारी नहीं दी गई थी.

अभी तकरीबन 10 साल बाद जब मैं आज अधिकारियों से पूछ रहा हूँ, तो वो कहते हैं कि हमें कोई जानकारी नहीं आती है.

मैं इसकी वजह जानने की कोशिश कर रहा हूँ कि ऐसा क्यों होता है. भूगोल तो कठिन है ही, लेकिन यह भी मुश्किल सवाल है कि इतने सारे पहाड़ और ग्लेशियर्स की मॉनिटरिंग हो सकती है या नहीं? ये प्रश्न आ रहे हैं.

उससे भी महत्वपूर्ण बात है कि इस जानकारी की शेयरिंग होती है या नहीं. ट्रांस-बाउंड्री, क्रॉस-बॉर्डर, जो चीन या तिब्बत से नेपाल में आना चाहिए, फिर नेपाल से इंडिया में जाना चाहिए. यह ट्रांस-बाउंड्री कम्यूनिकेशन हो पा रहा है या नहीं? यूएन हमेशा अर्ली वार्निंग की बात कर रहा है आपदा के संदर्भ में, लेकिन यह हम यहां नहीं देख रहे हैं और यह काफ़ी चिंता का विषय है."

सूचना शेयरिंग क्यों नहीं?

भोटेकोशी नदी में इससे पहले आई बाढ़ के बाद ज़िला आपदा प्रबंधन समिति की ओर से तैयार रिपोर्ट में भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने की सिफ़ारिश की गई थी.

रिपोर्ट में कहा गया था, "चीन और नेपाल के सीमा क्षेत्र में स्थित हिम झीलों और नदियों में से ज़्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग किया जाना चाहिए."

"यह प्रणाली बाढ़, हिम झील फटने या अन्य संभावित आपदाओं के बारे में पहले से जानकारी उपलब्ध कराकर जान-माल के नुक़सान को कम करने में मदद करेगी."

रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया था कि "चीन से लगी सीमा पर मौजूद हिम झीलों और जलस्रोतों से पैदा होने वाले जोखिम को ध्यान में रखते हुए, अंतरराष्ट्रीय समन्वय पर आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करना बेहद ज़रूरी है."

तिब्बत की तरफ़ मौसम संबंधी कोई घटना होने पर नेपाल को सूचना देने की क्या व्यवस्था है?

वरिष्ठ मौसमविद् विभूति पोखरेल ने बीबीसी नेपाली से कहा, "सूचना आने की व्यवस्था है. लेकिन अगर घटना उसी जगह हुई है, तो सवाल यह है कि क्या वहाँ भी इसकी जानकारी थी."

उन्होंने कहा, "मौसम से जुड़ी इस बात पर भी पहले चर्चा हुई थी कि अब सूचना दी जाएगी. लेकिन सूचना देने के लिए पहले सूचना का होना भी ज़रूरी है."

आपदा प्राधिकरण की प्रवक्ता शांति महत ने कहा कि चीन के साथ सीमा पार सूचना के आदान-प्रदान को लेकर बातचीत की जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, "चूंकि यह घटना दूसरी तरफ़ हुई थी, इसलिए हमें बाढ़ आने के बाद ही इसके बारे में पता चला. ऐसी समस्याएं बढ़ रही हैं, इसलिए हमें लगता है कि चीन सरकार और नेपाल सरकार के बीच एक समझौता करके इस दिशा में आगे बढ़ने की ज़रूरत है."

बुधवार की बाढ़ की घटना के कुछ घंटे बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा था कि बाढ़ नियंत्रण की मौजूदा स्थिति बेहद संवेदनशील चरण में है.

सीसीटीवी के मुताबिक़, राष्ट्रपति शी ने सभी क्षेत्रों और संबंधित एजेंसियों से ज़्यादा सतर्कता बरतने के साथ जोखिम और ख़तरों की पहचान कर उन्हें दूर करने के प्रयास तेज़ करने को कहा था.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

सूचना के आदान-प्रदान में सरकार की भूमिका पर विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर चीन में हिमनद टूटने या किसी अन्य वजह से नेपाल में बाढ़ आने की आशंका हो तो सूचना देने की व्यवस्था के लिए नेपाल सरकार को चीनी पक्ष के साथ पहल करनी चाहिए.

पुल्चोक इंजीनियरिंग कैंपस के आपदा अध्ययन केंद्र के निदेशक वसंत अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "सीमा पार हिमनद टूटने की जो समस्या है, उसमें नेपाल सरकार को ही चीनी सरकार के साथ सरकारी स्तर पर समन्वय करके पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करनी चाहिए और ऐसा किया जा सकता है."

उन्होंने कहा, "अगर आधिकारिक तौर पर चीन सरकार के साथ इसे आगे बढ़ाया जाए तो मुझे लगता है कि चीन सरकार ऐसी पूर्व सूचना देने में सहयोग करेगी. अभी सूचना का आदान-प्रदान नहीं हो रहा है."

उन्होंने कहा कि इसके लिए भू-उपग्रह के ज़रिए निगरानी केंद्र स्थापित करना होगा. चूंकि तिब्बत की तरफ़ हिमनद से पैदा होने वाली किसी समस्या का असर नेपाल पर पड़ सकता है, इसलिए नेपाल को ख़ुद इस दिशा में सक्रियता दिखानी होगी.

त्रिभुवन विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान केंद्रीय विभाग के सहायक प्रोफेसर सुदीप ठाकुर भी मानते हैं कि सीमा पार सूचना का आदान-प्रदान होने से जान-माल के बड़े नुक़सान को कम किया जा सकता है.

उन्होंने कहा, "नेपाल-चीन या नेपाल-भारत के बीच पूर्व सूचना देने की व्यवस्था अभी उतनी स्थापित नहीं हो पाई है. इसके लिए कोई स्पष्ट तंत्र ही नहीं है."

What to Watch

AI outlook — possibilities, not facts

  • नेपाल और चीन के बीच आपदा सूचना साझा करने के लिए द्विपक्षीय समझौते पर बातचीत शुरू होगी।

    Likely · Within months

Open Questions

  • ?बाढ़ का सटीक उद्गम स्थल नेपाल है या तिब्बत?
  • ?सीमा पार पूर्व चेतावनी प्रणाली कब तक स्थापित हो पाएगी?

Related Topics

People
Organizations
Places
Topics
This article was originally published by BBC हिंदी.

Quick Look

नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से 160 से अधिक लोगों की मौत हुई है। नेपाल में चीन पर पूर्व चेतावनी न देने के आरोप लग रहे हैं, जिन्हें चीनी दूतावास ने खारिज किया है। विशेषज्ञ सीमा पार आपदा चेतावनी प्रणाली की कमी को बड़ी चुनौती मान रहे हैं।

AI-generated summary

Story signals

News tone
Sensitive
Emotional intensity
High
News value
High
Urgency
Developing
Follow-up likelihood
Certain
Relevance window
Days

Source & Reliability

Source
BBC हिंदी
Story type
Hard news
Source quality
Full
Published
2 hours ago
Last updated
2 hours ago

Related Stories

More on this topic
Two pilots killed in training aircraft crash near Kanpur
Developing·1 hour ago

Two pilots killed in training aircraft crash near Kanpur

Two pilots, instructor Sachin Bhatia and trainee Abhishek Pujari, died when their twin-engine training aircraft crashed in a field near Nathupurwa village, Kanpur, on Thursday. The plane, operated by Garg Aviation, went down shortly after takeoff.

Times of India
2 min read
सीरिया में इसराइल और तुर्की के बीच बढ़ता टकराव: क्या ईरान की जगह ले रहा है अंकारा?
Developing·1 hour ago

सीरिया में इसराइल और तुर्की के बीच बढ़ता टकराव: क्या ईरान की जगह ले रहा है अंकारा?

सीरिया में ईरान का प्रभाव कम होने के बाद इसराइल और तुर्की के बीच सीधा टकराव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तुर्की की बढ़ती सैन्य क्षमता और नेटो सदस्यता इसराइल के लिए नई भू-राजनीतिक चुनौतियां पेश कर रही है, जबकि नेतन्याहू सरकार की आक्रामक नीति पर सवाल उठ रहे हैं।

BBC हिंदी
7 min read
न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम पर विवाद, मेयर ज़ोहरान ममदानी ने जताया विरोध
Developing·1 hour ago

न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम पर विवाद, मेयर ज़ोहरान ममदानी ने जताया विरोध

न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर मेयर ज़ोहरान ममदानी ने विरोध जताया है। इस आयोजन को लेकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय दो धड़ों में बंटा हुआ है, जहाँ एक ओर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे एक समावेशी संवाद बताया जा रहा है।

BBC हिंदी
5 min read
China rejects Nepal's 'dam collapse' claim
Developing·1 hour ago

China rejects Nepal's 'dam collapse' claim

The Chinese embassy in Nepal has dismissed claims that a geological dam collapse in China caused deadly mudslides in Nepal, labeling the allegations as fake news and attributing the disaster to an earthquake-induced glacier collapse on the Nepali side.

TOI World
1 min read
नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से तबाह हुए कई इलाके
BREAKING·2 hours ago

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से तबाह हुए कई इलाके

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से भारी तबाही हुई है। इस आपदा में 95 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और 403 लोग लापता हैं, जिनमें 100 से अधिक भारतीय नागरिक शामिल हैं। बाढ़ का असर नेपाल और चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ा है।

BBC हिंदी
1 min read
नेपाल: भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, 165 से अधिक लोगों की मौत
BREAKING·2 hours ago

नेपाल: भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, 165 से अधिक लोगों की मौत

नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से कम से कम 165 लोगों की मौत हो गई है। भूकंप के कारण हुए हिमस्खलन से नदी का बहाव रुकने से यह आपदा आई, जिससे रसुवा और नुवाकोट ज़िलों में भारी तबाही हुई है। सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें विदेशी पर्यटक और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।

BBC हिंदी
5 min read
More on this topic
नेपाल
चीन
भोटेकोशी
नेपाल
ली चियांग
विभूति पोखरेल
नवीन सिंह खड़का
शांति महत
चीनी दूतावास
नेपाल जल और मौसम विज्ञान विभाग
बीबीसी
त्रिभुवन विश्वविद्यालय
भोटेकोशी नदी
तिब्बत
रसुवागढ़ी
चीन
भोटेकोशी
बाढ़
आपदा
जलवायु परिवर्तन
नेपाल
नेपाल