उबर को 380 करोड़ रुपये का मुआवज़ा देने का आदेश, हाइवे पर छोड़े जाने के बाद महिला की हुई थी मौत
कैलिफ़ोर्निया में एक उबर ड्राइवर द्वारा हाइवे पर कार से उतारे जाने के बाद 23 वर्षीय एमिली नॉर्मंडिन-पार्कर की गाड़ी की टक्कर से मौत हो गई थी।
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कैलिफ़ोर्निया हाइवे पर उबर ड्राइवर द्वारा उतारे जाने के बाद मारी गई 23 वर्षीय एमिली नॉर्मंडिन-पार्कर के परिवार को उबर को 4 करोड़ डॉलर (380 करोड़ रुपये) का मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है।
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Why It Matters
कैलिफ़ोर्निया के एक हाइवे पर उबर की सवारी के दौरान ड्राइवर द्वारा उतारे जाने के बाद एमिली नॉर्मंडिन-पार्कर की गाड़ी की टक्कर से मौत हो गई थी।
उबर को 23 वर्षीय एक महिला के परिवार को 4 करोड़ डॉलर (380 करोड़ रुपए) का मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है.
महिला की मौत कैलिफ़ोर्निया के एक हाइवे पर हुई थी. आरोप है कि उबर ड्राइवर ने गाड़ी रोककर उसे कार से बाहर निकलने के लिए कहा था.
अदालती दस्तावेज़ों के मुताबिक़, एमिली नॉर्मंडिन-पार्कर ने 12 अगस्त 2023 को एक दोस्त के साथ घर जाने के लिए उबर बुक की थी. रास्ते में उनकी दोस्त की तबीयत ख़राब हो गई और उसने कार में ही उल्टी कर दी.
एमिली के माता-पिता ने बताया कि ड्राइवर ने हाइवे के किनारे गाड़ी रोक दी. उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राइवर ने दोनों महिलाओं को जबरन कार से बाहर निकाल दिया. इसके बाद उसी हाइवे पर ही एक दूसरी गाड़ी ने एमिली को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई.
उबर ने दलील दी थी कि ड्राइवर कंपनी का कर्मचारी नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र ठेकेदार था. इसलिए कंपनी उसके काम के लिए ज़िम्मेदार नहीं थी.
एमिली के माता-पिता ने एक बयान में कहा, "एमिली ने उबर की ओर से यात्रियों को दी गई सभी हिदायतों का पालन किया था. उसने गाड़ी न चलाने का ज़िम्मेदार फ़ैसला लिया और गाड़ी बुक की. हमें भरोसा था कि उबर उसे सुरक्षित घर पहुंचाएगी. इसी भरोसे की क़ीमत हमारी बेटी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी."
एमिली कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिल्स से ग्रेजुएट थीं.
परिवार की ओर से मुक़दमा लड़ रही लॉ फ़र्म पैनिश, शीया, रविपुडी के मुताबिक़, जज रिचर्ड स्टोन ने पांच दिन की मध्यस्थता के बाद उबर को एमिली के माता-पिता को मुआवज़ा देने का आदेश दिया.
मध्यस्थता किसी विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने का एक तरीक़ा है. इसमें एक योग्य मध्यस्थ की मदद ली जाती है. इस मामले में मध्यस्थ एक रिटायर्ड जज थे.
परिवार के वकीलों ने कहा कि महिलाओं को हाइवे पर छोड़ने के बाद ड्राइवर वू ट्रान ने उनके लिए मदद नहीं मांगी. इसके बजाय, उसने गाड़ी रोककर उबर को फ़ोन किया और एमिली से सफ़ाई का शुल्क लेने की मांग की.
जज स्टोन ने कहा, "ट्रान ने अपने यात्रियों की तुलना में अपनी नई कार की ज़्यादा चिंता की". उन्होंने कहा कि ट्रान हाइवे से बाहर निकलकर महिलाओं को किसी सुरक्षित जगह पर छोड़ सकता था.
उबर ने कहा कि उसका मानना है कि मध्यस्थ ने कंपनी को इस घटना के लिए क़ानूनी तौर पर ज़िम्मेदार ठहराकर ग़लती की है.
कंपनी ने एक बयान में कहा, "हमने सुरक्षा विशेषज्ञों से मिली जानकारी के आधार पर नई तकनीक, नीतियों और सुरक्षा उपायों के ज़रिए सुरक्षा को लेकर अपना काम लगातार बेहतर किया है. इसमें ड्राइवरों को असुरक्षित जगहों पर यात्रियों को उतारने से बचने के बारे में अतिरिक्त जानकारी देना भी शामिल है."
परिवार की ओर से मुक़दमा लड़ रही लॉ फ़र्म ने कहा कि उबर ने शुरुआत में एक करोड़ डॉलर (95 करोड़ रुपए) के समझौते का प्रस्ताव दिया था. इसके तहत एमिली के माता-पिता को पैसे दिए जाते, लेकिन उन्हें इस घटना के बारे में बात नहीं करने की शर्त माननी पड़ती. परिवार ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया.
Open Questions
- क्या उबर ड्राइवर पर कोई आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा?
- क्या कंपनी ड्राइवरों की सुरक्षा नीतियों में कोई बड़ा बदलाव करेगी?

