ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ दिल्ली से लेकर पटना और बेंगलुरू तक में प्रदर्शन
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन दिल्ली में तीसरे दिन भी जारी है। राहुल गांधी ने सरकार पर देश को हाइजैक करने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने राजघाट के पास धारा 163 लागू कर दी है।
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Why It Matters
विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन तीसरे दिन 8 अक्तूबर को भी जारी है.
विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसद दिल्ली में प्रदर्शन से पहले दोपहर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आयोजित लंच में शामिल हुए.
लंच के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर गांधी स्मारक राजघाट के लिए रवाना हुए. विपक्ष ने वहां शांतिपूर्ण धरना देने की बात कही है. समाजवादी पार्टी, शिवसेना-यूबीटी और एनसीपी-एसपी के सांसद भी आज की बैठक में शामिल हुए.
राहुल गांधी ने राजघाट के लिए रवाना होने से पहले कहा, "राज्य सभा और लोकसभा के 300 सांसद पीसफ़ुल प्रोटेस्ट करना चाह रहे हैं. दो दिन से हमें प्रोटेस्ट नहीं करने दिया जा रहा है. पहले दिन हमें इलेक्शन कमीशन के दफ़्तर के सामने रोका. उसके बाद हमने कहा कि हम जंतर-मंतर जा रहे हैं. वहां जाने से भी रोका. हमारे लोगों को मारा."
उन्होंने आरोप लगाया, "नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने आपराधिक षडयंत्र करके हिन्दुस्तान को हाइजैक किया है. संविधान को नष्ट किया है. वोट चोरी की है. ये हमारी गारंटी है कि इन चारों को हम इंसाफ़ के कटघरे में लाएंगे."
प्रदर्शनों का तीसरा दिन
विपक्ष की मुख्य मांग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की है. विपक्ष एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है.
राहुल गांधी और विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर उनकी चिंताओं का जवाब मिलना चाहिए.
पिछले दो दिनों में प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस और विपक्षी सांसदों के बीच टकराव की स्थिति बनी. 6 अक्तूबर को विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था.
इसके बाद राहुल गांधी समेत कई सांसदों ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया. 7 अक्तूबर को विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में लिया.
6 अक्तूबर के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ नेताओं के ख़िलाफ़ एफआईआर भी दर्ज की गई है. उन पर पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं.
इधर, गुरुवार को राजघाट पर प्रदर्शन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने वहां भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगा दिए हैं. राजघाट और आसपास के इलाक़े में सुरक्षा बढ़ाई गई है और बड़ी संख्या में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.
विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाक़ात का समय मांगा है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक़, विपक्षी नेताओं ने 2 अक्तूबर को पहली चिट्ठी भेजी थी और 5 अक्तूबर को नेताओं के नामों के साथ दोबारा अनुरोध किया था. 8 या 9 अक्तूबर को राष्ट्रपति से मिलने का समय चाहता है.
विपक्ष का कहना है कि वह ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े तक अपना आंदोलन जारी रखेगा.
दूसरी तरफ़, चुनाव आयोग और बीजेपी विपक्ष के आरोपों को ख़ारिज करते रहे हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि एसआईआर मतदाता सूची को अपडेट और साफ़ करने की प्रक्रिया है, जबकि विपक्ष इसे लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है.
What to Watch
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विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगा।
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Open Questions
- क्या राष्ट्रपति विपक्षी नेताओं से मुलाक़ात के लिए समय देंगी?
- पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर का आगे क्या परिणाम होगा?





