
बिहार के जमुई ज़िले में 19 सितंबर की शाम को नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है। एफ़आईआर बीएनएस और पोक्सो की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। घटना के संबंध में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जिसमें विपक्ष ने सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।
AI-generated summary
बिहार के जमुई ज़िले में 19 सितंबर की शाम को नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। घटना के समय दोनों कोचिंग जा रहे थे और फोटोशूट के लिए गए थे। पुलिस ने वीडियो के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की और जांच शुरू की।
प्रकाशित 21 सितंबर 2026, 14:53 IST
अपडेटेड 2 मिनट पहले
पढ़ने का समय: 8 मिनट
बिहार के जमुई ज़िले से एक नाबालिग़ छात्रा के यौन उत्पीड़न और एक नाबालिग़ छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तीन संदिग्ध नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया गया है.
जमुई पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करना), 76/3(5) (महिला को निर्वस्त्र करना) और पोक्सो की धारा 08/12 (बच्चों के यौन उत्पीड़न) के तहत एफ़आईआर दर्ज की है.
बिहार पुलिस की एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के. सुहिता अनुपमा ने इस मामले में कहा है कि "नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ फ़ोटो खींचने गई थी, उस गांव में रहने वाले कुछ लोगों ने लड़की के साथ छेड़खानी की है."
के. सुहिता अनुपमा ने बताया है कि तीन नाबालिग किशोरों को हिरासत में लिया गया है, इस घटना में दो और लोगों की भूमिका का पता चला है.
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने इस वीडियो की पुष्टि करते हुए कहा है कि अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है और वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई है.
वहीं जमुई एसपी ने मीडिया को बताया है कि वायरल वीडियो 19 सितंबर की शाम सात बजे का है, जब दोनों छात्र-छात्रा कोचिंग के लिए गए थे.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है कि बिहार के जमुई का वीडियो बेहद परेशान करने वाला है.
आरजेडी नेता और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज़िम्मेदार ठहराया है.
छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें
सबसे अधिक पढ़ी गईं
समाप्त
जमुई की विधायक और राज्य की मंत्री श्रेयसी सिंह ने मीडिया से कहा है कि तीन लोग गिरफ़्तार हो चुके हैं और सभी लोगों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा और राज्य सरकार ऐसे मामलों को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है.
उन्होंने लोगों से अपील की है कि "पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी तस्वीर, वीडियो या अन्य सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा न करें."
दूसरी ओर बिहार की गठबंधन सरकार में सहयोगी जेडीयू ने विपक्ष के सवालों पर कहा है कि वो लालू प्रसाद यादव के शासनकाल को याद करे.
क्या है मामला
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया
देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.
एपिसोड
समाप्त
वायरल वीडियो में नाबालिग़ छात्र-छात्रा एक स्कूटर पर बैठे हुए हैं और युवकों की भीड़ ने उन्हें घेर रखा है.
इसी दौरान छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया जा रहा है. वहीं छात्र युवकों के समूह से छात्रा को बचाने की कोशिश कर रहा है.
इस वायरल वीडियो को लेकर जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने मीडिया से बात की है.
उन्होंने कहा, "आज सुबह (21 सितंबर) को एक वीडियो संज्ञान में आया था जिसमें दो नाबालिग स्टूडेंट के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. वीडियो के आधार पर ही हमने विक्टिम की पहचान की, उनका बयान रिकॉर्ड किया गया और उसी से पता चला कि ये घटना 19 सितंबर को शाम सात बजे के आसपास की है. जिसमें ये लड़का और लड़की कोचिंग के लिए गए हुए थे."
"उसी दौरान वो उस क्षेत्र में फ़ोटोशूट करने गए थे जहां पर ये घटना हुई है. ये जमुई थानाक्षेत्र की घटना है. अभियुक्तों की पहचान हो गई है और क़ानूनी कार्रवाई कर रहे हैं. जल्द ही इस मामले में गिरफ़्तारी हो जाएगी. पीड़ितों ने कोई भी आधिकारिक शिकायत नहीं दी थी लेकिन जब आज उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने आवेदन दिया जिस पर एफ़आईआर दर्ज की है."
"छह-सात लोग वायरल वीडियो के फ्रेम में दिख रहे हैं. एफ़आईआर में किसी का नाम नहीं है और जांच से ही अभियुक्तों की पहचान की गई है."
लालू के शासनकाल का दिया हवाला
इस घटना पर विपक्ष के सवालों पर जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह ने कहा है कि "बिहार में महिलाएं सुरक्षित हैं, अपने सहयोगी लालू प्रसाद यादव से पूछें कि उनके शासनकाल में सूर्यास्त के बाद कोई महिला घर से बाहर निकलना नहीं चाहती थी."
वहीं जेडीयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी लालू प्रसाद यादव के दो दशक पुराने शासनकाल का हवाला देते हुए कहा है कि "आज कोई भी छिटपुट घटना घटती है तो सरकार उसको लेकर संवेदनशील है. लेकिन 2005 से पहले के आरजेडी के शासनकाल को याद करिए कि कैसा बिहार था, कोई घर से बाहर नहीं निकलता था. लोग अपनी ज़िंदगी को किसी तरह काट रहे थे. आज कोई घटना घटी है तो प्रशासन आज एक्शन ले रहा है."
उमेश सिंह कुशवाहा का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वो 'छिटपुट घटना' का ज़िक्र कर रहे हैं.
इस बयान पर उमेश सिंह कुशवाहा ने एक्स पर लिखा है, "हमारे बयान को कुछ लोगों द्वारा तोड़ मरोड़कर एवं संदर्भ से काटकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है. मेरा आग्रह है कि बयान के किसी एक हिस्से के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय पूरा बयान सुना जाए."
कुशवाहा के इस बयान पर आरजेडी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "बड़ी बड़ी निर्लज्ज सरकारों में 'ऐसी छिटपुट घटनाएं घटती रहती हैं.' यह तो कैमरा था, रिकॉर्ड हो गया तो निर्लज्ज सरकार से नकारते नहीं बन रहा, अन्यथा सम्राट सरकार में ऐसी जघन्य घटनाएं रोज़ होती रहती हैं जिसे एनडीए के बेशर्म 'छिटपुट' घटनाएं बताते रहते हैं."
राहुल गांधी ने पूछे सवाल
इस वीडियो पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज़ हो गई हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है, "बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है. 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में ज़बरदस्ती रोक लिया गया. उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया. बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे ग़लत तरीक़े से छूते और खींचतान करते रहे."
"इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक़ किसने दिया? यह 'संस्कृति' नहीं है, यह पितृसत्ता है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है. जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही क़ानून है."
"उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर पोक्सो के तहत मुक़दमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सज़ा मिलनी चाहिए. और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम सात बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?"
बिहार में मंत्री और जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने इस घटना पर बयान दिया है. उन्होंने मीडिया से कहा, "जमुई में जिस तरह की घटना हुई है वो समाज को शर्मसार कर देने वाली घटना है. 19 तारीख़ की शाम ये हुआ था और प्रशासन के पास इसकी एफ़आईआर दर्ज नहीं कराई गई थी."
"प्रशासन ने सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों और वीडियो का संज्ञान लेते हुए एफ़आईआर दर्ज की. तत्परता के साथ सिर्फ़ इस पर कार्रवाई नहीं हुई बल्कि अभी तीन गिरफ़्तारियां हो चुकी हैं. मैंने जमुई के प्रशासन को निर्देशित किया है कि जो भी दोषी लोग हैं, उनको भी टावर लोकेशन से पकड़कर उनकी गिरफ़्तारी करें. सरकार गंभीर है और मुख्यमंत्री जी ने ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है."
वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, "बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो चुकी है. बिहार में अब कहीं भी, कभी भी कोई भी छात्रा और महिला सुरक्षित नहीं है. गुंडे अपराधी अब दिनदहाड़े स्कूलों, कॉलेज और घरों में घुसकर अपराध कर रहे हैं."
"महिलाओं को 10 हज़ार रुपये नगद देकर और चुनाव बाद दो लाख रुपये ओर देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री ऐसी घटनाओं पर मौनी बाबा बन चुके हैं. एनडीए सरकार में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों पर अत्याचार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है."
"बिहार का खजाना लुटाकर तथा महिलाओं को 2 लाख रुपये देने का लालच देकर नीतीश कुमार तो चार महीने में ही अपना झोला-झंडा उठाकर चल दिए. विधानसभा चुनाव के अंतिम 35 दिनों में बिहार के खजाने से ही एक बीमार मुख्यमंत्री से 41 हज़ार करोड़ रुपये बंटवाकर तथा तंत्र व यंत्र से विजय हासिल कर घमंड में डूबे बीजेपी के दो शीर्ष नेता नौसिखिए हाथों में बिहार की बागडोर देकर, पता नहीं बिहार से किस जुर्म का बदला ले रहे हैं?"
"बिहार के इस हालात के अकेले ज़िम्मेवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं. भाजपा और उनकी पिछलग्गु पार्टियों को ऐसी घटनाओं पर शर्म भी नहीं आती."
बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने मीडिया से कहा है कि उन्होंने इस बारे में जमुई डीएम से बात की है और उनसे विस्तृत जानकारी ली है.
उन्होंने कहा, "डीएम ने बताया है कि ये घटना लखीसराय और जमुई के बॉर्डर पर हुई है. डीएम ने बताया है कि उन लोगों को चिन्हित कर लिया गया है और एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है. जो भी कार्रवाई होगी वो इस बारे में जानकारी देंगे, और मैं इस बारे में एसपी को भी चिट्ठी लिखूंगी और ईमेल करूंगी."
इस घटना को लेकर बिहार की गठबंधन सरकार में सहयोगी एलजेपी (आर) ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. इसमें पार्टी ने लिखा है, "जमुई में दो नाबालिगों के साथ हुई दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ की घटना अत्यंत पीड़ादायक और निंदनीय है. इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं."
"पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है और दोषियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, कानून अपना काम करेगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा."
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह
AI outlook — possibilities, not facts
जमुई पुलिस घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी।
Very likely · Within days
बिहार सरकार घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए नए कदम उठा सकती है।
Possible · Within weeks

Nandan Yadav, the main accused of sexual violence against minors in Jamui, Bihar, has been arrested by the police after an encounter. Police have registered a case under POCSO and IT Act against 120 social media accounts that made the video viral.

Bihar Police has arrested the main accused of sexual violence with a minor student in Jamui after an encounter, who was shot in the leg. Police have also warned of strict action against those who made the video viral.

A case of gang rape of a 17-year-old minor has come to light in Aastha Kunj Park near Kalkaji Temple in South Delhi. After the encounter, the police have arrested the main accused Asif, who was shot in the leg.

Following the death of a student in the hostel at IIT Bombay on September 18, the college removed Professor Suryanarayan Dulla as dean. The family has filed an FIR alleging caste discrimination and abetment of suicide.

After the video of sexual harassment and assault of a minor student in Bihar's Jamui district went viral on social media, the police have arrested three accused and registered an FIR against unknown people.

IIT Bombay has apologized for its earlier statement regarding the student's death. On the complaint of the parents of the deceased student, the police have registered an FIR under the SC-ST Act and started investigation, while the students demonstrated on the campus.