
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बांध टूटने की खबरों का खंडन किया है, जबकि बचाव कार्य जारी है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी में पानी और मिट्टी के बहाव के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ है। नेपाल में मरने वालों की संख्या 489 तक पहुंच गई है और 900 से अधिक लोग लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने बांध टूटने की खबरों को खारिज करते हुए इसे पानी का ओवरफ्लो बताया है।
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बुधवार को हुए भूस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी में बाढ़ और मलबे के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। क्षेत्र में भारी बारिश के कारण झील का जलस्तर बढ़ रहा है।
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएम) ने बताया है कि चीन की तरफ बांध टूटने की उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.
बीबीसी न्यूज़ नेपाली के मताबिक़, अथॉरिटी के प्रवक्ता शांति महत ने कहा, "भोटेकोशी नदी में बाढ़ और मिट्टी का बहाव बढ़ा है, लेकिन बांध टूटने की उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है."
इससे पहले नेपाल पुलिस ने कहा था कि जानकारी मिली है कि तिब्बत की ओर बनाया गया पानी का बांध फिर से टूट गया है.
पुलिस ने बचाव और राहत के काम में लगे सभी सुरक्षाकर्मियों, बचाव दल के लोगों और आम जनता से सतर्क रहने को कहा था.
एनडीआरआरएम को जानकारी मिली है कि आज फिर उसी इलाके में पानी के साथ मिट्टी का बहाव थोड़ा बढ़ गया है, जहां रसुवा में भोटेकोशी नदी में भारी बाढ़ आई थी. वहां फिर से बाढ़ आने का खतरा है.
अथॉरिटी ने कहा, "ख़तरे वाले इलाकों में रहने वाले सभी लोगों से बहुत सतर्क रहने और किसी भी ख़तरे के संकेत दिखने पर तुरंत सुरक्षित जगह जाने की अपील की जाती है."
चीन में झील से पानी का ऑवरफ़्लो रुका
वहीं दूसरी ओर, चीन के सरकारी मीडिया ने बताया कि बांध टूटा नहीं था, बल्कि बांध के ऊपर से पानी बह गया था. हालांकि, अब इसके रुकने की जानकारी सामने आई है.
सरकारी टीवी चैनल के अनुसार, पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था. इसके चलते अधिकारियों ने इलाके में बचाव का काम रोक दिया था और स्थिति पर नजर रखी जा रही थी.
लेकिन अब पानी का बाहर निकलना रुक गया है और बचावकर्मियों ने फिर से बचाव का काम शुरू कर दिया है.
समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने यह भी बताया है कि आने वाले घंटों में स्थिति को बेहतर तरीके से समझने के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं.
अधिकारी नेपाल और तिब्बत के बीच स्थित ग्यिरोंग पोर्ट के ऊपर की तरफ पानी के बढ़ते स्तर पर लगातार नज़र रख रहे हैं. बुधवार को हुए भूस्खलन के दौरान कीचड़ और पानी के तेज़ बहाव ने इस सीमा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया था.
कई घंटों से हो रही भारी बारिश के बाद मलबे के बीच बनी झील का पानी लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों को आशंका है कि आने वाले दिनों में नीचे के इलाकों में फिर भारी बाढ़ आ सकती है.
सीमा के तिब्बत वाले हिस्से में 550 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें करीब 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं. लापता लोगों में वे श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो तिब्बत के पवित्र माउंट कैलाश की यात्रा पर जा रहे थे.
झील से बढ़ते ख़तरे की वजह से अब राहत और बचाव टीमों के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ लापता लोगों की तलाश और दूसरी तरफ संभावित नई बाढ़ से लोगों को सुरक्षित रखना.
उत्तरी नेपाल में फिर बाढ़ आने की चेतावनी दी जा रही है. बचाव और राहत के काम में लगे कर्मचारी लोगों को ऊंची जगहों पर ले जा रहे हैं.
बीबीसी की दक्षिण एशिया संवाददाता आज़ादेह मोशिरी ने बताया, "हम भी त्रिशूली नदी से ऊपर एक इलाक़े में पहुंचे हैं, जहां लोग सुरक्षित रहने के लिए इकट्ठा हुए हैं और ख़तरा टलने का इंतज़ार कर रहे हैं. जिस होटल में हम ठहरे थे, उसके मैनेजर भी हमारे साथ हैं. सेना वहां पहुंची थी और उसने उन्हें होटल खाली करने को कहा था."
इस बीच, त्रिशूली में सेना की बैरक में हर कुछ मिनट में हेलिकॉप्टर उतर रहे हैं. वे बचे हुए लोगों को लेकर आ रहे हैं, जिनमें से कुछ घायल हैं.
बाहर दर्जनों लोग अपने परिवार के लोगों की ख़बर मिलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं या किसी जाने-पहचाने चेहरे के आने की उम्मीद में खड़े हैं.
कुछ लोग दीवार पर लगे काग़ज़ों के आसपास भीड़ लगाए हुए हैं. इन काग़ज़ों पर उन लोगों के नाम लिखे हैं, जिन्हें ढूंढ लिया गया है.
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बचाव दल लापता लोगों की तलाश जारी रखेंगे।
Very likely · Within days
A Himalayan collapse triggered a rapid flood that traveled 200km from the Nepal-Tibet border, causing fatalities in Nepal and reaching Maharajganj, India. Authorities issued warnings after the surge had already entered the river system.

नेपाल में विनाशकारी फ़्लैश फ़्लड से 469 लोगों की मृत्यु हो गई है और 977 लोग लापता हैं। आपदा के बाद चीन द्वारा समय पर चेतावनी न देने के आरोपों पर विवाद बढ़ गया है, हालांकि चीनी दूतावास ने इन दावों का खंडन किया है और सहयोग का वादा किया है।

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 332 लोगों की मौत हो गई है और 900 से अधिक लापता हैं। लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 300 भारतीय शामिल हैं। ईशा फ़ाउंडेशन के 80 तीर्थयात्रियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। रसुवागढ़ी सीमा चौकी का इलाका सबसे अधिक प्रभावित है।

नेपाल के रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद तमिलनाडु और पुडुचेरी के 100 से अधिक तीर्थयात्री फंस गए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 21 लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है, जबकि अन्य के परिवारों ने सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील की है।

नेपाल में बाढ़ के कारण 389 लोगों की मौत हो गई है और 910 लोग लापता हैं। लापता लोगों में विदेशी नागरिक, नेपाल सेना और पुलिस के कर्मी शामिल हैं। भारत और चीन समेत कई देश राहत कार्यों में जुटे हैं।
Nepal declined foreign search and rescue team offers after flash floods along the Bhotekoshi and Trishuli river systems killed at least 469 people and left hundreds missing, relying instead on domestic security forces.